ऐसे होगा सफ़र आसान? कच्चे मसाले से भरे जा रहे हैं NH-72 के गड्ढे

NHA रोज़ 25 किलोमीटर हाईवे तैयार कर रही है. इस हिसाब से 100 किलोमीटर का काम 4 दिन में हो जाना चाहिए. लेकिन उत्तराखंड में 8 साल में इस हाईवे की हालत में ज़रा भी सुधार होता नहीं दिखा है.

News18 Uttarakhand
Updated: September 10, 2018, 6:21 PM IST
ऐसे होगा सफ़र आसान? कच्चे मसाले से भरे जा रहे हैं NH-72 के गड्ढे
राजधानी के अंदर NH-72 की हालत इतनी ख़राब है कि सफर करते हुए आपको ये गाड़ी की सवारी कम, ऊंट की सवारी ज़्यादा लगेगी
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Updated: September 10, 2018, 6:21 PM IST
नेशनल हाईवे-72 लगभग 100 किलोमीटर उत्तराखंड से होकर गुज़रता है. इसकी हालत कितनी खराब है ये देहरादून के अंदर 7 किलोमीटर का सफ़र साफ़ कर देता है. राजधानी के अंदर हाईवे की हालत इतनी ख़राब है कि सफर करते हुए आपको ये गाड़ी की सवारी कम, ऊंट की सवारी ज़्यादा लगेगी. इसी साल जनवरी में केंद्रीय सड़क परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री देहरादून आए तो उनका काफ़िला भी अम्बाला-हरिद्वार को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-72 से गुजरा था. खराब हालात पर नितिन गडकरी ने नाराजगी भी जताई थी लेकिन हालत नहीं सुधरी.

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया देश में रोजाना करीब 25 किलोमीटर हाईवे तैयार कर रही है. इस हिसाब से 100 किलोमीटर का काम 4 दिन में हो जाना चाहिए. लेकिन उत्तराखंड में 8 साल में इस हाईवे की हालत में ज़रा भी सुधार होता नहीं दिखा है.

नैनीताल हाईकोर्ट तक नेशनल हाइवे-72 का चौड़ीकरण करने और काम पूरा करने के आदेश कर चुका है लेकिन इसके बावजूद काम होता नहीं दिख रहा है. हालत ये है कि गड्ढों में सफर करते हुए आपको मज़े की सवारी कम और ऊंट की सवारी ज्यादा लगता है.

अब हाईवे की हालत सुधारने के नाम पर राजधानी देहरादून में कच्चा मसाला और कूड़ा-करकट डालकर गड्ढ़ों को भरा जा रहा है. सवाल यह है कि ये मसाला कितने दिन टिक पाएगा? लेकिन इस सवाल का जवाब देने के लिए न NHAI के अधिकारी तैयार हैं और न ही ज़मीन पर काम करने वाले कर्मचारी.

(देहरादून से दीपांकर भट्ट की रिपोर्ट)

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