Uttarakhand : बेवजह बहाया पानी तो मिलेगी बड़ी सजा, बूंद-बंद पानी के लिए तरस जाएगा पूरा परिवार

उत्तराखंड में बर्बाद किए जा रहे पानी को बचाने की कवायद शुरू. (प्रतीकात्मक फोटो)
उत्तराखंड में बर्बाद किए जा रहे पानी को बचाने की कवायद शुरू. (प्रतीकात्मक फोटो)

उत्तराखंड (Uttarakhand) में पेयजल संस्थान और सिंचाई विभाग मिलकर अब नीति बना रहे हैं. कार धोने के नाम पर पानी सड़कों पर बर्बाद करने के दोषी को 1 लाख रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है या 5 साल तक की सजा हो सकती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 1, 2020, 5:23 PM IST
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देहरादून. उत्तराखंड (Uttarakhand) में पानी का बेजा इस्तेमाल करनेवाले अब सतर्क हो जाएं. अगर आपने पानी बर्बाद किया या फिर बिना परमिशन बोरिंग करवाई तो आपकी खैर नहीं. मुमकिन है कि पकड़े जाने पर आपको जेल की हवा खानी पड़ जाए, साथ ही साथ 1 लाख रुपये तक की पेनल्टी भरनी पड़े.

पेयजल निगम, जल संस्थान और देहरादून जिला प्रशासन (Dehradun District Administration) ने ऐसे तमाम लोगों पर अब नकेल कसने की तैयारी कर ली है, जिन्होंने अपने घर में बगैर इजाजत बोरिंग करवाई है. साथ ही कार धोने के नाम पर लाखों लीटर पानी सड़कों पर बर्बाद कर देते हैं. मामले में दोषी पाए जाने पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. या 5 साल तक की सजा हो सकती है. सेंट्रल ग्राउंड वॉटर लेवल अथॉरिटी के 8 अक्टूबर को जारी ऑर्डर के मद्देनजर यह कार्रवाई की जाएगी. अब राज्य में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई किए जाने का निर्देश है. सुप्रीम कोर्ट के वकील आकाश वशिष्ठ बताते हैं कि पानी की बर्बादी को लेकर कोर्ट में पीआईएल डाली गई थी, जिस पर फैसला करते हुए सेंट्रल ग्राउंड लेवल अथॉरिटी ने ये फैसला किया है.

बनाई जा रही है पानी बचाने की नीति



वहीं, पेयजल संस्थान और सिंचाई विभाग मिलकर अब नीति बनाने की बात कह रहे हैं. उनके मुताबिक, पानी की बर्बादी रोकने के लिए तमाम ऐहतियात बरते जाएंगे. प्रदेश भर में पानी के मीटर लगाए जाएंगे. इस काम की शुरुआत श्रीनगर से की जा चुकी. देहरादून प्रशासन ने भी पानी का इस्तेमाल करने वाले लोगों की सर्वे कर लिस्ट मांगी है. पेयजल संस्थान के एमडी वीसी पुरोहित मानते हैं कि पानी की बर्बादी मीटर लगाकर ही रोकी जा सकती है. जब लोगों को बिल देने पड़ेंगे तो वे लिमिट में ही पानी का इस्तेमाल करेंगे. यानी अगर अब आपने पानी की बर्बादी की, तो जेल की हवा खाने को भी तैयार रहें क्योंकि लोगों की गलतियों की वजह से प्रकृति से छेड़छाड़ हो रही है और नुकसान सबको उठाना पड़ रहा है.
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