लाइव टीवी

सीएए विरोध-समर्थन नहीं कोटद्वार में 5 साल पुराने एक अलग मामले पर बढ़ रहा है तनाव
Dehradun News in Hindi

Anupam Bhardwaj | News18 Uttarakhand
Updated: February 5, 2020, 2:22 PM IST
सीएए विरोध-समर्थन नहीं कोटद्वार में 5 साल पुराने एक अलग मामले पर बढ़ रहा है तनाव
2015 में हिन्दू-मुस्लिम पक्षों के बीच हुई इस बवाल में 27 लोगों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. बीजेपी विधायक दिलीप रावत ने गिरफ़्तारी होने पर खुद भी गिरफ़्तारी देने का ऐलान किया है.

सिद्धबली मन्दिर के महंत और भाजपा विधायक दिलीप रावत ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर पक्षपात करने के आरोप लगाए हैं.

  • Share this:
कोटद्वार. देश भर में जहां सीएए के विरोध में शाहीनबाग जैसे विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं कोटद्वार में पांच साल पुराना सांप्रदायिक तनाव का एक मामला फिर सुर्खियों में आ गया है. 2015 में हिन्दू-मुस्लिम पक्षों के बीच हुई इस बवाल में 27 लोगों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. इस मामले में अब कोर्ट ने इन आरोपियों के ख़िलाफ़ ग़ैर ज़मानती वारंट जारी कर दिए हैं. ख़ास बात यह है कि सभी आरोपित हिंदू हैं और इसलिए बीजेपी इसे राजनीतिक मुद्दा भी बना रही है.

यह है मामला...

बता दें कि 28 सितंबर, 2015 की रात कोटद्वार के लकड़ी पड़ाव में दो पक्षों के बीच मामूली बात पर मारपीट हो गई थी. दोनों पक्ष अलग-अलग समुदायों से थे तो रात ही रात में इस विवाद ने तूल पकड़ लिया और अगले दिन होते-होते यह विवाद साम्प्रदायिक तनाव में तब्दील हो गया.

इसके बाद कोटद्वार में जमकर बवाल हुआ और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं. मामले में सोशल मीडिया के ज़रिए भी जमकर दुष्प्रचार किया गया था जिसकी वजह से इस मामूली तनाव ने ज्यादा हिंसक रूप ले लिया था.

केस वापस लेना चाहती थी सरकार

इस मामले में पुलिस ने तोड़फोड़ करने के आरोप में 27 लोगों के खिलाफ बलवा समेत विभिन्न धाराओं के तहत नामजद मुकदमा दर्ज किया था. जिन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ उनमें 11 महिलाएं भी शामिल थीं. ये सभी लोग हिंदू पक्ष के हैं.

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इन मुकदमों को जनहित में वापस लेने के आदेश जारी किए थे लेकिन मामला कोर्ट में चल रहा था और कोर्ट ने इस फैसले को यह कहकर खारिज कर दिया कि यह जनहित में नहीं है.विधायक की चेतावनी

अब कोर्ट ने 27 आरोपियों के ख़िलाफ़ ग़ैर ज़मानती वारंट जारी किए हैं लेकिन इस मामले में राजनीति भी शुरु हो गई है.

सिद्धबली मन्दिर के महंत और भाजपा विधायक दिलीप रावत ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर पक्षपात करने के आरोप लगाए और चेतावनी दी कि अगर किसी की गिरफ़्तारी होती है तो वह भी थाने में जाकर गिरफ्तारी देंगे. भाजपा  विधायक ने कहा कि वह सरकार से मांग करेंगे कि मुक़दमे वापस लिए जाएं.

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देहरादून से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 5, 2020, 2:22 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर