उत्तराखंडः Corona टेस्ट के बाद ही शुरू होगी पढ़ाई, आवासीय विद्यालय खोलने के लिए SOP जारी

उत्तराखंड के आवासीय विद्यालयों में 5 नवंबर से दसवीं और बारहवीं की क्लासेज शुरू हो सक्ती हैं.
उत्तराखंड के आवासीय विद्यालयों में 5 नवंबर से दसवीं और बारहवीं की क्लासेज शुरू हो सक्ती हैं.

निजी आवासीय विद्यालय खोलने से पहले वहां के सभी कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं का COVID-19 टेस्ट 72 घंटे पहले होना चाहिए. इस टेस्ट की रिपोर्ट जनपद के मुख्य शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में जमा करानी होगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 25, 2020, 7:26 AM IST
  • Share this:
देहरादून. उत्तराखंड सरकार (Uttarakhand Government) 5 नवंबर 2020 से राज्य के आवासीय स्कूलों (Residential schools) में कक्षा 10 और 12 की पढ़ाई फिर से शुरू करने के लिए कई मानक जारी किए हैं. उत्तराखंड के माध्यमिक शिक्षा विभाग (Secondary education department) की ओर से जारी किए गए इन मानकों में कहा गया है कि निजी आवासीय विद्यालयों को खोलने से पहले विद्यालय के सभी कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं का कोविड-19 (Covid-19) टेस्ट होना चाहिए. यह टेस्ट 72 घंटे पहले होना चाहिए. इस टेस्ट की रिपोर्ट विद्यालय खोलने के आवेदन के साथ संबंधित जनपद के मुख्य शिक्षा अधिकारी के कार्यलय में जमा करानी होगी.

मुख्य शिक्षा अधिकारी को करना होगा स्कूल का दौरा

आवेदन मिलने के 48 घंटे के भीतर जनपद के मुख्य शिक्षा अधिकारी नगर मजिस्ट्रेट या उप जिलाधिकारी के साथ विद्यालय का मौका मुआयना करेंगे. मुख्य रूप से वे छात्रावास में विद्यार्थियों के सोशल डिस्टेंसिंग संबंधित सुविधाओं की जांच करेंगे. इसके साथ ही आवासीय विद्यालय में भोजन बनाने और उसके वितरण की व्यवस्था की वे जानकारी लेंगे. ये अधिकारी सुनिश्चित कराएंगे कि आवासीय विद्यालय परिसर सैनेटाइज किया जाए.



स्कूल प्रबंधन को देना होगा शपथ पत्र
स्कूल गए मुख्य शिक्षा अधिकारी को आवासीय विद्यालय के प्रबंधन से इस बात का शपथ पत्र लेना होगा कि उनका स्कूल शासन द्वारा जारी मानकों का पालन करेगा. आवासीय विद्यालय के सारे शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारियों के रहने की व्यवस्था आवासीय परिसर में ही हो.



सरकार ने कई और दिशा-निर्देश जारी किए हैं.
सरकार ने कई और दिशा-निर्देश जारी किए हैं.


क्वारंटाइन परिसर बनवाना होगा स्कूलों को
आवासीय विद्यालय में क्वारंटाइन परिसर स्थापित किए जाएंगे. ये क्वारंटाइन परिसर विद्यार्थी, शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारियों हेतु अलग अलग होंगे. अगर कोई विद्यार्थी क्वारंटाइन अवस्था में आता है तो उसकी सुरक्षा और भोजन के प्रबंध के साथ साथ ऑनलाइन अध्ययन की सुविधा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी संबद्ध विद्यालय की होगी. इन निर्देशों के अलावा सरकार ने कई और दिशा-निर्देश जारी किए हैं. विस्तृत निर्देश आप नीचे दी गई तस्वीर में पढ़ सकते हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज