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    स्कूल फ़ीस के मुद्दे पर आंदोलन का ऐलान... किसान यूनियन के साथ सड़क पर उतरेगा अभिभावक संघ

    उत्तराखंड में लॉकडाउन के दौरान प्राइवेट स्कूलों के फ़ीस वसूलने के मुद्दे पर हाईकोर्ट के फ़ैसले के बाद भले ही सरकार ने स्पष्ट आदेश दे दिए हों ज़मीन पर यह मुद्दा ख़त्म होता नहीं दिख रहा है.
    उत्तराखंड में लॉकडाउन के दौरान प्राइवेट स्कूलों के फ़ीस वसूलने के मुद्दे पर हाईकोर्ट के फ़ैसले के बाद भले ही सरकार ने स्पष्ट आदेश दे दिए हों ज़मीन पर यह मुद्दा ख़त्म होता नहीं दिख रहा है.

    स्कूल एसोसिएशन का कहना है कि स्कूल अपने सिलेबस को कम्पलीट करवा रहे हैं. 2-3 घंटे में ही काम पूरा करवाया जा रहा है.

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    देहरादून. उत्तराखंड में लॉकडाउन के दौरान प्राइवेट स्कूलों के फ़ीस वसूलने के मुद्दे पर हाईकोर्ट के फ़ैसले के बाद भले ही सरकार ने स्पष्ट आदेश दे दिए हों ज़मीन पर यह मुद्दा ख़त्म होता नहीं दिख रहा है. ऑनलाइन क्लास देने वाले प्राइवेट स्कूल,  ट्यूशन फीस के अलावा अगर कोई और स्पेशल क्लास दे रहे हैं तो वह फीस ले सकते हैं, इस पर कोर्ट और सरकार दोनों ही स्थिति साफ कर चुके हैं. लेकिन अभिभावक संघ को इस पर भी आपत्ति है और उसने 26 तारीख से आंदोलन का ऐलान कर दिया है. स्कूलों का कहना है कि वह अपनी जगह सही हैं.

    अपने-अपने तर्क

    अभिभावक संघ के अध्यक्ष राम कुमार कहते हैं कि सिर्फ़ 2 घंटे की ऑनलाइन क्लास हो रही है. इसमें भी कभी टीचर्स क्लास अटैंड नही करवा रहे, तो कभी कनेक्टिविटी में दिक्कत है. उधर ट्यूशन फीस के नाम पर पूरी फीस वसूली जा रही है.



    दूसरी ओर स्कूल एसोसिएशन का कहना है कि स्कूल अपने पूरे सिलेबस को कम्पलीट करवा रहे हैं. 2-3 घंटे में ही काम पूरा करवाया जा रहा है. दून इंटरनेशनल स्कूल के प्रिंसिपल दिनेश बर्तवाल कहते हैं कि स्कूल अपने सिलेबस को पूरा करवा रहा है, उसी हिसाब से शेड्यूल बनाया गया है.

    आंदोलन का ऐलान

    लेकिन अभिभावक संघ अब इस मुद्दे पर आंदोलन की तैयारी में है. राम कुमार कहते हैं कि फ़ीस के मुद्दे पर अभिभावक संघ अब किसान यूनियन के साथ मिलकर प्रदेशभर में आंदोलन करेगी. 26 तारीख को स्कूलों के खिलाफ आंदोलन शुरु किया जाएगा.

    इस सबके बीच शिक्षा विभाग का कहना है कि स्कूल और पेरेंट्स के लिए आपस में समन्वय बनाना ज़रूरी है. देहरादून की मुख्य शिक्षा अधिकार आशा रानी पैन्यूली कहती हैं कि कोर्ट के फ़ैसले को अमल में लाना ही विभाग की प्राथमिकता है.
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