लाइव टीवी

जामिया और कश्मीर के लोग उत्तराखंड में शांति भंग करने की फिराक में- CM रावत

भाषा
Updated: January 23, 2020, 10:22 PM IST
जामिया और कश्मीर के लोग उत्तराखंड में शांति भंग करने की फिराक में- CM रावत
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मीडिया से कही ये बात

'मेरे पास फीडबैक है कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया (Jamia Millia Islamia) और कश्मीर के लोग शांति भंग करने के लिए यहां आए हैं.'

  • Share this:
देहरादून. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत (CM Trivendra Singh Rawat) ने गुरुवार को कहा कि उनके पास इस बात की खबर है कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया और कश्मीर के लोग उत्तेजना पैदा करने तथा शांति भंग करने के लिए उत्तराखंड में घुस चुके हैं. प्रदेश में उपद्रव करने की नीयत से बाहर से यहां आये लोगों को सख्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि ऐसी चीजों को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.

शांति भंग करने वालों को दी चेतावनी
यहां एक समारोह के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए रावत ने कहा, 'मेरे पास फीडबैक है कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया और कश्मीर के लोग शांति भंग करने के लिए यहां आए हैं. मैं उन्हें चेतावनी देना चाहता हूं कि यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.' ऐसे तत्वों से प्रदेश में न घुसने की ताकीद करते हुए कहा, 'शांतिपूर्ण विरोध ठीक है लेकिन अगर प्रदेश के बाहर के लोग यहां की जनता को उकसाने और शांति भंग करने के लिए आएंगे तो हमें उनसे सख्ती से निपटना होगा.' संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) का विरोध करने के लिये आज नैनीताल जिले के हल्द्वानी में धरना शुरू किया गया है.

भाजपा के प्रदेश मीडिया इंचार्ज देवेंद्र भसीन ने सीएए के खिलाफ हल्द्वानी में धरना शुरू किए जाने की कड़ी आलोचना करते हुए इसे एक गहरे षडयंत्र का हिस्सा बताया है.

पीएम मोदी को बदनाम करने की ही साजिश
यहां जारी एक बयान में उन्होंने कहा,
'सीएए के विरूद्ध हल्द्वानी में शुरू किया गया धरना उस षडयंत्र का हिस्सा है जो कांग्रेस, वामपंथी दलों, सपा व अन्य विरोधी ताकतें केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सरकार और प्रदेशों में भाजपा नेतृत्व की सरकारों को बदनाम करने और वहां अव्यवस्था फैलाने की मंशा से किया जा रहा है.'


मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए यहां पढ़ने वाली कश्मीरी छात्रों के संगठन जम्मू-कश्मीर स्टूडेंटस एसोसियेशन ने कहा कि उन्हें इस तरह के 'उकसाने वाले' बयान नहीं देने चाहिए. एसोसियेशन के प्रवक्ता नसीर खुएहामी ने मुख्यमंत्री से अपने शब्द वापस लेने को भी कहा. उन्होंने कहा, 'इस प्रकार के उकसाने वाले बयान देने की बजाय कश्मीरी छात्रों के लिए सुरक्षा सुनिश्चित कीजिए.'ये भी पढ़ें: 

हल्द्वानी में भी लग रहे आज़ादी के नारे, शाहीन बाग की तरह धरने में महिलाएं आगे

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देहरादून से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 23, 2020, 10:22 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर