सारे दावे फेल... पौड़ी से लगातार पलायन जारी, किसानों के बराबर हुए मज़दूर

पौड़ी ज़िले का सामाजिक और आर्थिक विश्लेषण करती यह रिपेार्ट बताती है कि आर्थिक असमानता, कृषि से मोहभंग होने और लचर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के कारण पलायन बढ़ता जा रहा है.

Sunil Navprabhat | News18 Uttarakhand
Updated: December 7, 2018, 4:44 PM IST
सारे दावे फेल... पौड़ी से लगातार पलायन जारी, किसानों के बराबर हुए मज़दूर
पलायन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार पौड़ी ज़़िले से पलायन लगातार जारी है.
Sunil Navprabhat
Sunil Navprabhat | News18 Uttarakhand
Updated: December 7, 2018, 4:44 PM IST
पलायन आयोग (ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग) को बने साल भर से ज़्यादा समय हो गया है और सरकार के सभी विभाग अपनी-अपनी तरह से पलायन रोकने के लिए काम कर रहे हैं ज़मीन पर होता कुछ नहीं दिख रहाहै. राज्य के सर्वाधिक पलायन प्रभावित ज़िले पौड़ी में हालात अब भी सुधर नहीं रहे हैं. यह कहना है पलायन आयोग का, जिसने शुक्रवार को पौड़ी जिले में पलायन को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपी है.

2011 की जनगणना के रिपोर्ट जब सार्वजनिक की गई थी, तो पौड़ी ज़िले के आंकड़ों ने सबको चौंका दिया था. जो बात लोग मौखिक रूप से कहा करते थे वह जनगणना के आंकड़ों ने तथ्यों में बदल दी थी.  13 तहसील और 15 विकासखंड वाले इस ज़िले में जनसंख्या बढ़ने के बजाए कम हो गई थी. पलायन आयोग की ताज़ा रिपोर्ट बताती है कि पौड़ी में हालात अब भी नहीं संभल रहे हैं बल्कि और भी बदतर होते जा रहे हैं.

यह रिपोर्ट 2011 की जनगणना के बाद सबसे प्रमाणिक रिपोर्ट मानी जा रही है. एक नज़र इस रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्षों परः


  • 657 गांव बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में पूरी तरह घोस्ट विलेज में तब्दील हो गए हैं. इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है क्योंकि रिपोर्ट कहती है कि 349 गांव ऐसे हैं जिनकी जनसंख्या 2011 के बाद घटकर आधी रह गई.

  • पौड़ी में खेती से लोगों का मोहभंग हो रहा है. हालत यह हो गई है कि कि मज़दूरी करने वाले लगभग खेती-किसानी करने वालों के बराबर हो गए हैं. पौड़ी में सिर्फ़ 38.81 फीसदी लोग खेती करते हैं तो मज़दूरी करने वाले 38.67 फ़ीसदी हो गए हैं.

  • पौड़ी की 1212 ग्राम पंचायतों में से 1025 ग्राम पंचायतों में पलायन हुआ है. पलायन करने वालों में अधिकतर 26 से 35 आयु वर्ग वाले युवा हैं जो रोज़गार की तलाश में पलायन कर रहे हैं.

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  • पौड़ी ज़िले का सामाजिक और आर्थिक विश्लेषण करती यह रिपेार्ट बताती है कि आर्थिक असमानता, कृषि से मोहभंग होने और लचर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के कारण पलायन बढ़ता जा रहा है. रिपोर्ट में पलायन को रोकने के लिए पर्यटन, कृषि, पशुपालन को बढ़ावा देने के साथ ही ज़िले की ग्रामीण सामाजिक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने समेत कई सिफारिशें की गई हैं.


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