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पक्ष, विपक्ष के विधायकों के बीच घिरे वन मंत्री हरक सिंह रावत... बोले- मैं एक्सपर्ट नहीं, जो सटीक जानकारी दूं

Sunil Navprabhat | News18 Uttarakhand
Updated: December 4, 2019, 2:44 PM IST
पक्ष, विपक्ष के विधायकों के बीच घिरे वन मंत्री हरक सिंह रावत... बोले- मैं  एक्सपर्ट नहीं, जो सटीक जानकारी दूं
उत्तराखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पक्ष-विपक्ष के विधायकों ने वन मंत्री हरक सिंह रावत को घेर लिया. (फ़ाइल फ़ोटो)

लालढांग चिल्लरखाल मोटर मार्ग पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रीतम सिंह ने पूछा कि क्या बिना एनओसी लिए ही सरकार ने काम करवा दिया और 9 करोड़ 95 लाख बहा दिए?

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देहरादून. उत्तराखंड विधानसभा में मंत्रियों को घेरने में पार्टी लाइन का ध्यान न रखने की परंपरा का इस बार भी पालन किया गया. हर बार सत्ता पक्ष के विधायक अपने मंत्रियों को घेरते दिखते हैं और पिछली बार विधानसभा अध्यक्ष तक को मंत्रियों को तैयारी के साथ आने की बात कहनी पड़ी थी. आज निर्दलीय विधायक प्रीतम सिंह ने विलुप्त होते जीवों पर सवाल पूछा और वन मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए. उन्हें सत्ता पक्ष के विधायक मुन्ना सिंह चौहान का भी साथ मिल गया तो हरक सिंह रावत झल्ला गए. उन्होंने कह दिया कि वह एक्सपर्ट नहीं है जो बताया गया है वही बोल रहे हैं.

प्रीतम सिंह, मुन्ना सिंह चौहान ने घेरा

विलुप्त होती जीव जंतुओं पर चर्चा के दौरान निर्दलीय विधायक प्रीतम सिंह पंवार ने वन मंत्री से पूछा  पूछा कि क्या प्रदूषण के कारण जीव जंतुओं की प्रजातियां विलुप्त हो रही हैं?

इसका जवाब देते हुए वन मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड में 3,748 जीव-जंतुओं में से कोई भी प्रजाति विलुप्ति के कगार पर नहीं है. उन्होंने कहा कि पिछले 2 दशक में कोई भी प्रजाति लुप्त नहीं हुई है.

प्रीतम सिंह वन मंत्री के जवाब से सन्तुष्ट नहीं हुए तो उन्हें भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान का भी साथ मिल गया. चौहान ने वन मंत्री के जवाब पर सवाल उठाते हुए कहा कि कहा ऐसा नहीं हो सकता, गिद्ध जैसे जीव लगातार कम हो रहे हैं.

वन मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि जीव जन्तुओं की सटीक गणना नहीं हुई है क्योंकि इसका की तरीका अभी तक नहीं है. मुन्ना सिंह चौहान ने इस मामले को गंभीर बताया और कहा कि वन विभाग के पास सभी जीव जंतुओं के विलुप्ति के सटीक आंकड़े होने चाहिए.

अधिकारियों के दिए आंकड़े रख रहा हूं
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प्रीतम सिंह ने मोबाइल टावरों से पक्षियों को नुकसान होने को लेकर भी वन मंत्री से सवाल किया.

उनके सवालों से तंग आकर वन मंत्री ने सदन में जवाब दिया, “मैं कोई एक्स्पर्ट नहीं, जो सटीक जानकारी दूं. वन विभाग के अधिकारियों ने जो आंकड़े जीव जंतुओं की विलुप्ति और गणना को लेकर दिए हैं, उन्हें सदन में रख रहा हूं.”

बिना NOC हुआ लालढांग-चिल्लरखाल पर काम?

इससे पहले चकराता विधायक और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने लालढांग चिल्लरखाल मोटर मार्ग का लेकर सवाल पूछा कि इसका निर्माण कब तक पूरा कर लिया जाएगा.

वन मंत्री ने जवाब दिया कि वन मंत्रालय भारत सरकार और अन्य संस्थाओं से अभी मार्ग निर्माण को लेकर अनुमति मांगी जा रही है और सड़क का काम 70 फीसदी पूरा हो चुका है.

इस पर प्रीतम सिंह ने पूछा कि क्या बिना एनओसी लिए ही सरकार ने काम करवा दिया  और 9 करोड़ 95 लाख बहा दिए?

वन मंत्री ने जवाब दिया कि हमने सभी ज़रूरी मानक पूरे किए थे. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद हमने स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड  से पास कराकर केंद्र को भेज दिया है. उन्होंने कहा कि 17 दिसंबर को नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड की बैठक है, उम्मीद है कि इसमें परमिशन मिल जाएगी.

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First published: December 4, 2019, 12:48 PM IST
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