केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम के विकास को लेकर PM मोदी की समीक्षा बैठक, उत्तराखंड सरकार से मांगी डेटलाइन
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केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम के विकास को लेकर PM मोदी की समीक्षा बैठक, उत्तराखंड सरकार से मांगी डेटलाइन
केदारनाथ में हो रहे विकास कार्यों पर पीएमओ की खास नजर है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने बाबा केदारनाथ (Baba Kedarnath) और बाबा बद्री धाम के विकास को लेकर आज उत्‍तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत (CM Trivendra Singh Rawat) समेत कई अधिकारियों से बैठक की.

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  • Last Updated: September 9, 2020, 9:02 PM IST
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नई दिल्‍ली/ देहरादून. बाबा केदारनाथ (Baba Kedarnath) और बाबा बद्री धाम के विकास को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत (Chief Minister Trivendra Singh Rawat) के साथ राज्‍य के पर्यटन और धर्मार्थ मंत्री सतपाल महाराज, मुख्य सचिव ओमप्रकाश, प्रदेश के पर्यटन सचिव और केंद्रीय कैबिनेट सचिव भाग लेने के लिए पीएमओ पहुंचे थे.

केदारनाथ में हो रहे विकास कार्यों पर पीएमओ की खास नजर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशेष रूचि केदारनाथ धाम में है. बतौर पीएम वह कई बार केदारनाथ मंदिर दर्शन के लिए भी पहुंचे हैं, तभी वर्चुअल तरीके से केदारनाथ में हो रहे विकास कार्यों पर पीएमओ ने विशेष बनाकर रखी है. आज हुई बैठक में सबसे पहले केदारनाथ धाम के विकास पर ही चर्चा की गई और बाकायदा डेटलाइन के आधार पर पूछा गया कि कौन सा काम कब तक पूरा हो जाएगा ? बैठक मौजूद रहे प्रदेश के मुख्य सचिव ने बैठक के बाद कहा कि पीएम ने समीक्षा बैठक में सभी बिन्दुओ पर चर्चा की कार्य कब तक पूरा होगा जानकारी ली है, जैसे मंदाकिनी नदी पर पुल के निर्माण से लेकर अनेक विकास कार्य पहले ही पूर्ण हो चुके हैं. इसके अलावा सरस्वती नदी पर घाटों का निर्मा, आस्था पथ और उस पर लाइटिंग का कार्य 15 अक्टूबर तक पूरा होगा.

तय हुई डेटलाइन
पुरोहितों के लिए बन रहे 5 आवास भी 15 अक्टूबर तक पूरे कर लिए जाएंगे. मंदाकिनी नदी पर बन रहे पुल का कार्य 21 मार्च 2021 तक की डेडलाइन पर पूर्ण किया जाएगा. ध्यान गुफाओं का कार्य 15 अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा. शंकराचार्य के नाम पर बन रहे विशेष स्थान और उनकी मूर्ति का प्रोटोटाइप अप्रैल 2021 तक बना लिया जाएगा. इसके अलावा केदारनाथ में सीएसआर फंड से 117 करोड़ की अन्य प्रोजेक्ट पर भी काम चल रहा है, जिसमें ब्रहमवाटिका का विकास किया जाएगा. जायका का कार्यक्रम के तहत वन विभाग को इसके लिए अतिरिक्त धन दी जाएगी. भूमि अधिग्रहण का कार्य भी जल्द ही शुरू होगा. वन विभाग से एनओसी ली जाएगी, आध्यात्मिक होमस्टे बनाए जाएंगे और कोशिश होगी कि केदार खाटी के रोम रोम में ओम नमः शिवाय का उद्घोष हो.







बद्रीनाथ के विकास का ब्लूप्रिंट तैयार
बद्रीनाथ के विकास का ब्लूप्रिंट भी आज की बैठक में तैयार किया गया, जिसके लिए केंद्र सरकार और सीएसआर के माध्यम से फिलहाल 481 करोड़ की धनराशि जारी की जाएगी. दो चरण में बद्रीनाथ के लिए मास्टर प्लान तैयार किया गया है ,जो 2025 तक पूरा हो जाएगा. विकास कार्य कुछ इस तरह से किया जाएगा जिससे परंपराओं के साथ-साथ संस्कृति के पीछे की वैज्ञानिक तथ्यों को भी दिखाया जा सके.
>> पहले चरण में मंदिर के आसपास की सरकारी भवनों को हटाया जाएगा. केदारनाथ की तर्ज पर बद्रीनाथ मंदिर के आसपास के क्षेत्र का विकास होगा.
>>दूसरे चरण में बद्रीनाथ के आसपास की निजी भवनों को भी हटाया जाएगा, जिसके लिए उचित मुआवजा दिया जाएगा.
>>पर्यटन नहीं तीर्थ स्थान के रूप में बद्रीनाथ क्षेत्र का विकास होगा, जिसमें मूलभूत सुविधाएं रहेंगी लेकिन विलासिता नहीं.
>>बद्रीनाथ का विकास आध्यात्मिक स्मार्ट सिटी के रूप में होगा. देश के लिए मॉडल बनेगी बद्रीनाथ स्प्रिचुअल मिनी स्मार्ट सिटी.

चार धाम कनेक्टिविटी पर जोर
केदारनाथ बद्रीनाथ समेत चार धाम कनेक्टिविटी के लिए ऑल वेदर रोड पर भी तेजी से काम चल रहा है. हाई पावर कमेटी के पास भागीरथ इको सेंसिटिव जोन में भी काम करने की मंजूरी कोर्ट के फैसले के बाद आ चुकी है. इससे भी बद्री केदार क्षेत्र में जल्दी विकास कार्य करने में मदद मिलेगी.
केदार और बद्री की विकास परियोजनाओं में केंद्रीय आर्थिक सहायता के साथ-साथ सीएसआईआर के फंड का इस्तेमाल करने पर भी गहन मंथन किया गया. साथ ही इस बात पर भी बल दिया कि संस्कृति के न्यूतन ज्ञान का वैज्ञानिक आधार भी दिखाया जा सके. म्यूजियम के तौर पर केदारनाथ और बद्रीनाथ क्षेत्र में अलग-अलग लोकेशन का चयन किया जाएगा.
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