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धरने के 40वें दिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने किया महिला बाल विकास मंत्री के लिए बुद्धि-शुद्धि यज्ञ

धरने के 40वें दिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने किया महिला बाल विकास मंत्री के लिए बुद्धि-शुद्धि यज्ञ

40 दिन से 18 हज़ार मानदेय देने की मांग को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता धरना स्थल परेड ग्राउंड पर प्रदर्शन कर रही हैं.

40 दिन से 18 हज़ार मानदेय देने की मांग को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता धरना स्थल परेड ग्राउंड पर प्रदर्शन कर रही हैं.

मंत्री रेखा आर्य ने यह भी कह दिया कि वे सिर्फ़ तीन घंटे काम करती है और उन्हें 7500 मानदेय दिया जाता है, जो काफ़ी है.

देहरादून.  राज्य भर से देहरादून पहुंचीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के धरने को बुधावरा को 40 दिन हो गए हैं. 40 दिन से 18 हज़ार मानदेय देने की मांग को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता धरना स्थल परेड ग्राउंड पर प्रदर्शन कर रही हैं. धरने के 40वें दिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने महिला सशक्तिकरण और बाल विकास विभाग मंत्री रेखा आर्य के लिए बुद्धि शुद्धि यज्ञ किया. आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं अनशन पर भी बैठी हुई हैं जिनमें से कुछ की तो तबियत भी बिगड़ने लगी है लेकिन अब तक इन मांगों पर विभाग ने कोई सकारात्मक रुख नहीं दिखाया है.

ताने सुनकर भी है आंदोलन जारी 

आंदोलन को लीड कर रही आंगनबाड़ी संगठन की अध्यक्ष रेखा नेगी ने बताया कि मानदेय के लिए आंदोलन कर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पति की मार और सास-ससुर के ताने तक सुनकर आंदोलन में शामिल हो रही हैं. महीने भर से आंगनबाड़ी केन्द्रों में ताला लगाकर दून में बैठी महिलाएं अपने घर, परिवार को छोड़कर कभी धर्मशालाओं में तो कोई रिश्तेदारों के यहां ठंड में ठिकाना ढूंढ रही हैं.

आंखों में आंसू लिए इन महिलाओं की बस एक ही डिमान्ड है कि 7500 से बढ़ाकर मानदेय 18000 किया जाए. आर्थिक तंगी झेल रही इन महिलाओं की पीड़ा इतनी ज़्यादा है कि कड़ाके की ठंड में भी यह आंदोलन पर डटी हुई हैं.

जितना देते हैं, उतना काफ़ी

टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी समेत दूरस्थ इलाकों से आंदोलन में शामिल होने आई महिलाएं बताती हैं कि उन्हें घर छोड़कर होटल और धर्मशालाओं में रहना पड़ रहा है. 40,000 से ज्यादा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आंदोलन तो कर रही हैं लेकिन परिवार का साथ अब इन्हें नहीं मिल  रहा है. इन 40 दिन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कैंडल मार्च, रैली से लेकर सचिवालय कूच तक कर चुकी हैं लेकिन अभी तक उनकी एक सूत्रीय मांग पर कोई सकारात्मक रुख नहीं नज़र नहीं आ रहा.

aanganbadi worker, buddhi-shuddhi yagya 2, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कह रही हैं कि कोई भी कार्यकर्ता अब अपना धरना समाप्त नहीं करेगी जब तक सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठाती.
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कह रही हैं कि कोई भी कार्यकर्ता अब अपना धरना समाप्त नहीं करेगी जब तक सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठाती.


मंगलवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता महिला बाल विकास मंत्री से मिलने उनके सरकारी आवास वार्ता करने पहुंची थीं, जहां मंत्री ने कहा था कि उनकी मांगों पर विचार किया जा रहा है. लेकिन मंत्री रेखा आर्य ने यह भी कह दिया कि वे सिर्फ़ तीन घंटे काम करती है और उन्हें 7500 मानदेय दिया जाता है, जो काफ़ी है.

जारी रहेगा धरना 

इसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बंसता रावत ने कहा कि मंत्री जी शायद नहीं जानती कि आंगनबाड़ी सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के अलावा रिपोर्ट बनाने से लेकर बच्चों की ज़िम्मेदारी भी संभालती हैं.

तमाम मुश्किलों के बावजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ज्योतिका पाण्डेय कहती हैं कि कोई भी कार्यकर्ता अब अपना धरना समाप्त नहीं करेगी जब तक सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठाती. तब तक वे अलग-अलग तरीकों से विभाग को जगाने का काम करेंगे.

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Tags: Dehradun news, Protest, Uttarakhand news, Uttarakhand Women

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