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सुर्खियां: आज मिलेगी आयुष्मान योजना की सौगात, आवासीय और व्यावसायिक भवन बनाना भी होगा आसान

सुर्खियां: आज मिलेगी आयुष्मान योजना की सौगात, आवासीय और व्यावसायिक भवन बनाना भी होगा आसान

आयुष्मान भारत योजना

आयुष्मान भारत योजना

प्रदेश में अब आवासीय और व्यावसायिक भवन भी अब आसान होने वाला है. मंत्रिमंडल में आसाव विभाग छह बदलावों के साथ मसौदा पेश करने जा रहा है, जिसके तहत अब एक ही घर में मकान और दुकान संचालित की जा सकती है.

    उत्तराखंड के लोगों को आज आयुष्मान भारत योजना की सौगात मिलने जा रही है. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत आज इसकी घोषणा कर सकते हैं. इस योजना में प्रदेश के लोगों को पांच लाख रुपये तक का निशुल्क उपचार मिल सकेगा. वहीं प्रदेश में अब आवासीय और व्यावसायिक भवन भी अब आसान होने वाला है. मंत्रिमंडल में आवास विभाग छह बदलावों के साथ मसौदा पेश करने जा रहा है, जिसके तहत अब एक ही घर में मकान और दुकान संचालित की जा सकगी. प्रदेश के प्रमुख अखबारों ने इन खबरों को फ्रंटपेज पर तरजीह दी है.

     

    उत्तराखंड के लोगों को मिलेगी आयुष्मान योजना की सौगात


    उत्तराखंड में आज पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के जन्मदिवस पर आयुष्मान भारत योजना शुरू होने जा रही है. योजना के तहत प्रदेश में 60 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों और 14 साल तक की आयु के बच्चों को सरकार नि:शुल्क ओपीडी सुविधा देने जा रही है. प्रदेशभर के लोगों को में इस योजना में 5 लाख रुपये तक के इलाज का नि:शुल्क लाभ मिलेगा. 15 फरवरी से बच्चों और बुजुर्गों को मिलने वाले नि:शुल्क ओपीडी इलाज की आज मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत घोषणा कर सकते हैं. दैनिक जागरण अखबार के पर यह खबर प्रकाशित की गई है.

     

    आवासीय और व्यावसायिक भवन निर्माण होगा आसान


    प्रदेश में आवसीय और व्यावसायिक भवन निर्माण की राह अब और आसान होने जा रही है. आवास विभाग छह नीतियों में बदवाल करने जा रहा है. मंत्रिमंडल की अगल बैठक में इन बदलावों को मंजूरी के लिए लाया जाएगा. इन नीतियों के पास होने के बाद व्यावसायिक और आवासीय के साथ ही एक नई श्रेणी ‘मिश्रित भवन’ के तहत भी नक्से पास हो सकेंगे. इस श्रेणी में एक ही भवन में दुकान औरर मकान संचालित करना वैध हो जाएगा. आवासीय परिसरों में व्यावसायिक कामकाज की राह खुल जाएंगी. यह खबर अमर उजाला अखबार पर मुख्य पेज पर प्रकाशित हुई है.

     

    केदारनाथ आपदा में गुम चंचल पांच साल बाद घर लौटी


    करीब साढ़े पांच साल पहले केदारनाथ धाम में आई भयानक आपदा के दौरान लापता हुई मानसिक रूप से दिव्यांग चंचल नाम की बालिका सोमवार को अपने घर लौट आई है. चंचल अलीगढ़ में अपने दादा-दादी के घर लौटी है. वर्तमान में चंचल साढ़े सत्रह साल की है, लेकिन जब वह लापता हुई थी उस समय में बारह वर्ष की थी. 2013 में अपनी छह बहनों और माता-पिता के साथ केदारनाथ गई चंचल के पिता की आपदा में मौत हो गई थी और वह बिछुड़ गई थी.

     

    नम आंखों से दी गई पौड़ी की बेटी को अंतिम विदाई


    उत्तराखंड के कफोलस्यूं पट्टी के एक गांव की जिंदा जलाई गई बेटी को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई. छात्रा को 16 दिसंबर को एक युवक ने पेट्रोल डालकर जिंदा आग के हवाले कर दिया था. छात्रा ने रविवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में अंतिम सांस ली. सोमवार को पैतृत गांव में छात्रा का अंतिम संसकार किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने उसे श्रद्धांजली दी. सभी प्रमुख अखबारों ने इसे शीर्ष पर प्रकाशित किया है.

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    Tags: Dehradun news, Uttarakhand news

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