अब डिग्री कॉलेजों में लगेंगी बायोमेट्रिक अटेंडेंस, अगले सेशन से नियम लागू करने की तैयारी

मीटिंग में बैठे अधिकारी.
मीटिंग में बैठे अधिकारी.

पिछले साल 2300 बच्चों को 180 दिन की हाजिरी न होने के चलते एग्जाम में बैठने नहीं दिया गया था. यही वजह है कि अब टीचर्स के बाद स्टूडेंट्स के लिए बायोमेट्रिक मशीनें (Biometric Machines) कॉलेजों में लगवाई जाएंगी.

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देहरादून. उत्तराखंड (Uttarakhand) के डिग्री कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज (Degree Colleges And Universities) में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स ने अगर कॉलेज बंक किया और एग्जाम देने की सोची तो अगले सेशन से ऐसा नहीं होने वाला है. और न ही ह्यूमैनिटी ग्राउंड पर टीचर आपकी अटेंडेन्स ठीक कर पाएंगे. अगर सब कुछ ठीक रहा और कॉलेज ऑफलाइन संचालित होते रहे तो अगले सेशन से हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट कॉलेज में स्टूडेंट्स के लिये बायोमेट्रिक अटेंडेंस (Biometric Attendance) लेना शुरू कर देगा. इसके लिए तैयारी चल रही है. उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने साफ कह दिया है कि विभाग बच्चों की पढ़ाई के लिए करोड़ों रुपये हर साल खर्च कर रहा है लेकिन स्टूडेंट्स कॉलेज नहीं पहुंच पा रहे हैं.

पिछले साल 2300 बच्चों को 180 दिन की हाजिरी न होने के चलते एग्जाम में बैठने नहीं दिया गया था. यही वजह है कि अब टीचर्स के बाद स्टूडेंट्स के लिए बायोमेट्रिक मशीनें कॉलेजों में लगवाई जाएंगी. वहीं,  प्रिंसिपल मानते हैं कि कई बार कॉलेज प्रबंधन ह्यूमानिटी ग्राउंड पर ही बच्चों की अटेंडेन्स ले लेता है लेकिन सरकार का ये प्रयास अच्छा होगा इससे बच्चों में डिसिप्लिन आएगा. वहीं,  स्टूडेंट्स को फैसला सही नहीं लग रहा, क्योंकि हरिद्वार, विकानगर जैसे जगह से बच्चे कॉलेज टाइम पर पहुंच पाएंगे. उन्हें लगता है यह संभव नहीं है. यूजीसी की गाइडलाइन के बाद कुछ बच्चे तो कॉलेज पहुंचने लगे थे. अब अगर बायोमेट्रिक भी लगती है तो जाहिर तौर पर अटेंडेन्स में सुधार तो आएगा ही.

छात्रों की पढ़ाई पर असर पड़ा है
बता दें कि सोमवार को खबर सामने आई थी कि कुमाऊं विश्वविद्यालय (Kumaon University) में शिक्षा को पटरी पर लाने की तैयारियां शुरू हो गई है. नवम्बर महीने में विश्वविद्यालय नए सत्र को शुरू करने जा रहा है. हांलाकि, इस बार कोरोना (Corona) के चलते छात्रों की पढ़ाई पर असर पड़ा है. वहीं, विश्वविद्यालय ने सभी महाविद्यालयों को निर्देश जारी किया है कि वो 31 अक्टूबर (31 October) तक प्रथम वर्ष में प्रवेश प्रक्रिया को पूरी कर लें, ताकि छात्रों का आगे नुकसान नहीं हो सके.
 नवम्बर महीने में क्लास शुरू की जानी है


वहीं, कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति एनके जोशी ने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की गाइडलाइन के अनुसार नवम्बर महीने में क्लास शुरू की जानी है. इसको लेकर विश्वविद्यालय तैयार है. इसके साथ ही कुलपति कुमाऊं विश्वविद्यालयने कहा कि छात्रों की पढ़ाई का नुकसान न हो इसके लिये इस सत्र में सर्दी और गर्मी की छुट्टियों को भी कम किया जाएगा, ताकि कोर्स पूरा किया जा सके. वहीं, ओटो प्रमोट किये गये छात्रों पर कुलपति ने कहा कि पिछले कई दिनों से उनकी ऑनलाइन क्लास जारी है. इसमें 85 प्रतिशत छात्रों को लाभ मिल रहा है.
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