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आधे भी एसटीपी नहीं बने गंगा किनारे... ऐसे में कैसे साफ़ होगी गंगा?

Kishore Kumar Rawat | News18 Uttarakhand
Updated: November 27, 2019, 12:06 PM IST
आधे भी एसटीपी नहीं बने गंगा किनारे... ऐसे में कैसे साफ़ होगी गंगा?
आधी जगह मैला और गंगा पानी सीधे गंगा में गिर रहा है. जो STP बन गए हैं उनकी हालत पर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या ये ठीक से काम कर पा रहे हैं या नहीं.

उत्तराखंड नमामि गंगे कमेटी (Uttarakhand Namami gange committee) के सदस्य अनिल गौतम (anil gautam) कहते हैं कि इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि एसटीपी (STP) कितने प्रभावी हैं या सीवेज को कितना साफ़ कर पा रहे हैं.

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देहरादून. उत्तराखंड (Uttarakhand) में गंगा (Ganga) की निर्मलता और स्वच्छता एक सपना ही रह सकती है और यह आशंका इसलिए पैदा हुई है क्योंकि गंगा साफ़ रहे और उसमें गंदगी न गिरे इसके लिए बनने वाले एसटीपी (STP) अभी आधे ही बने हैं. इसका अर्थ यह है कि करीब आधी जगह मैला और गंगा पानी सीधे गंगा में गिर रहा है. जो बन गए हैं उनकी हालत पर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या ये ठीक से काम कर पा रहे हैं या नहीं.

डेडलाइन में नहीं बन पाएंगे STP 

गंगा को निर्मल और स्वच्छ बनाने के लिए नमामि गंगे परियोजना शुरू की गई. मकसद था कि गंगा में गिराने वाले नालों और सीवेज का ट्रीटमेंट किया जाए लेकिन शायद उत्तराखंड में यह नहीं हो पा रहा है. दरअसल नमामि गंगे परियोजना में उत्तरकाशी से हरिद्वार तक 21 एसटीपी यानि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण होना था लेकिन अभी तक सिर्फ 10 ही बन पाए हैं. इस प्रोजेक्ट की डेडलाइन दिसंबर 2019 तक ही है.

राज्य कार्यक्रम प्रबंधन ग्रुप नमामि गंगे के कार्यक्रम निदेशक उदयराज सिंह दावा करते हैं कि अगले साल जुलाई तक सभी एसटीपी बनकर तैयार हो जाएंगे. इसका अर्थ यह हुआ कि इस डेडलाइन में तो गंगा में सीवेज का गिरना बंद नहीं होने वाला.

गंगा सफ़ाई की नहीं, पैसे खर्च करने की डेडलाइन 

बहरहाल जो एसटीपी बने हैं उन पर भी सवाल उठ रहे हैं. उत्तराखंड नमामि गंगे कमेटी के सदस्य अनिल गौतम कहते हैं कि इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि एसटीपी कितने प्रभावी हैं या सीवेज को कितना साफ़ कर पा रहे हैं.

गौतम कहते हैं कि समय पर काम भी नहीं किया जा रहा है और यह स्पष्ट है कि लक्ष्य गंगा की सफ़ाई नहीं, इसके नाम पर आए पैसे को खर्च करना है. गंगा को साफ़ करने के लिए अब तक करोड़ों रुपये खर्च हो गए हैं. गंगा तो साफ़ नहीं हुई है लेकिन इसके नाम पर सरकार की तिज़ोरी साफ़ ज़रूर हुई है.
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First published: November 27, 2019, 12:03 PM IST
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