COVID-19: कोटा से लौटे 411 छात्रों में से किसी का नहीं हुआ रैपिड टेस्ट, ज्यादातर को घर में किया आइसोलेट
Dehradun News in Hindi

COVID-19: कोटा से लौटे 411 छात्रों में से किसी का नहीं हुआ रैपिड टेस्ट, ज्यादातर को घर में किया आइसोलेट
मथुरा से उत्तराखण्ड के 411 छात्रों में से 262 हल्द्वानी और 149 को ऋषिकेश भेजा गया. इनमें से कुछ को होम क्वैरेंटाइन किया गया तो कुछ को इंस्टीट्यूशनल क्वैरेंटाइन में रखा गया.

यूपी में कोटा से आई एक छात्रा के कोरोना पॉज़िटिव पाए जाने के बाद भी उत्तराखण्ड में कोई भी ऐहतिहात नहीं बरती गई.

  • Share this:
देहरादून. राजस्थान के कोटा में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उत्तराखंड के 411 छात्रों को राज्य सरकार वापस ले तो आई लेकिन कोरोना संक्रमण (COVID-19) फैलने के खतरे को देखते हुए कई छात्रों को थर्मल स्कैनिंग के बाद होम क्वैरेंटाइन करने के लिए घर भेजा गया है. वहीं कुछ छात्रों को इंस्टीट्यूशनल क्वैरेंटाइन (सरकार के बनाए आइसोलेशन सेंटर्स में) में रखा गया है. इनके अलावा इन छात्रों को लेने मथुरा गई एसडीआरएफ की 39 सदस्यों की टीम को भी इंस्टीट्यूशनल क्वैरेंटाइन किया गया है. देश भर में फैल रहे कोविड-19 वायरस के बीच सवाल उठ रहे हैं कि किसी भी छात्र का रेपिड टेस्ट क्यों नहीं किया गया?

यूपी में एक छात्रा मिली थी कोरोना पॉज़िटिव

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के छात्रों को यूपी सरकार की मदद से बसों में भरकर कोटा से मथुरा तक लाया गया. सभी छात्र एक साथ ही मथुरा पहुंचे थे. यहां से उत्तराखंड के 411 छात्रों में से 262 को हल्द्वानी और 149 को ऋषिकेश भेजा गया. इनमें से कुछ को होम क्वैरेंटाइन किया गया तो कुछ को इंस्टीट्यूशनल क्वैरेंटाइन में रखा गया है. इसके बाद कई छात्र रोडवेज बसों से अपने होम डिस्ट्रिक्ट पहुंचे जिन्हें प्रशासन ने उनके घरों में 14 दिन के लिए क्वैरेंटाइन किया है.



यूपी में कोटा से लौटी एक छात्रा के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद भी उत्तराखंड में कोई भी ऐहतिहात नहीं बरती गई और इन छात्रों को केवल होम क्वैरेंटाइन या फिर इंस्टीट्यूशनल क्वैरेंटाइन किया गया. किसी भी छात्र का कोई रेपिड टेस्ट नहीं किया गया.



रैपिड टेस्ट किट होने पर भी इस्तेमाल नहीं की गई  

एसडीआरएफ की जो टीम इन छात्रों को मथुरा से लेकर आई है उस टीम को भी एहतिहातन इंस्टीट्यूशनल क्वैरेंटाइन किया गया है. इस बारे में पूछने पर एसडीआरएफ कमांडेंट तृप्ति भट्ट ने कहा कि उनकी टीम ने मथुरा से थर्मल टेस्ट करवाया है और इन छात्रों में कोविड-19 संक्रमण के कोई लक्षण नहीं मिले हैं.

रैपिड टेस्ट के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह काम स्वास्थ्य विभाग का है. लेकिन स्वास्थ्य महानिदेशक अमिता उप्रेती ने इस बारे में पूछे गए किसी सवाल का जवाब नहीं दिया. हालांकि स्वास्थ्य विभाग के पास कोविड-19 के रैपिड टेस्ट के लिए 4800 टेस्ट किट पहुंच चुकी हैं जिनमें से 4000 तो सर्वाधिक प्रभावित चार जिलों (हर एक को 1000) दी गई हैं और बाकी 800 स्वास्थ्य महानिदेशालय में रखी गई हैं.

अब स्वास्थ्य विभाग इन टेस्ट किट्स का कैसे इस्तेमाल करना चाहता है, यह तो वो ही जाने लेकिन अगर कोटा से आए किसी भी छात्र में कोरोना वायरस पाया गया तो विभाग के लिए इस पर जवाब देना भारी पड़ सकता है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading