उत्तराखंड में 21 को दस्तक दे सकता है मानसून, इस बार 100% बरसेंगे बादल... आपदा कंट्रोल विभाग भी तैयार

देहरादून में मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह के अनुसार इस बार उत्तराखंड में इस बार मॉनसून 100 फ़ीसदी रहेगा.
देहरादून में मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह के अनुसार इस बार उत्तराखंड में इस बार मॉनसून 100 फ़ीसदी रहेगा.

मौसम विभाग का अनुमान कि इस बार 100% बरसेंगे बादल, आपदा कंट्रोल विभाग भी तैयार

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देहरादून. उत्तराखंड में फिलहाल अभी मानसून नहीं आया है लेकिन उसकी आहट आने लगी है. प्रशासन ने मानसून सीज़न को देखते हुए तैयारियां भी पूरी कर ली हैं. उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक 21 जून के आसपास मानसून उत्तराखंड में प्रवेश कर सकता है. देहरादून में मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह के अनुसार उत्तराखंड में इस बार मानसून 100 फ़ीसदी रहेगा तो उत्तर प्रदेश में 100 फ़ीसदी से भी ज़्यादा यानी 107% फ़ीसदी बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार उत्तराखंड में बारिश का सिलसिला 18 जून से ही शुरू हो जाएगा और 24 जून तक प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है.

21 को मानसून पहुंचने की संभावना
मौसम विभाग ने एक दिन बाद ही उत्तराखंड के 6 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है. इसमें देहरादून, नैनीताल टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में भारी से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के निदेशक विक्रम सिंह ने कहा कि 18 और 19 जून को इन 6 जिलों में भारी बारिश के बाद पूरे प्रदेश में बारिश की संभावना है.

हालांकि अभी उत्तराखंड में मानसून आने में एक हफ़्ते का समय है. विक्रम सिंह बताते हैं कि 21 से 23 जून के बीच उत्तराखंड में मानसून आएगा. वह कहते हैं कि अगर अगले 24 घंटों में मानसून उत्तर प्रदेश में दाखिल हो जाता है तो उत्तराखंड में मानसून के 21 जून को पहुंच जाने की संभावना है.
विक्रम सिंह बताते हैं कि 21 से 23 जून के बीच उत्तराखंड में मॉनसून आएगा.




DMMC की तैयारियां
पिछले कई सालों से उत्तराखंड में मानसून में हुई बारिश ने काफी तबाही मचाई थी. 2010 से अब तक उत्तराखंड में मानसून सीजन की बारिश की वजह से काफी जान माल की हानि हुई है. मानसून में हुई बारिश की वजह से उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़, पौड़ी और देहरादून के कई इलाकों में काफी तबाही हुई थी. खासकर जून 2013 की आपदा ने तो उत्तराखंड को हिला दिया था जिसके बाद उत्तराखंड में हर मानसून सीजन के आने से पहले काफी तैयारी की जाती है.

उत्तराखंड आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र के अधिशासी निदेशक डॉक्टर पीयूष रौतेला कहते हैं कि मानसून सीज़न को देखते हुए विभाग ने पहले से सभी तैयारियां की हुई हैं. डॉक्टर पीयूष रौतेला के मुताबिक 180 सैटेलाइट फ़ोन ज़िले तहसील स्तर पर दिए गए हैं और मोबाइल कंपनियों से भी बातचीत की गई है ताकि मानसून सीजन में कनेक्टिविटी को लेकर किसी प्रकार की परेशानी न हो.

monsoon uttarakhand, उत्तराखंड आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र के अधिशासी निदेशक डॉक्टर पीयूष रौतेला कहते हैं कि मॉनसून सीज़न को देखते हुए विभाग ने पहले से सभी तैयारियां की हुई हैं.
उत्तराखंड आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र के अधिशासी निदेशक डॉक्टर पीयूष रौतेला कहते हैं कि मानसून सीज़न को देखते हुए विभाग ने पहले से सभी तैयारियां की हुई हैं.


उत्तराखंड आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र के मुताबिक सभी लैंडस्लाइड एरियाज़ में जेसीबी और डोज़र मशीन रखी गई हैं ताकि अगर लैंडस्लाइड होता है तो तुरंत रास्ता खोला जाए. रौतेला कहते हैं कि मानसून सीज़न को देखते हुए सभी ज़िलों में राशन, पानी, डीज़ल, पेट्रोल, मिट्टी के तेल की व्यवस्था पूरी कर दी गई है. एसडीआरएफ, ज़िला प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमों को तैयार रहने के निर्देश भी दिए गए हैं.

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