Corona पॉजिटिव बंशीधर भगत के गृह प्रवेश में शामिल लोगों से बढ़ा खतरा तो सरकार ने कोरोना टेस्ट का लिया फैसला
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Corona पॉजिटिव बंशीधर भगत के गृह प्रवेश में शामिल लोगों से बढ़ा खतरा तो सरकार ने कोरोना टेस्ट का लिया फैसला
24 अगस्त को बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के गृह प्रवेश में 100 से भी ज़्यादा लोग शामिल हुए थे.

उत्तराखंड भाजपा (BJP) के अध्यक्ष बंशीधर भगत (Banshidhar Bhagat) के यहां बीते 24 अगस्त को गृह प्रवेश कार्यक्रम था, जिसमें सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत (CM TS Rawat) समेत बड़ी संख्या में नेता और पत्रकार शामिल हुए थे.

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  • Last Updated: August 31, 2020, 11:40 PM IST
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देहरादून. उत्तराखंड बीजेपी अध्यक्ष बंशीधर भगत (Banshidhar Bhagat) के कोरोना पॉज़िटिव होने के बाद उत्तराखंड में कई पत्रकारों के भी संक्रमित होने का खतरा पैदा हो गया है. भगत के COVID-19 संक्रमित होने के बाद शनिवार को एक टीवी पत्रकार भी पॉज़िटिव निकले जो 24 अगस्त को उनके गृह प्रवेश कार्यक्रम को कवर करने गए थे. मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने मंगलवार एक सितंबर को ऐसे सभी पत्रकारों का टेस्ट करवाने का फ़ैसला किया है, जो उस कार्यक्रम में शामिल हुए थे. कांग्रेस (Congress) ने इसे पर्याप्त नहीं बताया है और पत्रकारों समेत सभी कोरोना वॉरियर्स के टेस्ट, अटल आयुष्मान योजना के तहत करवाने की मांग की है. राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि इस सबको टाला जा सकता था. पत्रकार नेता कह रहे हैं कि सरकार को पत्रकारों की कोई परवाह नहीं.

भव्य गृह प्रवेश समारोह

बीते 24 अगस्त को बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने अपने सरकारी मकान में गृह प्रवेश कार्यक्रम का आयोजन किया था. इसमें बड़ी संख्या में बीजेपी नेता, कार्यकर्ताओं के साथ ही पत्रकार भी शामिल हुए थे. कार्यक्रम को कवर करने वाले एक रिपोर्टर के अनुसार इस कार्यक्रम में 100 से ज़्यादा लोग थे. मुख्यमंत्री समेत कई मंत्री भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए थे.



बंशीधर भगत से पहले उनके बेटे को कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई. वह देहरादून में गृह प्रवेश में शामिल होने के बाद हल्द्वानी स्थित अपने घर चले गए थे. इसके बाद शुक्रवार को बंशीधर भगत का कोरोना टेस्ट भी पॉज़िटिव पाया गया. 70 साल के बंशीधर भगत को ऐहतियातन दून अस्पताल में भर्ती करवाया गया है.
मंगलवार को पता चलेगा कितने पत्रकार संक्रमित

बंशीधर भगत के कोरोना पॉज़िटिव पाए जाने के बाद शनिवार को एक रिपोर्टर भी कोरोना पॉज़िटिव निकल आए. हालांकि वह ए-सिम्पमैटिक हैं और घर पर ही आइसोलेट हैं. इसके बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के गृह प्रवेश में शामिल होने वाले पत्रकारों ने इस बारे में चिंता जताई. बीजेपी के मीडिया प्रभारी देवेंद्र भसीन ने मुख्यमंत्री से बात की और मंगलवार, एक सितंबर को पत्रकारों के टेस्ट का इंतज़ाम किया गया. भसीन ने कहा कि बीजेपी पत्रकारों को कोरोना वॉरियर मानती है और इसलिए आशंका होते ही पत्रकारों के टेस्ट का इंतज़ाम किया गया. मंगलवार को टेस्ट होने के बाद पता चल पाएगा कि कितने पत्रकार संक्रमित हैं.

पत्रकारों की अहमियत नहीं

श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के प्रदेश महामंत्री और स्टेट प्रेस क्लब, उत्तराखंड के अध्यक्ष विश्वजीत नेगी कहते हैं कि इस मामले में पूरी तरह सरकार की संवेदनहीन नज़र आती है. नेताओं का टेस्ट तो आसानी से हो जा रहा है, लेकिन पत्रकारों के कोरोना पॉज़िटिव पाए जाने के बाद भी सरकार ख़ामोश है. तीन दिन तक टेस्ट टालने का अर्थ यह है कि सरकार कोरोना संक्रमण फैलाने की अनुमति दे रही है क्योंकि एक रिपोर्टर, कैमरापर्सन दिन में 100 लोगों से मिलता है. नेगी कहते हैं कि पत्रकारों को भी ऐसे कार्यक्रमों में जाने से बचना चाहिए जिसमें बहुत ज़्यादा भीड़-भाड़ होने की आशंका हो. उत्तराखंड पत्रकार यूनियन के अध्यक्ष चेतन गुरुंग कहते हैं कि बीजेपी नेताओं को अपनी ज़िम्मेदारी समझनी चाहिए और ऐसे आयोजनों से बचना चाहिए.

चलते-फिरते कोरोना बम

कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी कहती हैं कि बीजेपी सरकार कोरोना संक्रमण काल में पूरी तरह एकतरफ़ा कार्रवाई कर रही है. सारे मुकदमे विपक्षी दलों के नेताओं पर दर्ज हुए हैं. जबकि रुड़की के मेयर के जॉयनिंग में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न होना, फ़िल्म की शूटिंग में बिना मास्क के बंशीधर भगत के पहुंच जाने जैसे मामलों पर एक्शन होना चाहिए था.

गृह प्रवेश समारोह पर इतनी बड़ी संख्या में लोगों को बुलाने पर सवाल उठाते हुए दसौनी कहती हैं, 'आप न तो जनता के हित में कोई काम कर रहे थे, न यह ऐसा कोई आयोजन था जिसे टाला नहीं जा सकता था. यह आयोजन करके बंशीधर भगत ने लोगों की ज़िंदगी को खतरे में डाला है. आज उस कार्यक्रम में शामिल हुए पत्रकार और अतिथि कोरोना बम बनकर शहर में घूम रहे हैं.'

गरिमा दसौनी कहती हैं कांग्रेस शुरू से मांग कर रही है कि अटल आयुष्मान योजना के तहत सभी फ़्रंटलाइन कोरोना वॉरियर्स, जिनमें पत्रकार, सफ़ाई कर्मचारी, मेडिकल स्टाफ़ शामिल हैं का निशुल्क कोरोना टेस्ट करवाया जाए. जिस तेज़ी से BJP कार्यालय को सील किया गया है उसी तेज़ी से उस कार्यक्रम में शामिल हुए सभी लोगों का रैपिड टेस्ट करवाया जाए.

संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ी

गैर सरकारी संगठन एसडीएस कोरोना संक्रमण के आंकड़ों का विश्लेषण कर रहा है और वायरस से जुड़े डेवलपमेंट्स पर नज़र रख रहा है. एसडीएस के अध्यक्ष अनूप नौटियाल कहते हैं कि उस आयोजन में शामिल होने वाले सभी लोगों का आरटी-पीसीआर टेस्ट भी होना चाहिए क्योंकि रैपिड एंटीजन टेस्ट हमेशा ए-सिम्पटमैटिक लोगों को नहीं पकड़ पाता. एंटीजन टेस्ट के फ़ाल्स निगेटिव रिज़ल्ट देने की संभावना बहुत ज़्यादा होती है.

नौटियाल कहते हैं कि उस कार्यक्रम में जो लोग आए थे, चाहे वह पत्रकार हों या राजनीति से जुड़े लोग, उनके काम की प्रकृति ऐसी कि उन्हें लोगों से मिलना ही पड़ता है इसलिए व्यापक स्तर पर संक्रमण फैलने की आशंका अब बहुत बढ़ गई है. इसके अलावा एक तथ्य और है कि अब केस इतने ज़्यादा आने लगे हैं कि इतने बड़े पैमाने पर कॉंटेक्ट ट्रेसिंग भी संभव नहीं है. इसलिए जो हुआ है उसका असर बहुत ज़्यादा पड़ेगा. नौटियाल भी दसौनी की बात से सहमत नज़र आते हैं कि इस आयोजन को टाला जाना चाहिए था.
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