बिहार सरकार के इस ऐलान से उत्तराखंड के डाकघरों में क्यों लग रही लंबी कतार, जानें वजह
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बिहार सरकार के इस ऐलान से उत्तराखंड के डाकघरों में क्यों लग रही लंबी कतार, जानें वजह
बिहार सरकार ने प्रवासियों को सहायता राशि देने की घोषणा की है. (प्रतीकात्मक फोटो)

उत्तराखंड (Uttrakhand) की राजधानी देहरादून (Dehradun) में इन दिनों बिहार (Bihar) के प्रवासी मजदूरों की लंबी लाइन पोस्ट ऑफिस में खाता खोलने के लिए लगी हुई है.

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देहरादून. उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में इन दिनों बिहार के प्रवासी मजदूरों की लंबी लाइन पोस्ट ऑफिस में खाता खोलने के लिए लगी हुई है. बिहार सरकार ने इन प्रवासियों की लॉकडाउन के दौरान सहायता करने के लिए 1000 रुपए देने की घोषणा की है. इस घोषणा के बाद ये प्रवासी पोस्ट ऑफिस में अपना खाता खोलना चाहते हैं, ताकि इस योजना का उन्हें लाभ मिल सके.

इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में बिहार से आए प्रवासी मजदूरों के दो हजार से ज्यादा खाते खोले जा चुके हैं. वरिष्ठ डाक अधीक्षक अनसुईया प्रसाद ने यह जानकारी दी. बिहार की रहने वाली शोभा देवी अपने टोकन नंबर 72 के साथ देहरादून में घंटाघर के पास जनरल पोस्ट ऑफिस (जीपीओ) के बाहर खड़ी मिलीं, जबकि उनके पति राजकुमार पासनाथ वहां से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर सहारनपुर चौक के एक अन्य डाकघर में लाइन में लगे हुए थे. बिहार के रहने वाले इन प्रवासी मजदूरों के लंबी लाइन में लगने का कारण नीतीश सरकार के द्वारा मिलने वाली एक हजार रुपए की सहायता राशि है.

इस तरह की लंबी लाइन देहरादून के ज्यादातर डाकघर में देखी जा सकती है. लॉकडाउन लागू होने के कारण बिहार की नीतीश सरकार ने इन प्रवासियों को कैश ट्रांसफर करने की योजना बनाई है. जिसका लाभ देश के कई राज्यों में मौजूद लोग उठा सकते हैं.



हर दिन खुल रहे 400 पोस्टल खाते
वरिष्ठ डाक अधीक्षक अनसुईया प्रसाद ने बताया कि यहां हर दिन 400 से ज्यादा पोस्टल खाते खोले जा रहे हैं. इसके अलावा जिन लोगों ने अपना खाता खोल लिया है, वो पैसे निकालने के लिए लाइन में खड़े हैं. देहरादून के जीपीओ पर काफी भीड़ होने के कारण यहां के तीस अन्य पोस्ट ऑफिस में खाता खोलने की अनुमति दी गई है. देश के अन्य राज्यों के लोग भी पोस्ट ऑफिस में अपना खाता खोल रहे हैं. उन्‍हें उम्‍मीद है कि उनकी प्रदेश सरकार भी कोइ योजना शुरू कर सकती है. बताया जा रहा है कि केवल देहरादून में प्रवासी मजदूरों के 2000 से ज्यादा खाते खोले गए हैं.

20 लाख लोगों को मिला है योजना का लाभ
बिहार में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रमुख सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि इस योजना का लाभ लेने के लिए 25 लाख लोगों ने अपना पंजीकरण करवाया है. सीएम सहायता निधि अब तक लगभग 20 लाख लोगों को इसका लाभ मिला है.

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