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बिजली कर्मचारियों को छूट में कटौती के नए प्रस्ताव तैयार लेकिन मानने को तैयार नहीं कर्मचारी
Dehradun News in Hindi

satendra bartwal | News18 Uttarakhand
Updated: December 30, 2019, 12:57 PM IST
बिजली कर्मचारियों को छूट में कटौती के नए प्रस्ताव तैयार लेकिन मानने को तैयार नहीं कर्मचारी
बिजली विभाग के कर्मचारियों ने अधिकारियों के साथ बैठक में साफ़ शब्दों में नए टैरिफ़ प्लान को मानने से इनकार कर दिया है.

जो नए मानक तय किए हैं उनसे भी खजाने पर सालाना 52 करोड़ रुपये का बोझ पड़ने का अनुमान है.

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देहरादून. उत्तराखंड हाईकोर्ट की सख़्ती के बाद आखिरकार बिजली विभाग की अंधेरगर्दी पर रोक लगने जा रही है और राज्य के बिजली कर्मचारियों को लगभग मुफ़्त के भाव असीमित बिजली बंद हो रही है. हालांकि विभाग ने अपने अधिकारियों-कर्मचारियों का अब भी ‘ध्यान’ रखा है और इस वजह से खजाने को करोड़ों रुपये की चपत लगने वाली है लेकिन कर्मचारियों को ये मंज़ूर नहीं है. बिजली कर्मचारियों के लिए नए टैरिफ़ प्लान का ये कर्मचारी विरोध कर रहे हैं.

PIL पर हाईकोर्ट का फ़ैसला  

बता दें कि न्यूज़ 18 पर खबर दिखाए जाने के बाद देहरादून आरटीआई क्लब ने कर्मचारियों को मिल रही अनलिमिटेड बिजली को लेकर हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल की थी. हाईकोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए ऊर्जा विभाग को आदेश दिया था कि मुफ्त बिजली बंद की जाए और बिजली के इस्तेमाल पर  कैपिंग लगाई जाए.



इसके बाद ऊर्जा विभाग ने जब हाईकोर्ट के फैसले को मानते हुए कैपिंग व्यवस्था तैयार की तो विरोध के स्वर फूटने लगे. हैरानी इस बात की है विभाग के तीनों निगमों के अधिकारीयों ने कर्मचारियों के बिजली उपयोग पर चार्ज के लिए जो मानक तय किए हैं उनसे भी खजाने पर सालाना 52 करोड़ रुपये का बोझ पड़ने का अनुमान है.



नए टैरिफ़ प्लान के बारे में निम्न प्रावधान हैं...

5,000 से 9,000 यूनिट सालाना खर्च के बाद चार्ज लगेगा.

हर साल टैरिफ़ में 10 फ़ीसदी बढ़ोत्तरी होगी. अभी बिजली कर्मचारियों को 75 रुपये से 400 रुपये तक ही मासिक चार्ज देना होता है चाहे ये कितनी भी बिजली खर्च करें.

साल 2020 के बाद आने वाले नए विभागीय कर्मचारियों को यह सुविधा नहीं मिलेगी.

कर्मचारियों का विरोध 

लेकिन कर्मचारी इसका पुरज़ोर विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि उनका मैनेजमेंट से जो समझौता हुआ है वह इस प्रावधान से ज़्यादा छूट का है और किसी भी कीमत पर वह इससे पीछे नहीं हटेंगे.

बिजली विभाग के कर्मचारी अपने ही अधिकारियों के छूट में कमी के प्रस्ताव को मानने से इनकार कर रहे हैं हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कोर्ट के फैसले का हवाला देकर विरोध कर रहे कर्मचारियों को मना लिया जाएगा.

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First published: December 30, 2019, 12:46 PM IST
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