उत्तराखंड सरकार का ऐलान- एक रुपए भी नहीं बढ़ाई जाएगी कॉलेजों में फीस

अप्रैल में आयोज‍ित होने जा रही जेईई मेन्‍स परीक्षा के ल‍िये आवेदन की प्रक्र‍िया शुरू हो गई है.

बैठक में कहा गया कि 2022 तक हर कॉलेज के भवन का निर्माण कर दिया जाएगा और 2020 तक 100 प्रतिशत पुस्तक दान अभियान से हर कॉलेज को जोड़ दिया जाएगा.

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    देहरादून. उत्तराखंड सरकार कॉलेजों की फ़ीस में एक भी रुपये की वृद्धि नहीं करेगी. यह ऐलान उच्च शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धन सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई उच्च शिक्षा विभाग की बैठक में किया गया. कहा गया कि पहले ली जा रही फ़ीस ही बरकरार रहेगी. यह भी कहा गया कि फीस संरचना ढांचा को तार्किक कर 31 मदों की जगह लगभग 11 मदों में शामिल कर लिया जाएगा. बैठक में डॉक्टर बीएस बिष्ट की अध्यक्षता में बनाई गई फीस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट भी प्रस्तुत की.

    कॉलेज विकास निधि पर विचार  

    बैठक में कहा गया कि फरवरी में अभिभावक संघ, छात्र संघ और प्राचार्यों के साथ एक बैठक की जाएगी. इसमें कई मदों को मिलाकर कॉलेज विकास निधि बनाए जाने पर विचार किया जाएगा. हर कॉलेज के लिए वार्षिक पत्रिका का प्रकाशन, ऑडिट कराना और राजकीय एवं राष्ट्रीय आयोजन, महापुरुष दिवस का आयोजन करना अनिवार्य होगा.

    डॉक्टर धन सिंह रावत ने कहा रोजगार वर्ष में 225 शिक्षणेत्तर पदों, प्रयोगशाला सहायक, लिपिक वर्ग, लाइब्रेरियन के लिए अधियाचन भेजा जाएगा. इसके पहले 877 असिस्टेंट प्रोफेसर का अधियाचन भेजा गया था, जिसमें से 350 असिस्टेंट प्रोफ़ेसर प्राप्त हो गए हैं और 54 कॉलेजों को 2 से 5 करोड़ रुपये, विश्वविद्यालय को 20 से 40 करोड़ रुपये पुस्तकों, लैब, भवन, स्मार्ट क्लासिस, खेल सामाग्री, ई-लाईब्रेरी, खेल मैदान, स्थापना विकास अन्य सुविधाओं के विकास के लिए दिए जा रहे हैं.

    इनको दिए किताबों की खरीद के लिए पैसे 

    कहा गया कि रूसा के अतिरिक्त अन्य 50 डिग्री कॉलेज के प्राचार्यों के मांग के अनुरूप छात्रों के अनुपात में 100 प्रतिशत पुस्तकें प्रदान की गई हैं. एक लाख रुपये महाविद्यालय अमोड़ी, हल्दूचौड़, अगरोड़ा, कमान्द, पोखरी क्वीली, पावकी देवी, मरगूबपुर, चुड़ियाला, पाबौ, बड़कोट, लम्बगड़ा, मालधन चैड़, रानीखेत, सीतलाखेत, पोखड़ा, ब्रह्मखाल, तल्ला सल्ट, गरुड़, मांसी, देवप्रयाग, चन्द्रबदनी, गैरसैंण, नन्दासैण, पौखाल, खानपुर, वेदीखाल, मुआनी, घाट, वेतालघाट, किच्छा, अगस्तमुनी, विथ्याणी एवं महाविद्यालय पाटी को पुस्तकों के लिए दिए गए हैं.

    इसी तरह 1.50 लाख रुपये महाविद्यालय रायपुर, मंगलौर, पतलोट, जोशीमठ, लक्सर एवं महाविद्यालय बनवसा को किताबों की ख़रीद के लिए दिए गए हैं. 2 लाख रुपये महाविद्यालय नई टिहरी को किताबं के लिए दिए गए हैं. 2.50 लाख रुपये महाविद्यालय जैती, कर्णप्रयाग, खटीमा, जखोली, लम्बगांव को किताबें खरीदने के लिए 2.60 लाख रुपये सितारगंज महाविद्यालय को किताबें ख़रीदने के लिए दिए गए हैं. 3.50 लाख रुपये महाविद्यालय कोटद्वार भाबर को पुस्तकों के लिए दिए गए हैं.

    2020 तक हर कॉलेज को बिल्डिंग 

    बैठक में कहा गया कि 2022 तक हर कॉलेज के भवन का निर्माण कर दिया जाएगा और 2020 तक 100 प्रतिशत पुस्तक दान अभियान से हर कॉलेज को जोड़ दिया जाएगा.

    बैठक में उच्च शिक्षा निदेशक प्रोफ़ेसर एनपी माहेश्वरी, उच्च शिक्षा अपर निदेशक रचना नौटियाल और डीसी गोस्वामी, उच्च शिक्षा संयुक्त निदेशक कुमकुम रौतेला, रूसा सलाहकार प्रोफ़ेसर एमएस रावत और प्रोफ़ेसर केडी पुरोहित, फीस कमेटी अध्यक्ष डॉक्टर बीएस बिष्ट, फीस कमेटी सदस्य प्राचार्य डॉक्टर बीएन शर्मा और डॉक्टर पीके पाठक मौजूद थे.

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