सरकार के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ हाईकोर्ट, मुख्य सचिव ने 10 दिन और मांगे... यहां जानेें क्या है मामला

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया था कि तीन महीने के भीतर राज्य में किसान आयोग का गठन करें.

Virendra Bisht | News18 Uttarakhand
Updated: August 14, 2019, 7:24 PM IST
सरकार के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ हाईकोर्ट, मुख्य सचिव ने 10 दिन और मांगे... यहां जानेें क्या है मामला
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि आत्महत्या करने वाले किसान परिवारों को मुआवज़ा और पेंशन देने के लिए सरकार योजना तैयार करें.
Virendra Bisht | News18 Uttarakhand
Updated: August 14, 2019, 7:24 PM IST
राज्य में स्वामीनाथन आयोग की संस्तुतियों को लागू करने और आत्महत्या करने वाले परिवारों को पेंशन देने में देरी होने पर सरकार फिर हाईकोर्ट में पहुंच गई है. राज्य सरकार ने कोर्ट से इन सभी पर विचार के लिए 10 दिन का समय मांगा है. कोर्ट ने कहा कि सरकार को जल्द इस पर निर्णय लेने को कहा है.

किसान आयोग का गठन करने का दिया था आदेश 

राज्य में 7 किसानों की मौत के बाद गणेश उपाध्याय ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी जिस पर कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया था कि तीन महीने के भीतर राज्य में किसान आयोग का गठन करें. कोर्ट ने 2004 में गठित स्वामीनाथन आयोग की संस्तुतियों को भी राज्य में लागू करने को कहा था. कोर्ट ने किसानों की फसलों का उत्पादन लागत तीन गुना करने के साथ समर्थन मूल्य बढ़ाने का भी आदेश दिया था.

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि आत्महत्या करने वाले किसान परिवारों को मुआवज़ा और पेंशन देने के लिए सरकार योजना तैयार करें. कोर्ट के आदेश का अनुपालन न होने पर गणेश उपाध्याय ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दार की थी.

10 दिन और मांगे 

कोर्ट ने इस अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य सचिव से जवाब तलब किया था. मुख्य सचिव ने जवाब दाखिल किया लेकिन कोर्ट उससे संतुष्ट नहीं हो सकी. अब मुख्य सचिव ने कोर्ट से 10 दिन का समय और मांगा है.

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First published: August 14, 2019, 7:18 PM IST
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