लाइव टीवी

ऑर्गेनिक ब्लॉक में कैमिकल इस्तेमाल पर एक लाख जुर्माना, एक साल की सज़ा... MSP घोषित करने वाला पहला राज्य बनेगा उत्तराखंड

Rajesh Dobriyal | News18 Uttarakhand
Updated: November 13, 2019, 7:50 PM IST
ऑर्गेनिक ब्लॉक में कैमिकल इस्तेमाल पर एक लाख जुर्माना, एक साल की सज़ा... MSP घोषित करने वाला पहला राज्य बनेगा उत्तराखंड
कैबिनेट बैठक के थोड़ी ही देर बाद उनियाल ने उत्तराखण्ड बीज एवं तराई विकास विभाग निगम के सम्बन्ध में बैठक की और ऐलान किया कि जिन ऑर्गेनिक उत्पादों की एमएसपी केंद्र सरकार घोषित नहीं करती है उनकी प्रदेश सरकार करेगी.

राज्य के 10 ब्लॉक पहले से ही ऑर्गेनिक ब्लॉक घोषित हैं लेकिन कानून के अभाव में पूरी तरह जैविक खेती का लागू नहीं करवाया जा पा रहा था.

  • Share this:
देहरादून. त्रिवेंद्र रावत कैबिनेट (Trivendra Rawat Cabinet) के जैविक कृषि प्रस्ताव (Organic farming) को मंज़ूरी देते ही कृषि मंत्री सुबोध उनियाल (Agriculture Minister Subodh Uniyal) हरकत में आ गए हैं. कैबिनेट बैठक के थोड़ी ही देर बाद उनियाल ने उत्तराखण्ड बीज एवं तराई विकास विभाग निगम के सम्बन्ध में बैठक की और ऐलान किया कि जिन ऑर्गेनिक उत्पादों की एमएसपी (Organic Products MSP) केंद्र सरकार घोषित नहीं करती है उनकी प्रदेश सरकार करेगी. उनियाल ने कहा कि उत्तराखंड (Uttarakhand) ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य होने वाला है. इस कानून के आने के बाद इन ऑर्गेनिक ब्लॉक्स में खेती के लिए कैमिकल, पैस्टीसाइट, इन्सेस्टिसाइट के इस्तेमाल पर एक लाख रुपये जुर्माना और एक साल की सज़ा दी जा सकेगी.

विधेयक पर चर्चा 

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल प्रदेश के पास कृषि के साथ ही कृषि विपणन, कृषि प्रसंस्करण, कृषि शिक्षा, उद्यान और फलोद्योग एवम् रेशम विकास मंत्रालय का प्रभार है. बैठक में उन्होंने अधिकारियों से जैविक खेती को लेकर कैबिनेट फ़ैसले और इस पर लाए जाने वाले विधेयक पर चर्चा की.

उनियाल ने कहा कि जैविक कृषि विधेयक लाया जाएगा जिसका उद्देश्य राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देना और उत्तराखंड का ऑर्गेनिक राज्य के रूप में विकास करना है. अभी परम्परागत कृषि विकास योजना के तहत प्रदेश में दो लाख एकड़ जमीन में जैविक खेती की जा रही है.

इसलिए थी ज़रूरत 

कृषि मंत्री ने न्यूज़ 18 को बताया कि यह विधेयक लाने की ज़रूरत इसलिए महसूस की गई क्योंकि राज्य के 10 ब्लॉक पहले से ही ऑर्गेनिक ब्लॉक घोषित हैं लेकिन कानून के अभाव में पूरी तरह जैविक खेती का लागू नहीं करवाया जा पा रहा था.

नए विधेयक में खेती में किसी भी तरह के कैमिकल, पेस्टीसाइट, इन्सेस्टिसाइट की बिक्री को पूरी तरह प्रतिबन्धित किया गया है. इन ब्लॉक्स में कैमिकल का इस्तेमाल करने और बिक्री पर एक लाख रुपये के जुर्माने और एक साल की सज़ा का भी प्रावधान किया गया है.ये 10 ब्लॉक बनेंगे ऑर्गेनिक ब्लॉक

रुद्रप्रयाग ज़िले के ऊखीमठ, अग्स्त्यमुनि और जखोली ब्लॉक. टिहरी का प्रताप नगर ब्लॉक. उत्तरकाशी का डुंडा ब्लॉक. पिथौरागढ़ का मुनस्यारी ब्लॉक. अल्मोड़ा में सल्ट ब्लॉक. चमोली में देवाल ब्लॉक. नैनीताल में बेतालघाट ब्लॉक. पौड़ी में जहरीखाल ब्लॉक.

यह होगा फ़ायदा 

उनियाल कहते हैं कि कानून लागू हो जाने के बाद इन सभी ब्लॉक्स में की जाने वाली खेती की ऑर्गेनिक के रूप में ब्रांडिंग करना आसान हो जाएगा. नए कानून का इस्तेमाल अन्य ब्लॉक्स को जैविक ब्लॉक के रूप में घोषित करने के लिए भी किया जा सकेगा और यह ऑर्गेनिक स्टेट की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा.

सुबोध उनियाल ने कहा कि जिन ऑर्गेनिक उत्पादों का न्यूनतम ख़रीद मूल्य (एमएसपी) भारत सरकार घोषित नहीं करती है, उनका एमएसपी भी प्रदेश में घोषित किया जाएगा. ऐसा करने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य होगा.

नर्सरी एक्ट में सुधार 

बैठक में मंडी परिषद में रिवॉलविंग फण्ड जनरेट करने का निर्णय लिया गया और इसके माध्यम से पूरे ऑर्गेनिक उत्पाद को मण्डी खरीदेगी और उसकी प्रोसेसिंग करने के बाद मार्केटिंग करेगी. इससे जो लाभ होगा, वह किसानों में बांट दिया जाएगा.

उद्यान और फलोद्योग मंत्री उनियाल ने कहा कि कैबिनेट ने उद्यान क्षेत्र में सुधार के लिए भी महत्वपूर्ण फ़ैसला किया है. आज किए गए फ़ैसले में सरकारी नर्सरियों को भी नर्सरी एक्ट में डाल दिया गया है. इसके तहत सरकारी नर्सरी से निकली पौध अगर गुणवत्ता के विपरित होगी तो सजा एवं जुर्माने का प्रावधान होगा.

ये भी देखें: 

लाखों की नौकरी छोड़ गांव में ऑर्गेनिक खेती कर रही पहाड़ की बेटी, CM ने किया सम्मानित

उत्तराखंड में ऑर्गेनिक चाय के उत्पादन को दिया जा रहा बढ़ावा

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देहरादून से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 13, 2019, 7:48 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर