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पंचायत चुनाव : पहाड़, मैदान और पलायन की तस्वीर पेश कर रहे हैं मतदान के आंकड़े

Sunil Navprabhat | News18 Uttarakhand
Updated: October 6, 2019, 12:09 PM IST
पंचायत चुनाव : पहाड़, मैदान और पलायन की तस्वीर पेश कर रहे हैं मतदान के आंकड़े
पंचायत चुनाव ; सबसे कम मतदान तीन जिलों अल्मोड़ा, पौड़ी और टिहरी में हुआ.

पहाड़ में उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग को छोड़ शेष जिलों में अपेक्षाकृत कम मतदान हुआ. टॉप पर रहा ऊधमसिंहनगर. यहां रिकॉर्ड 86 फीसदी मतदान हुआ.

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देहरादून. उत्तराखंड में पंचायत चुनाव (Panchayat Election) के तहत प्रथम चरण का मतदान (First Phase Voting) शनिवार को संपन्न हुआ. पहले चरण के चुनाव में उत्तराखंड के कुल 89 विकासखंडों में से 30 में मतदान हुआ. इन 30 विकासखंडो में 14 लाख 95 हजार मतदाता थे, जिनमें से 8 लाख 60 हजार लोगों ने मतदान किया. यानि पहले चरण में ओवर ऑल 69.27 फीसदी मतदान हुआ. प्रथम चरण के चुनाव में एक बात बड़ी दिलचस्प रही और वो ये कि सबसे अधिक मतदान मैदानी जिलों और खासकर उन जिलों में हुआ जहां पलायन (Migration) नहीं के बराबर है.

पहाड़ में उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग को छोड़ शेष जिलों में अपेक्षाकृत कम मतदान हुआ. टॉप पर रहा ऊधमसिंहनगर. यहां रिकॉर्ड 86 फीसदी मतदान हुआ. यहां एक लाख 77 हजार मतदाताओं में से एक लाख 27 हजार मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया.

नैनीताल पहाड़ और मैदान का मिलाजुला रूप है

दूसरे नंबर पर रहा नैनीताल. नैनीताल में 77 फीसदी मतदान हुआ. नैनीताल जिला पहाड़ और मैदान का मिला जुला रूप है. यहां जिन तीन विकासखंडों में मतदान हुआ उनमें से दो प्रमुख रामनगर और हल्द्वानी विकासखंड मैदानी क्षेत्र हैं. इसी तरह देहरादून में 74 फीसदी मतदान हुआ. चम्पावत में 73 फीसदी वोट

पड़े. शेष पहाड़ी जिलों रुद्रप्रयाग में 72, चमोली में 71, अल्मोड़ा में 62 फीसदी मतदान हुआ. पौड़ी में 56 और टिहरी में सबसे कम 55 फीसदी मतदान हुआ.

पहाड़ में उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग को छोड़ शेष जिलों में अपेक्षाकृत कम मतदान हुआ.


सबसे कम मतदान तीन जिलों अल्मोड़ा, पौड़ी और टिहरी जिलों में हुआ. इसके पीछे ये भी तर्क दिया जा रहा है कि इन्हीं क्षेत्रों में सबसे अधिक पलायन भी हुआ है. पौड़ी और अल्मोड़ा में पलायन रिकॉर्ड स्तर पर है. टिहरी में भी अधिकतर लोग देहरादून, ऋषिकेश आदि क्षेत्रों में माइग्रेट कर गए हैं. पहाड़ी क्षेत्रों में मतदान में टॉप पर रहे उत्तरकाशी में आज भी माइग्रेशन नहीं के बराबर है.
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जानकार कहते हैं कि फर्स्ट फेज में हुआ 69 फीसदी मतदान इन चुनावों का सबसे टॉप परसेंटज रहने वाला है. ऐसा इसलिए, क्योंकि फर्स्ट फेज में मतदान उन विकासखंडों में हुआ जो जिला मुख्यालय के नजदीक थे. तीसरे और अंतिम चरण का जो मतदान होगा वो सबसे दूरस्थ विकासखंडों में होगा. यही वो क्षेत्र होंगे जो सर्वाधिक माइग्रेशन की मार झेल रहे हैं. गांव के गांव खाली हो चुके हैं. ऐसे में थर्ड फेज का मतदान प्रतिशत पहाड़ों के गावों की असली तस्वीर सामने रखेगा.

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First published: October 6, 2019, 12:09 PM IST
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