मन्त्रियों के दरबार हुए फ्लॉप, अब डीएम सुनेंगे ज़िलों में शिकायतें

Mukesh Kumar | News18India
Updated: November 14, 2017, 8:34 PM IST
मन्त्रियों के दरबार हुए फ्लॉप, अब डीएम सुनेंगे ज़िलों में शिकायतें
file photo: मदन कौशिक जनता दरबार में
Mukesh Kumar | News18India
Updated: November 14, 2017, 8:34 PM IST
प्रदेश में मन्त्रियों के जनता दरबार फ्लॉप साबित हो रहे हैं. भाजपा दफ्तर और विधानसभा में सरकार ने मन्त्रियों की ड्यूटी जन सुनवाई के लिए लगाई थी लेकिन यहां फरियादियों की संख्या कम ही रही. जिलों में भी मन्त्रियों ने कुछ खास नहीं किया और फरियादी शासन के चक्कर काटते रहे. अब जिलों में शिकायत निवारण शिविर लगाए जाएंगे.

प्रदेश के लगभग सभी जिलों में सामान्य समस्याओं का भी निस्तारण नहीं हो रहा है. आम जनमानस की समस्याओं का निस्तारण स्थानीय स्तर पर न होने से उन्हें शासन के चक्कर काटने पड़ रहे हैं. मुख्य सचिव ने जिला स्तर पर बरती जा रही इस लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है और हर सोमवार को शिकायत निवारण शिविर लगाने को कहा है.

उत्तराखंड के जिलों में अफसरों का मोह जन सुनवाई से भंग हो गया है. अधिकारियों की अनदेखी के चलते ही लोगों को देहरादून में शासन स्तर पर अपनी फरियाद लेकर जाना पड़ रहा है. मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने इस मामले पर नाराजगी जाहिर करते हुए मंगलवार को कड़े निर्देश जारी किए हैं.

सभी जिलाधिकारियों को जारी निर्देश में मुख्य सचिव ने कहा है कि ऐसी शिकायतों का निस्तारण विकासखण्ड, तहसील, जिला स्तर पर ही किया जाए. हर सोमवार को सुबह 10 बजे से शिकायत निवारण शिविर लगाने का निर्देश भी मुख्य सचिव ने दिया है.

मुख्यमन्त्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने संवेदनशील और जवाबदेह प्रशासन की दिशा में कड़े कदम उठाते हुए मुख्य सचिव को निर्देश दिए, जिसके बाद सभी जिलाधिकारियों को शिकायत शिविर लगाने को कहा गया है.

हालांकि राज्य सरकार इससे पहले विधानसभा, भाजपा कार्यालय और जिलों में जन सुनवाई के लिए मन्त्रियों की ड्यूटी लगा चुकी है लेकिन फरियादियों की संख्या वहां पर भी कम दिखाई दी. अब देखना यह है कि लोगों की समस्याओं के निस्तारण में शिकायत निवारण शिविर कितना कारगर साबित हो पाते हैं.

 
First published: November 14, 2017
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर