नए कृषि विधेयकों पर खींचतान...  उत्तराखंड में किसके कान मरोड़ सकते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी?

हरीश  रावत और बंशीधर भगत में कृषि विधेयकों पर फिर ज़ुबानी जंग छिड़ गई है.
हरीश रावत और बंशीधर भगत में कृषि विधेयकों पर फिर ज़ुबानी जंग छिड़ गई है.

कांग्रेस को घेरने के लिए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने कह दिया कि एजेंडा कांग्रेस का था, जिस पर मोदी जी ने मुहर लगा दी इसलिए कांग्रेस परेशान है.

  • Share this:
देहरादून. राजनीति में जल्दबाजी में दिया बयान कई बार भारी पड़ जाता है, ऐसा ही कुछ एक बार फिर होता दिख रहा है बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के साथ. पूर्व सीएम हरीश रावत ने तो यह तक कह दिया कि कहीं पीएम मोदी कान न मरोड़ दें. लोकसभा और राज्यसभा से पास हो गए 3 नए कृषि सुधार वाले विधेयकों की तारीफ़ अर्थशास्त्री और कृषि विशेषज्ञ तो कर रहे हैं लेकिन कांग्रेस विरोध पर अड़ी है. कांग्रेस को घेरने के लिए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने कह दिया कि एजेंडा कांग्रेस का था, जिस पर मोदी जी ने मुहर लगा दी इसलिए कांग्रेस परेशान है. इसी पर हरीश रावत ने चुटकी ली.

हरीश रावत ने ली चुटकी 

राजनीति है इसलिए कांग्रेस शासित पंजाब में भी इसका खूब विरोध हो रहा है, जहां के प्रदेश प्रभारी हरीश रावत हैं. इससे पहले हरीश रावत देहरादून में मौन व्रत भी रख चुके हैं. हरीश रावत की राजनीति, कानून का समर्थन कर रही बीजेपी की समझ नहीं आ रही.



बंसीधर भगत ने किसानों के हित वाले कानून को कांग्रेस का एजेंडा क्या बताया. कांग्रेस को निशाना साधने का मौका मिल गया.
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि बंशीधर भगत से पूछा जाना चाहिए, कि आखिर वह कहना क्या चाहते हैं? यह कि केंद्र सरकार अपने विधेयक तक नहीं बना पा रही? कहीं ऐसा न हो कि पीएम मोदी भगत जी के कान मरोड़ दें.

पहले भी बयान पर घिर चुके हैं भगत 

यह पहली बार नहीं है, जब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अपने बयान पर घिरे हों. इससे पहले भी प्रधानमंत्री मोदी पर दिए बंशीधर भगत के बयान पर पार्टी को सफाई देनी पड़ी थी. दरअसल जब पत्रकारों ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष से पूछा था कि क्या 2022 में टिकट परफॉर्मेंस के आधार पर मिलेगा? तब बंशीधर भगत ने कह दिया कहा था कि अब नरेंद्र मोदी के नाम से नैय्या पार नहीं होगी इसलिए विधायकों को खुद मेहनत करनी पड़ेगी.

तब भी कांग्रेस को निशाना साधने का मौका मिला था. कांग्रेस ने कहा था कि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष खुद मान रहे हैं, कि नरेंद्र मोदी का नाम अब किसी काम का नहीं रहा.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज