COVID-19 से आर्थिक संकट में फंसे उत्तराखंड को कैसे उबारेगी सरकार, 5 प्वाइंट्स में जानें
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COVID-19 से आर्थिक संकट में फंसे उत्तराखंड को कैसे उबारेगी सरकार, 5 प्वाइंट्स में जानें
केंद्र सरकार ने लॉकडाउन के कारण कुछ फाइनेशियल डेडलाइन 30 जून 2020 तक बढ़ा दी थीं.

कोरोना वायरस (Coronavirus) की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों का असर अब सरकारी खजाने पर भी पड़ने लगा है. इसलिए उत्तराखंड सरकार ने मंत्री-विधायक और अफसर-कर्मचारियों के वेतन में कटौती का फैसला लिया है.

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देहरादून. कोरोना वायरस (Coronavirus) की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों का असर अब सरकारी खजाने पर भी पड़ने लगा है. यही वजह है कि उत्तराखंड सरकार (Uttarakhand Government) ने पहले विधायकों के वेतन-भत्ते में 30 फीसदी कटौती का फैसला लिया. अब प्रदेश के कर्मचारियों के वेतन में से भी कटौती करने का फैसला लिया गया है. सरकार ने अपने एक आदेश में कहा है कि कोरोना संकट को देखते हुए सरकारी और अर्ध सरकारी कर्मचारियों की एक दिन की सैलरी काटी जाएगी. कहा जा रहा है कि प्रदेश के लगभग 2.5 लाख कर्मचारियों के वेतन से हर महीने एक दिन की राशि की कटौती होगी. सरकार इन उपायों से प्रदेश को आर्थिक संकट से उबारने की योजना बना रही है.

जानकारी के मुताबिक, सरकार ने फैसले लेने के कुछ देर बाद वित्त विभाग को यह आदेश भी दे दिया है. खास बात यह है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष तक हर माह एक दिन की सैलरी काटकर मुख्यमंत्री राहत कोष में दी जाएगी, ताकि कोरोना वायरस के खिलाफ प्रभावी ढंग से लड़ा जा सके और किसी तरह की आर्थिक तंगी भी न झेलना पड़े. कहा जा रहा है कि सैलरी कटौती के अंदर मुख्य सचिव से लेकर चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी भी है.

संकट से ऐसे उबरेगी सरकार



1- बीते शुक्रवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई, जिसमें कर्मचारियों के वेतन में कटौती को मंजूरी दी गई. हालांकि भत्तों में कटौती पर भी लंबी चर्चा हुई, लेकिन इस पर आम सहमति नहीं बन पाई.



2- कैबिनेट के फैसले के तहत इस वित्तीय वर्ष यानी मार्च 21 तक मुख्य सचिव से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को महामारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए हर महीने एक दिन का वेतन सीएम राहत कोष में देना होगा.

3- सरकार के निर्णय के तहत पेंशनरों से किसी भी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी. दायित्वधारियों का प्रत्येक माह में 5 दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा किया जाएगा.

4- कोरोना संकट के मद्देनजर इसके पहले उत्तराखंड की रावत सरकार ने सभी मंत्रियों और विधायकों के वेतन-भत्तों में भी 30 फीसदी कटौती का आदेश दिया था. इस राशि का इस्तेमाल भी कोरोना संकट से निपटने में किया जाएगा.

5- वेतन कटौती के अलावा सरकार ने राज्य में प्रवासियों के बड़ी तादाद में लौटने को लेकर उन्हें स्वरोजगार में लगाने की भी योजना बनाई है, ताकि अर्थव्यवस्था को संकट से उबारा जा सके. इसके लिए सरकार की विभिन्न योजनाओं में अनुदान और सहायता देने का फैसला लिया गया है.

 

 

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First published: May 30, 2020, 9:34 AM IST
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