OMG... इतिहास में पहली बार शराब कारोबारी गए हड़ताल पर, मांग न माने जाने तक बंद रहेंगी दुकानें
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OMG... इतिहास में पहली बार शराब कारोबारी गए हड़ताल पर, मांग न माने जाने तक बंद रहेंगी दुकानें
शराब कारोबारियों का कहना है कि सिर्फ 30-40 परसेंट बिक्री पर पूरे महीने का चार्ज जमा नहीं कर सकते.

चैन से सो रहा आबकारी विभाग कैसे 3600 करोड़ कमाएगा और कैसे 250 करोड़ का कोविड टैक्स आएगा. यह बड़ा सवाल है.

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देहरादून. उत्तराखंड के इतिहास में पहली बार शराब कारोबारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल कर दी है. दरअसल कोरोना की वजह से शराब की बिक्री कम हुई है. इससे परेशान व्यापारी सरकार से सरचार्ज माफ़ करने की मांग कर रहे थे और पहले ही आज से 25 से दुकानें बंद करने की चेतावनी दी थी. सरकार ने व्यापारियों को समझा-बुझाकर एक दिन की सांकेतिक हड़ताल को तो रुकवा दिया था लेकिन फिर किया कुछ नहीं इससे नाराज़ शराब कारोबारियों ने सोमवार से अनिश्चितकाल के लिए दुकानें बंद कर दी हैं. शराब कारोबारियों का कहना है कि सिर्फ 30-40 परसेंट बिक्री पर पूरे महीने का चार्ज जमा नहीं कर सकते. यही हालात रहे तो सरकार चालान काटेगी और उन्हें दुकान छोड़नी होंगी.

मांग न मानी तो नहीं खुलेंगी दुकानें

शराब कारोबारी भागवत सिंह बिष्ट का कहना है कि इस सीज़न में न कोई शादी-पार्टी हैं, न कोई दूसरा इवेंट, बार बंद हैं, होटल बंद हैं, मज़दूर हैं नहीं तो बिक्री कहाँ से होगी? यह बात आबकारी विभाग को समझनी चाहिए. बिना बिक्री के महीने का 100 परसेंट पैसा जमा नहीं हो सकता जबकि बिक्री 30-40 परसेंट रह गई है.



एक अन्य शराब कारोबारी राम कुमार जायसवाल कहते हैं कि शराब की दुकानें तब तक बंद रहेंगी जब तक विभाग रोज़ाना की कमाई के हिसाब से वसूली की बात नहीं मानता.



राहत पर बीजेपी-कांग्रेस एकमत

आबकारी विभाग की 155 दुकानें पहले ही बंद हैं और अब ज़्यादातर दुकानें बंद रहेंगी. ऐसे में चैन से सो रहा आबकारी विभाग कैसे 3600 करोड़ कमाएगा और कैसे 250 करोड़ का कोविड टैक्स आएगा. यह बड़ा सवाल है.

बीजेपी विधायक मुन्ना सिंह चौहान का कहना है कि सरकार को इस मामले में गंभीरता से सोचना चाहिए. क्योंकि कोरोना का असर सब पर पड़ा है. वहीं कांग्रेस ने भी हालात को देखते हुए शराब कारोबारियों को राहत देने की बात कही है.

कारोबारी की नींद उड़ी, अफ़सर मना रहे ईद

जिस आबकारी विभाग की 155 दुकानें पहले से बंद हों, 25 तारीख मई से जहां और दुकानों में भी ताले लटक गए. जिस विभाग को 3600 करोड़ के साथ 250 करोड़ का कोविड टैक्स कमाना है, वहां कारोबारी परेशान हैं. राज्य की कमाई पर संकट है लेकिन अफ़सर ईद की छुट्टी मना रहे हैं. खास बात ये कि यह हाल उस विभाग का है जिसके मंत्री खुद सीएम हैं.
First published: May 25, 2020, 7:11 PM IST
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