लाइव टीवी

वन विभाग के अफ़सरों की लापरवाही और मनमानी से 5 साल में लगा 500 करोड़ रुपये का चूना

Sunil Navprabhat | News18 Uttarakhand
Updated: December 11, 2019, 11:09 AM IST
वन विभाग के अफ़सरों की लापरवाही और मनमानी से 5 साल में लगा 500 करोड़ रुपये का चूना
कैग रिपोर्ट के अनुसार वन विभाग के अफ़सरों की लापरवाही से पिछले पांच साल में सरकार को पांच सौ करोड़ रुपये की चपत लग गई है.

डीएफओ तराई पश्चिमी वन प्रभाग ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को धता बताते हुए बिना कार्ययोजना के 346 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पेड़ काट दिए.

  • Share this:
देहरादून. आईएफएस अफ़सरों की जंबो फौज वाले वन विभाग पर सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है और इन अफसरों की लापरवाही के चलते पिछले पांच साल में सरकार को पांच सौ करोड़ रुपये की चपत लग गई है. यह तथ्य सामने आया है कैग रिपोर्ट से. रिपोर्ट के मुताबिक साल 2013 से 2018 तक विभाग समय पर वर्किंग प्लान ही तैयार नहीं कर पा रहा था. इस देरी के कारण वन विभाग के दो डिवीजनों में लौपिंग बंद रही और 75 करोड़ की रॉयल्टी का नुकसान हो गया. सवाल उठता है कि जब राज्य कर्ज के बोझ तले दबा जा रहा हो तब अफसरों की लापरवाही से पांच सौ करोड़ भी पानी में बह जाने के बाद भी क्या किसी पर ज़िम्मेदारी तय होगी?

कैग रिपोर्ट के अनुसार ये हुए नुक़सान

साल के जंगलों की छंटाई न करने के कारण 330 करोड़ रुपये के राजस्व का नुक़सान हुआ.

विभाग यूकेलिप्टस के पेड़ों के कटान से मिलने वाली रॉयल्टी का भी गलत निर्धारण करता रहा. नतीजा 31 करोड़ रुपये की चपत लग गई.

उपखनिज के ट्रांसपोर्ट शुल्क का भी गलत निर्धारण करने से 72 लाख का चूना लग गया.

विभाग लीज के आठ मामलों में भी 417 करोड़ रुपये वसूल नहीं कर पाया.

कैग रिपोर्ट कहती है कि फारेस्ट अफसरों ने जमकर मनमानी भी की. बिना कार्ययोजना के स्वीकृति और केंद्रीय वन मंत्रालय के अनुमति देने से इनकार के बावजूद टिहरी और बद्रीनाथ वन प्रभाग ने 38,000 क्विंटल लीसा निकाला.डीएफओ तराई पश्चिमी वन प्रभाग ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को धता बताते हुए बिना कार्ययोजना के 346 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पेड़ काट दिए.

ये भी देखें: 

कैग रिपोर्ट ने खोली त्रिवेंद्र सरकार के वित्तीय प्रबंधन की पोल… कर्ज़ का ब्याज़ चुकाने के लिए कर्ज़ लेने की नौबत

उत्तराखंड: कैग की रिपोर्ट में 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' में कईं खामियां उजागर 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देहरादून से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: December 11, 2019, 11:01 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर