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उत्तराखंड बीजेपी में घमासान, पूर्व CM त्रिवेंद्र सिंह रावत के बयान पर मचा बवाल

 कैबिनेट मंत्री हरक सिंह उन मंत्रियों में से एक हैं , जिन्हें त्रिवेंद्र रावत सरकार में कभी उचित सम्मान नहीं मिला. (सांकेतिक फोटो)

कैबिनेट मंत्री हरक सिंह उन मंत्रियों में से एक हैं , जिन्हें त्रिवेंद्र रावत सरकार में कभी उचित सम्मान नहीं मिला. (सांकेतिक फोटो)

कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत (Harak Singh Rawat) ने कहा कि कौन आज शिक्षा दे रहा है बढ़ा दिल करने की, जिनका खुद का दिल संकुचित है.

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देहरादून. कभी अपने ही नेताओं के खिलाफ बयानबाजी के लिए बीजेपी (BJP) कांग्रेस पर चुटकी लेती थी, लेकिन इन दिनों बीजेपी भी कुछ इसी राह चल पड़ी है. लगे हाथ अब कांग्रेस (Congress) भी चुटकी ले रही है. चार साल तक निष्कंटक राज करने वाली प्रचंड बहुमत की बीजेपी सरकार में नेतृत्व परिवर्तन के बाद मची उथल-पुथल थमने का नाम नहीं ले रही है. त्रिवेंद्र सिंह रावत (Trivendra Singh Rawat) के खुद के साथ अभिमन्यू की तरह छल होने, पांडव द्वारा पश्चताप न कर कौरवों का प्रतिकार करने वाले बयान के बाद तो पार्टी के भीतर ही त्रिवेंद्र रावत के खिलाफ खुलकर बयानबाजी शुरू हो गई है. गुरूवार को त्रिवेंद्र रावत ने पौड़ी में बयान दिया कि राजनीति में हमको बढ़ा दिल लेकर चलना चाहिए.

त्रिवेंद्र रावत के इस बयान पर विपक्ष के बजाए जो पहला जवाब आया, वो जवाब आया सत्तारूढ़ दल के ही कैबिनेट मंत्री की ओर से. कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि कौन आज शिक्षा दे रहा है बढ़ा दिल करने की, जिनका खुद का दिल संकुचित है. हरक का कहना है कि ये दुर्भाग्य है कि हम लोग उपदेश तो देते हैं कि दिल बड़ा बनाओ, लेकिन कई बार हमारा खुद का दिल बड़ा नहीं होता. हरक का सीधा निशाना बयान देने वाले अपनी ही पार्टी के पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत पर था. सत्तापक्ष में घमासान हो तो भला विपक्ष कैसे चुप बैठे रह सकता है. कांग्रेस इस पर खुल का चटकारे ले रही है. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह का कहना है कि ये बीजेपी का वैसे तो अंदरूनी मामला है, लेकिन आप देखते रहिए धीरे-धीरे सारी चीजें सामने आएंगी. कौरव भी बीजेपी में भरे पड़े हैं.

विपक्ष भी खूब चटकारे ले रहा है
दरअसल, कैबिनेट मंत्री हरक सिंह उन मंत्रियों में से एक हैं , जिन्हें त्रिवेंद्र रावत सरकार में कभी उचित सम्मान नहीं मिला. अपने बेबाक बयानों के लिए पहचाने जाने वाले हरक सिंह चाह कर भी कभी फुल फॉर्म में नहीं आ पाए. त्रिवेंद्र के साथ हरक सिंह रावत की सीएम रहते कभी पटरी नहीं बैठी. कई मौकों पर दोनों के बीच विवाद भी सामने आए. अब त्रिवेंद्र की विदाई के साथ अब हरक खुलकर बोल रहे हैं, तो विपक्ष भी खूब चटकारे ले रहा है.
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