देहरादून नगर निगम के लिए OUTSIDER हैं उत्तराखंड के मूल निवासी
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देहरादून नगर निगम के लिए OUTSIDER हैं उत्तराखंड के मूल निवासी
इंटरनेट के इस दौर में देहरादून नगर निगम ने मुनादी करके वेंडिंंग ज़ोन के लिए आवेदन मांगे.

वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्र शेखर तिवारी कहते हैं कि नगर निगम को वेंडिंग ज़ोन बनाने का अधिकार ही नहीं है. ये अपनी ज़मीन पर ही वेंडिंग ज़ोन बना सकते हैं और वह भी स्थाई नहीं.

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उत्तराखंड के लिए पलायन सबसे बड़ा मुद्दा है और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक यहां आकर पलायन रोकने का वादा करके गए हैं. उत्तराखंड की बीजेपी सरकार रिवर्स पलायन के वादे के साथ सत्ता में आई है और कांग्रेस भी चुनाव में यही वादा लेकर उतरती है. लेकिन राज्य सरकार के सभी दावों को उत्तराखंड की अस्थाई राजधानी देहरादून का नगर निगम पलीता लगा रहा है. देहरादून नगर निगम राज्य के मूल निवासियों को ‘आउटसाइडर’ बता रहा है और सालों से शहर की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक में लग रही अवैध मंडी को लीगल करने जा रहा है. हालांकि कानून के जानकार निगम की इस योजना को अति ग़ैरक़ानूनी बता रहे हैं.

देहरादून में मसूरी बाइपास रिंग रोड पर स्थित 6 नंबर पुलिया से अंबीवाला गुरुद्वारा तक प्रमुख ज़िला मार्ग पर सड़क, फ़ुटपाथ और सर्विस लेन पर एक सब्ज़ी मंडी लगती है. इस अवैध सब्ज़ी मंडी की जगह अब नगर निगम एक वेंडिंग ज़ोन बनाने जा रहा है. इसके लिए निगम ने चुने गए रेहड़ी वालों से 1.08,000 रुपये ले रहा है जिसमें से 30,000 वसूले भी जा चुके हैं. सबसे ज़्यादा दिलचस्प यह जानना है कि निगम किस आधार पर यहां बनने वाले वेंडिंग ज़ोन के लिए लोगों का चयन कर रहा है.

मूल निवासी हैं आउटसाइडर्स



पढ़िए देहरादून नगर निगम के कर अधीक्षक विनय प्रताप सिंह से यह बातचीत...



 

Dehradun 6 number pulia vending zone, विनीत उन ख़ुशनसीब लोगों में से एक हैं जिन्हें नगर निगम वेंडिंग ज़ोन में जगह आबंटित कर रहा है.
विनीत उन ख़ुशनसीब लोगों में से एक हैं जिन्हें नगर निगम वेंडिंग ज़ोन में जगह आबंटित कर रहा है.


न्यूज़ 18: इस वेंडिंग ज़ोन में जगह के लिए किस आधार पर आवेदन किया जा सकता है.

विनय प्रताप सिंह: जो दसियों साल से यहां रेहड़ी लगा रहे हैं वही आवेदन कर सकते हैं.

न्यूज़ 18: लेकिन नगर निगम यह पता कैसे लगाएगा के ये लोग दसियों साल से रेहड़ी लगा रहे हैं?

विनय प्रताप सिंह: हमने उन लोगों के फ़ोटो खींचे हैं. 

न्यूज़ 18: लेकिन वह फ़ोटो तो अभी के होंगे. आपको यह कैसे पता लगेगा कि कोई दसियों साल से रेहड़ी वहां लगा रहा है, जो कि वैसे अवैध है.

विनय प्रताप सिंह: नहीं जो नया आता है मंडी वाले (जो संभवतः कुछ रेहड़ी वालों का समूह या गिरोह है) उसे आने ही नहीं देते हैं. हमारे पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई, इसलिए मान लिया गया.

 

Dehradun 6 number pulia vending zone, निगम ने चुने गए रेहड़ी वालों से 1.08,000 रुपये ले रहा है जिसमें से 30,000 वसूले भी जा चुके हैं.
निगम ने चुने गए रेहड़ी वालों से 1.08,000 रुपये ले रहा है जिसमें से 30,000 वसूले भी जा चुके हैं


न्यूज़ 18: अगर मैं जो उत्तराखंड का मूल निवासी हूं और देहरादून में रहता हूं, मैं वेंडिंग ज़ोन में जगह के लिए आवेदन करना चाहूं तो?

विनय प्रताप सिंह: नहीं आउटसाइडर्स इसमें अप्लाई नहीं कर सकते.

न्यूज़ 18: उत्तराखंड का मूल निवासी और जो अभी यहां रह भी रहा है, मैं उसकी बात कर रहा हूं.

विनय प्रताप सिंह: देखिए वेंडिंग ज़ोन कमेटी ने जो तय कर दिया, वही फ़ाइनल है. आप ऊपर बात कीजिए. 

मुनादी कर मांगे आवेदन

उत्तराखंड का मूल निवासी आउडसाइडर! बहरहाल मैं समय लेकर देहरादून नगर-निगम के मेयर सुनील उनियाल गामा से मिला. उन्होंने इस ख़बर पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया लेकिन यह भी कहा कि आप कुछ भी छाप सकते हैं. चयन के आधार को लेकर उन्होंने कोई ऐतराज़ नहीं जताया. आप भी पढ़िए उनसे संक्षिप्त बातचीत...

 

Dehradun 6 number pulia vending zone, निगम ने चुने गए रेहड़ी वालों से 1.08,000 रुपये ले रहा है जिसमें से 30,000 वसूले भी जा चुके हैं.
देहरादून के मेयर सुनील उनियाल गामा को डर है कि और प्रचार करते तो यहां हज़ारों लोग आ जाते.


न्यूज़ 18: आपने आवेदन कैसे मांगे, क्योंकि मैंने कोई विज्ञापन नहीं देखा था.

सुनील उनियाल गामा: आपको पता नहीं होगा कि छह नंबर पुलिया के पास महीने भर से ज़्यादा मुनादी करवाई गई है, जिसे आना था वह आ गया.

न्यूज़ 18: अगर कोई ऐसा व्यक्ति जो वहां मौजूद नहीं है (जैसे कि 6 नंबर पुलिया से 200-250 मीटर दूर चाइनीज़ फ़ूड की वैन लगाने वाले टिहरी के राहुल धनै), उसे कैसे पता चलता. क्या आपने किसी और ज़रिए से इसका प्रचार किया.

सुनील उनियाल गामा: और प्रचार करते तो यहां हज़ारों लोग आ जाते. 

न्यूज़ 18: इसमें क्या ग़लत था. आप क्राइटीरिया तय करते और उसमें फ़िट होने वाले लोगों को लेते.

सुनील उनियाल गामा: देखिए मुझे इसमें कोई बाइट नहीं देनी है. आपको जो छापना है, छापो.

Dehradun 6 number pulia vending zone, ये अवैध मंडी सड़क, फ़ुटपाथ और सर्विस लेन पर लगती है.

6 नंबर पुलिया से शुरु होने वाली मंडी अब डेढ़-दो किलोमीटर दूर अंबीवाला गुरुद्वारे तक जाती है. ये अवैध मंडी सड़क, फ़ुटपाथ और सर्विस लेन पर लगती है.बता दें कि नगर निगम चुनाव के प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जब नगर निगम प्रत्याशी सुनील उनियाल गामा के पक्ष में प्रचार कर रहे थे तो उन्होंने नगर निकाय को विकास का तीसरा इंजन बताते हुए बीजेपी के लिए वोट मांगा था. वादा किया गया था कि बीजेपी देहरादून नगर निगम में भी जीत गई तो विकास कार्य तेज़ होंगे.

नगर निगम को वेंडिंग ज़ोन बनाने का अधिकार नहीं

वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्र शेखर तिवारी इस मामले पर कहते हैं कि देहरादून नगर निगम उत्तराखंड की मूल भावनाओं के ख़िलाफ़ काम कर रहा है. 6 नंबर पुलिया पर रेहड़ी लगाने वाले सभी अन्य राज्यों के हैं. इनकी लॉबी ऐसी है कि यहां उत्तराखंड के मूल निवासी को घुसने ही नहीं दिया जाता.

 

Dehradun 6 number pulia vending zone, धर्मपुर से रायपुर जाने वाली सड़क देहरादून का प्रमुख ज़िला मार्ग है और बेहद व्यस्त सड़क है. शाम को यहां भारी जाम लगता है.
धर्मपुर से रायपुर जाने वाली सड़क देहरादून का प्रमुख ज़िला मार्ग है और बेहद व्यस्त सड़क है. शाम को यहां भारी जाम लगता है.


इसके अलावा महत्वपूर्ण बात यह भी है कि नगर निगम को यहां वेंडिंग ज़ोन बनाने का अधिकार ही नहीं है. नगर-निगम या नगर पालिका अपनी ज़मीन पर ही वेंडिंग ज़ोन बना सकते हैं और वह भी स्थाई नहीं. वह सिर्फ़ वहां रेहड़ी लगाने का अधिकार दे सकते हैं जो सीमित समय के लिए हो ताकि रेहड़ी वालों को पुलिस परेशान न करे. इसके एवज में नगर निकाय को कुछ टैक्स लेने का अधिकार है लेकिन वह सड़क पर या ऐसी जगह वेंडिंग ज़ोन नहीं बना सकता जहां ट्रैफ़िक बाधित हो या किसी निवासी के अधिकार का हनन होता हो.

सरकारी ज़मीन पर अतिक्रमण कर रहा है निगम

तिवारी बताते हैं कि जिस जगह पर देहरादून नगर निगम वेंडिंग ज़ोन बनाने की बात कर रहा है वहां इसके बनने की कतई भी संभावना नहीं है. वह शहर की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक है. उसके पीछे फ़ुटपाथ है और फिर सर्विस लेन. इसके बाद लोगों के घरों-दुकानों के आगे अवैध रूप से ठेलियां लगाई गई हैं.

तिवारी अचरज जताते हैं कि जिस निगम की ज़िम्मेदारी अतिक्रमण हटाना है वह खुद ही सरकारी ज़मीन पर अतिक्रमण कर रहा है. निगम पांच साल के लिए दुकान के नाम पर शेड लगाने की बात कर रहा है जो उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर है. इस तरह वह सरकारी ज़मीन पर स्थाई अतिक्रमण का इंतज़ाम कर रहा है. तिवारी कहते हैं कि नगर निगम के इस अवैध प्रयाग को कोर्ट में चुनौती ज़रूर दी जाएगी.

 

Dehradun 6 number pulia vending zone, पूर्व फौजी विनोद भारद्वाज की अपनी ज़मीन पर बनी दुकानों के आगे भी नगर निगम रेहड़ियों को जगह आबंटित कर रहा है.
पूर्व फौजी विनोद भारद्वाज की अपनी ज़मीन पर बनी दुकानों के आगे भी नगर निगम रेहड़ियों को जगह आबंटित कर रहा है.


पूर्व फौजी हैं परेशान

विनोद कुमार भारद्वाज का घर इसी सड़क पर है. उन्होंने सड़क की तरफ़ तीन दुकानें निकाली हैं जिनसे उन्हें कुछ किराया हासिल होता है. अब निगम उनके घर के बाहर तक वेंडिंग ज़ोन के नाम पर दुकानें अलॉट कर रहा है.

भारद्वाज कहते हैं कि वह रिटायर्ड फौजी हैं और उनके बच्चे बेरोज़गार हैं. उन्होंने कई बार निगम से यह आग्रह किया है कि उनकी दुकानों के आगे रेहड़ियों को इजाज़त न दी जाए क्योंकि इसके बाद कोई उनकी दुकान किराए पर नहीं लेगा. लेकिन निगम सुनने को तैयार नहीं है.

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