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बिजलीकर्मियों की 15 घंटे की हड़ताल से बैकफुट पर उत्तराखंड सरकार, महीने भर की मोहलत मांगी

उत्तराखंड सरकार ने ऊर्जा विभाग के हड़ताली कर्मचारियों के साथ बैठक की.

उत्तराखंड सरकार ने ऊर्जा विभाग के हड़ताली कर्मचारियों के साथ बैठक की.

राज्य सरकार के ऊर्जा मंत्री ने ज़रूरी मांगों को आधे और बाकी मांगों को एक महीने के भीतर मान लिये जाने का आश्वासन दिया, तब जाकर बिजली विभाग के कर्मचारियों ने हड़ताल वापस ली. जानिए कैसे दबाव से टली हड़ताल.

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देहरादून. ऊर्जा मंत्री हरक सिंह रावत और संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों के बीच बातचीत के बाद ऊर्जा कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल को स्थगित कर दिया. बैठक के बाद संयुक्त संघर्ष मोर्चा से जुड़े पदाधिकारियों ने हड़ताल को वापस ले लिया. बैठक में यूपीसीएल एमडी दीपक रावत भी मौजूद रहे और काफी मंथन के बाद कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने के लिए उत्तराखंड सरकार ने समय मांगा, जिस पर विद्युत कर्मचारी संघ ने सहमति जताते हुए हड़ताल को फिलहाल खत्म कर दिया.

ऊर्जा विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल तकरीबन 15 घंटे तक चली. मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि 1 महीने के अंदर संयुक्त संघर्ष मोर्चा की मांगों को पूरा किया जाएगा. यह आश्वासन भी दिया गया कि जायज़ मांगों को विभागीय स्तर पर 15 दिन के अंदर निपटाने का प्रयास किया जाएगा. अपनी 14 सूत्रीय मांगों को लेकर ऊर्जा निगम के संयुक्त संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारी सोमवार देर रात से हड़ताल पर थे, जिसके बाद प्रदेश के कई इलाकों में बिजली संबंधी दिक्कतें पेश आईं.

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बिजली कटी तो सरकार की बत्ती जली
14 सूत्रीय मांगों को लेकर लगातार सरकार पर सुबह से दबाव बनाया गया. कर्मचारियों की हड़ताल के कारण देहरादून के बिंदाल, माजरा पुरकुल और झाझरा पावर हाउस समेत शहर के कई इलाकों की बिजली गुल रही. 15 घंटे तक चली हड़ताल ने ऊर्जा मंत्री को बैकफुट पर ला ही दिया. इससे पहले यूपीसीएल एमडी मुख्य सचिव से वार्ता के बाद कर्मचारियों को आश्वासन नहीं मिला था. इसके बाद ही हड़ताल शुरू की गई थी. मंगलवार सुबह कैबिनेट बैठक से भी कर्मचारियों को उम्मीदें थीं लेकिन बैठक में इस बारे में कोई प्रस्ताव न आने से कर्मचारियों में रोष बढ़ा और इसके बाद खुद ऊर्जा मंत्री को मांगें मानने पर मजबूर होना पड़ा.

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उत्तराखंड सरकार की वादाखिलाफी से गुस्साए बिजलीकर्मियों ने फिर बंद किया काम, 3 दिन परेशान होगी जनता

उत्तराखंड स्थित ऊर्जा भवन. (File Photo)

Uttarakhand News: लंबे समय से अपनी 14 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे ऊर्जा विभाग कर्मियों ने 'टूल एंड पेन डाउन' करते हुए कामबंदी कर दी है. आज से तीन दिनों तक जनता की बिजली संबंधी शिकायतें नहीं सुनी जाएंगी.

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देहरादून. राज्य भर में आज मंगलवार से बिजली उपभोक्ताओं को बिजली संबंधी दिक्कतें झेलनी पड़ेंगी. गुरुवार तक राज्य भर में अगर किसी भी इलाके में कोई बिजली फॉल्ट हुआ, तो दुरुस्तीकरण का काम नहीं होगा, नये मीटर लगने का काम बंद रहेगा, बिजली बिल बनने समेत कई तरह के काम प्रभावित रहेंगे.

इसका बड़ा कारण उत्तराखंड में तीनों ऊर्जा निगमों के कर्मचारियों द्वारा मंगलवार से ‘टूल और पेन डाउन’ किया जाना है. उत्तराखंड में बिजली कर्मचारी अपनी मांगें पूरी न होने के चलते 21 से 23 सितंबर तक एक तरह से काम रोककर हड़ताल करने जा रहे हैं.

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14 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं ऊर्जाकर्मी

दरअसल ऊर्जाकर्मी लम्बे समय से अपनी 14 सूत्रीय मांगों को लेकर समय-समय पर आंदोलन करते रहे हैं. इससे पहले ये कर्मचारी 26 जुलाई को भी हड़ताल पर गये थे, लेकिन सरकार के साथ बातचीत के बाद मिले आश्वासनों के चलते कर्मचारियों ने सरकार को एक महीने का समय दिया था. महीना गुज़रने के बाद भी कर्मचारियों की मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो कर्मचारियों ने एक बार फिर नाराज़गी दिखाई है. अपनी 14 सूत्रीय मांगों को लेकर एक बार फिर वे आन्दोलन कर रहे हैं.

3 दिन नहीं होगा कोई काम, अक्टूबर में हड़ताल की धमकी

इस कामबंदी के दौरान 21 से 23 तक कर्मचारी न तो दफ्तरों में पेन का प्रयोग करेंगे और न ही कोई टूल उठाएंगे. वहीं, जूनियर इंजीनियर संगठन के अध्यक्ष संदीप शर्मा का कहना है कि सरकार उनकी मांगों को जल्द न मानी, तो कर्मचारी 6 अक्टूबर से हड़ताल पर रहेंगे. साथ ही, कहना है कि वेतन विसंगति, ग्रेड पे, समान कार्य समान वेतन, प्रमोशन जैसी 14 सूत्रीय मांगों को लेकर ऊर्जा कर्मचारी संगठन लम्बे समय से आंदोलन कर रहा है. लेकिन अभी शासन और सरकार से वार्ता के बाद भी मांगों पर अमल न होने से अब कर्मचारी बेहद खफा नजर आ रहे हैं.

Uttarakhand Politics : कांग्रेस, BJP में 'अच्छे लोग' परेशान हैं, खुले हैं AAP के दरवाज़े : अरविंद केजरीवाल

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल. (File Photo)

उत्तराखंड पहुंचे अरविंद केजरीवाल ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि कई पार्टियों के नाराज़ नेता आम आदमी पार्टी में शामिल होना चाहें तो उनका स्वागत किया जाएगा. ​जानिए कैसे उत्तराखंड में दलबदल की राजनीति को हवा मिल रही है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 13:45 IST
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देहरादून/हल्द्वानी. उत्तराखंड में होने वाले विधानसभा चुनाव 2022 के लिए पूरी शिद्दत से ताल ठोक चुकी आम आदमी पार्टी ने राज्य में विरोधी पार्टी के नेताओं के लिए एक विकल्प देने की राजनीति की है. हल्द्वानी में तिरंगा यात्रा में शामिल होने पहुंचे आम आदमी पार्टी के समन्वयक अरविंद केजरीवाल ने बड़ा बयान देते हुए साफ इशारा कर दिया कि भाजपा और कांग्रेस के भीतर जो नाराज़ या बागी नेता हैं, उनके लिए आप में शामिल होने के रास्ते खुले हैं. केजरीवाल के इस ऐलान के बाद उत्तराखंड में दलबदल की सियासत तेज़ होने के आसार बढ़ गए हैं क्योंकि यह लहर तब चर्चा में आई थी, जब हाल में कांग्रेस पार्टी के एक विधायक ने भाजपा को जॉइन किया था.

दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने उत्तराखंड में तिरंगा यात्रा के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, “भाजपा और कांग्रेस समेत कई पार्टियों में कुछ अच्छे लोग हैं, जो अपनी पार्टी के भीतर घुटन महसूस कर रहे हैं. ऐसे अच्छे लोगों का स्वागत करने के लिए आम आदमी पार्टी पूरी तरह तैयार है.” खबरों के मुताबिक केजरीवाल के इस बयान के बाद माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में उत्तराखंड की राजनीति में एक नई करवट देखी जा सकती है.

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हल्द्वानी में आम आदमी पार्टी की तिरंगा यात्रा रैली की तस्वीर आप के विधायक ने ट्वीट की.

दलबदल को लेकर मची हुई है खलबली
उत्तराखंड की सियासत में दल बदलने के मामले में अगर 2017 से ही स्थिति देखी जाए, तो कई बातें साफ होती हैं. हरक सिंह रावत, सुबोध उनियाल जैसे राज्य के कैबिनेट मंत्री पहले कांग्रेस में थे. पिछले ही दिनों कांग्रेस के पुरोला विधायक राजकुमार ने भाजपा का दामन थामा है. ऐसे नेताओं की फेहरिस्त राज्य में बहुत लंबी है, जिन्होंने पार्टियां बदली हैं और खुलकर ज़ाहिर किया है कि वो अपने साथ पार्टी में हो रहे बर्ताव से संतुष्ट नहीं हैं. पिछले ही दिनों हरक सिंह रावत और पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के बीच विवाद की स्थिति बन चुकी है.

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प्रदेश की सियासत में आलम यह है कि सांसद अनिल बलूनी ने पिछले दिनों एक ट्वीट में लिखा था कि कांग्रेस के कुछ और बड़े नाम भाजपा में शामिल हो सकते हैं. वहीं, किसी का नाम लिये बगैर कांग्रेस के उत्तराखंड चुनाव प्रभारी हरीश रावत ने भी कहा था कि कुछ बीजेपी नेता उनके संपर्क में हैं, जो पार्टी बदलना चाहते हैं. इन हालात में केजरीवाल ने एक नई राजनीति का साफ संकेत दे दिया है.

उत्तराखंड में और दो हफ्ते बढ़ा कोविड कर्फ्यू, कैसा रहेगा 5 अक्टूबर तक माहौल, जानिए पूरे डिटेल्स

उत्तराखंड में कोविड कर्फ्यू 5 अक्टूबर तक बढ़ा. (File Photo)

Covid Curfew in Uttarakhand : उत्तराखंड में चार धाम यात्रा के ज़ोर शोर से शुरू होने के बाद सरकार ने 5 अक्टूबर की सुबह तक के लिए कोरोना कर्फ्यू को बढ़ाते हुए बताया कि किस तरह प्रतिबंध और छूट जारी रहेगी.

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  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 11:19 IST
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देहरादून. उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश में कोविड कर्फ्यू को दो हफ्तों के लिए और बढ़ा दिया. सोमवार को दिशानिर्देश जारी करते हुए राज्य सरकार ने कहा कि मंगलवार सुबह 6 बजे से 5 अक्टूबर की सुबह 6 बजे तक के लिए कोरोना कर्फ्यू को बढ़ाया गया है. इधर बीते शनिवार से शुरू हुई चार धाम यात्रा में हज़ारों की संख्या में श्रद्धालुओं को पहुंचना शुरू हो चुका है. एक खबर की मानें तो चार धाम यात्रा के सिलसिले में ही हरिद्वार में रोज़ाना 5000 से ज़्यादा श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. इस बीच कोविड कर्फ्यू को लेकर राज्य सरकार ने किस तरह निर्देश जारी किए हैं, जानिए.

क्या है कर्फ्यू बढ़ाए जाने का मतलब?
दो हफ्तों के लिए बढ़ा दिए गए कोविड कर्फ्यू का अर्थ यही है कि पिछले आदेश को इस अवधि तक के लिए जारी रखा जाएगा. पिछले आदेश के तहत वैवाहिक समारोहों को इजाज़त मिली थी, जो कार्यक्रम स्थल की क्षमता से 50 फीसदी मेहमानों की मौजूदगी में किए जा सकते हैं. वहीं, कार्यक्रमों या राज्य में आने वाले लोगों को अगर वैक्सीन के दोनों डोज़ लग चुके हैं तो उन्हें निगेटिव रिपोर्ट दिखाने की ज़रूरत भी नहीं होगी. सरकारी दफ्तर 100 फीसदी क्षमता के साथ खुल चुके हैं. अन्य स्थान भी पहले के आदेश के मुताबिक ही जारी रहेंगे.

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उत्तराखंड में कोविड कर्फ्यू के संबंध में एएनआई ने ट्वीट किया.

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धूमधाम से शुरू हो चुकी चार धाम यात्रा
चार धाम यात्रा के लिए देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन चल रहा है. खबरों में कहा जा रहा है कि गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ सभी चारों धामों पर यात्री बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं. पिछले करीब एक साल से इस यात्रा पर रोक लगी हुई थी, जिसे पिछले हफ्ते हाई कोर्ट ने खत्म करते हुए इस यात्रा को मंज़ूरी दी थी. इसके बाद से यहां के स्थानीय लोगों ने रोज़गार को लेकर राहत महसूस की.

UKPSC Recruitment 2021: सहायक इंजीनियर के पदों पर नौकरियां, आवेदन का अंतिम मौका आज

UKPSC Recruitment 2021:सहायक इंजीनियरों के पदों पर आवेदन की अंतिम तिथि आज है.

UKPSC AE Recruitment 2021: उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने सहायक इंजीनियरों के पदों पर भर्तियां निकाली हैं. इन पदों के लिए अभ्यर्थी 21 सितंबर 2021 तक आवेदन कर सकते हैं. अभ्यर्थियों का चयन लिखित परीक्षा और इंंटरव्यू के जरिए किया जाएगा.

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  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 09:51 IST
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नई दिल्ली (UKPSC AE Recruitment 2021).  उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की ओर से सहायक इंजीनियर के पदों पर भर्तियां निकाली गई हैं. इन पदों के लिए 1 सितंबर 2021 से आवेदन की प्रक्रिया जारी. आवेदन की अंतिम तिथि आज है. ऐसे में जिन अभ्यर्थियों ने अभी तक इन पदों के लिए आवेदन नहीं किया है. वह आज यानी 21 सितंबर 2021 रात 12 बजे से पहले तक आयोग की आधिकारिक वेबसाइट ukpsc.gov.in के जरिए आवेदन कर सकते हैं.

कुल 154 रिक्त पदों पर भर्तियां की जाएगी. जारी नोटिफिकेशन के अनुसार ग्रामीण निर्माण विभाग, सिचाईं विभाग, लघु सिचाईं विभाग, लोक निर्माण विभाग, पेय जल एवं स्वच्छता विभाग और ऊर्चा विभाग में सहायक इंजीनियर के पदों पर भर्तियां की जाएगी.

UKPSC AE Recruitment 2021: शैक्षणिक योग्यता
इन पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से संबंधि स्ट्रीम में इंजीनियरिंग की डिग्री होनी चाहिए.

UKPSC AE Recruitment 2021: आयु सीमा
इन पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी की उम्र 21 वर्ष से 42 वर्ष के बीच होनी चाहिए. एससी, एसटी और अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट दी गई है.

UKPSC AE Recruitment 2021:चयन प्रक्रिया
इन पदों पर अभ्यर्थियों का चयन लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा. लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिया बुलाया जाएगा. अंतिम चयन इंटरव्यू में प्राप्त नंबरों के जरिए किया जाएगा.

आवेदन फीस
सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 276.55 रुपए और एससी व एसटी वर्ग के लिए 126.55 रुपए आवेदन शुल्क निर्धारित किया गया है.

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UKPSC AE Recruitment 2021:इन तिथियों का रखें ध्यान
आवेदन शुरू होने की तिथि –  1 सितंबर 2021
आवेदन की अंतिम तिथि – 21 सितंबर 2021
आधिकारिक वेबसाइट – ukpsc.gov.in

यहां देखें नोटिफिकेशन

Schools Reopening : पहली से पांचवी के लिए उत्तराखंड में आज से खुलेंगे स्कूल, ये होंगे नियम और शर्तें

उत्तराखंड में आज से शुरू होंगी प्राथमिक कक्षाएं.

महीनों बाद प्राइमरी के बच्चे स्कूल का मुंह देखने जा रहे हैं तो उत्तराखंड के शिक्षा विभाग ने दिशानिर्देशों में बताया है कि क्लासेज़ कैसे लगेंगी, बच्चे स्कूल कैसे पहुंचेंगे, परिसर और मेन गेट पर किन बातों का ध्यान रखना होगा.

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  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 09:22 IST
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देहरादून. उत्तराखंड में मंगलवार से सभी स्कूलों में पहली से पांचवी तक की कक्षाओं को खुलने की अनुमति मिली है. राज्य सरकार के निर्देशों के तहत आज से बच्चे स्कूल पहुंचेंगे, हालांकि स्कूलों में कोविड संक्रमण को लेकर गाइडलाइन का पालन करवाया जाना अनिवार्य है. पिछले करीब डेढ़ साल से कोरोना संक्रमण के चलते बच्चे स्कूल न जाकर घर से ही ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे थे. महीनों बाद स्कूल लौटे बच्चों की कक्षाओं को लेकर राज्य सरकार ने तमाम नियम व शर्तें जारी कर दी हैं और बताया है कि किस तरह कक्षाओं का संचालन हो सकेगा. जानिए कैसे शुरू हो रहे हैं राज्य के प्राइमरी स्कूल और कक्षाएं.

एक दिन में तीन घंटे की क्लास
राज्य के शिक्षा विभाग ने जो गाइडलाइन जारी की है, उसके तहत स्कूलों को मानक आचार संहिता का पालन करने के लिए कहा गया है. पहली से पांचवी तक के लिए कहा गया है कि रोज़ तीन घंटे की ऑफलाइन क्लासेज़ होंगी और बच्चों को खाना घर से नहीं लाना होगा. इसके साथ ही, बच्चों के स्कूल आने के साथ ही यह​ विकल्प दिया गया है कि वो चाहें तो ऑनलाइन पढ़ाई जारी रख सकते हैं. स्कूल आकर ऑफलाइन क्लास अटेंड करने के लिए अभिभावकों की सहमति का पत्र ज़रूरी होगा.

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स्कूल में एंट्री और एग्ज़िट के लिए भी नियम
बच्चों के स्कूल में आने और जाने के समय के हिसाब से विभिन्न कक्षाओं के लिए ​अलग समय तय करने को कहा गया है, वहीं स्कूल में प्रवेश और स्कूल से जाने के दौरान मेन गेट पर सोशल डिस्टेंसिंग अनिवार्य होगी. निर्देशों में कहा गया है कि अगर कोई बच्चा किसी पब्लिक ट्रांसपोर्ट के ज़रिये स्कूल पहुंचता है तो स्कूल की ज़िम्मेदारी होगी कि उस वाहन की साफ सफाई का ध्यान रखा जाए. यही नहीं, पूरे स्कूल परिसर और कक्षाओं में भी सैनिटैशन के लिए शिक्षा विभाग ने स्कूलों को हिदायतें दी हैं.

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स्कूलों से कहा गया है कि एक नोडल अफसर बनाया जाए, जो सुनिश्चित करवाए कि शासन द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पालन अनिवार्य ढंग से करवाया जा रहा है. गौरतलब है कि इससे पहले 1 अगस्त से उत्तराखंड में कक्षा छठवीं से 12वीं तक के लिए स्कूल खोले गए थे.

Dehradun: आखिर उत्तराखंड में सियासी दलों को क्यों सताने लगी है बेरोजगारों की चिंता ? ये रही वजह

प्रतीकात्मक तस्वीर (News18 creative by Mir Suhail)

Uttarakhand Unemployment: उत्तराखंड में अचानक सियासी दलों को बेरोजगारों की चिंता सताने लगी है. वे चुनाव के पहले नौकरी के वादे कर रहे हैं. इसी महीने सांख्यिकी मंत्रालय की नेशनल सेंपल सर्वे रिपोर्ट जारी हुई. उसके मुताबिक उत्तराखंड देश के उन दस राज्यों में शामिल है, जहां बेरोजगारी की दर 11 फीसदी से अधिक पहुंच गई है.

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देहरादून. उत्तराखंड (Uttarakhand) में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बेरोजगारी का मुद्दा खूब छाया हुआ है. जुलाई में जब विधायक पुष्कर धामी ने बतौर सीएम राज्य की कमान संभाली तो चंद घण्टों के भीतर ही उन्होंने विभिन्न विभागों में रिक्त पड़े करीब 24 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की. इसी 19 सितम्बर को सीएम ने बताया कि करीब 6,000 पदों के लिए भर्ती का अधियाचन भेजा जा चुका है. अगले एक दो महीने में ये संख्या दुगुनी हो जाएगी.

इधर, हाल ही में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव ने राज्य में बढ़ती बेरोजगारी पर तंज कसा और घोषणा की कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा. इसके बाद आम आदमी पार्टी भी मैदान में कूद पड़ी. रविवार को दिल्ली से उत्तराखंड पहुंचे अरविंद केजरीवाल ने तो इससे भी दो कदम आगे बढ़कर घोषणा कर डाली कि अगर आप सत्ता में आई तो छह महीने के भीतर एक लाख नौकरियों का सृजन किया जाएगा. नौकरी लगने तक बेरोजगारों को पांच हजार रुपए प्रति माह बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा.

अब सवाल उठता है कि अचानक सियासी पार्टियों को बेरोजगारों की चिंता क्यों सताने लगी है. इसके पीछे भी एक बड़ा गणित है. इससे पहले जान लेते हैं राज्य में बेरोजगारी की स्थिति क्या है. इसी महीने जारी सांख्यिकी मंत्रालय की नेशनल सेंपल सर्वे रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड देश के उन दस राज्यों में शामिल है, जहां बेरोजगारी की दर 11 फीसदी से अधिक पहुंच गई है. 15 से 29 ऐज ग्रुप में तो बेरोजगारी का ये आंकड़ा राष्ट्रीय औसत से भी नौ गुना अधिक बढ़कर 27 फीसदी पहुंच गया. इस एज ग्रुप में बेरोजगारी नेशनल औसत 3.2 फीसदी है. इन आंकड़ों ने सियासी दलों को जैसे संजीवनी दे दी है.

दरअसल, उत्तराखंड में मौजूद करीब अस्सी लाख वोटर्स में करीब 57 फीसदी वोटर्स युवा वर्ग से हैं. करीब 44 लाख के आसपास युवा वोटर्स का आंकड़ा है. ऐसे में इतने बड़े वोट बैंक को कोई भी नजरअंदाज नहीं करना चाहता. यही कारण है कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अचानक बेरोजगार और बेरोजगारी सियासत का केंद्र बन गया.

UKSSSC Exam : सचिवालय सिक्योरिटी गार्ड भर्ती परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी, जानिए क्या होंगे क्वॉलिफाइंग मार्क्स

UKSSSC Exam : सचिवालय सिक्योरिटी गार्ड पद के लिए आवेदन फरवरी में हुए थे.

UKSSSC Exam : उत्तराखंड सचिवालय सिक्योरिटी गार्ड भर्ती परीक्षा 26 सितंबर को आयोजित की जाएगी. परीक्षा का आयोजन कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए होगा.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 20, 2021, 22:05 IST
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नई दिल्ली. UKSSSC Exam : उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने सचिवालय सुरक्षा संवर्ग (सिक्योरिटी गार्ड) भर्ती परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिया है. इसके लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी अपने एडमिट कार्ड यूकेएसएसएससी की वेबसाइट uksssc.in पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं. यूकेएसएसएससी ने एडमिट कार्ड अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिए हैं. अभ्यर्थियों के लिए सलाह है कि एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद उस पर दी गई जानकारियां जांच लें. साथ ही दिए गए निर्देशों को भी अच्छी तरह पढ़ लें.

उत्तराखंड सचिवालय सुरक्षा संवर्ग भर्ती परीक्षा का आयोजन 26 सितंबर 2021 को किया जाएगा. इसके लिए आवेदन प्रक्रिया फरवरी में हुई थी. उत्तराखंड सचिवालय सुरक्षा संवर्ग के अंतर्गत सिक्योरिटी गार्ड के 33 पदों पर भर्ती होनी है. सिक्योरिटी गार्ड पद के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता 10वीं पास मांगी गई थी.

ऐसे डाउनलोड करें सचिवालय सिक्योरिटी गार्ड भर्ती परीखा का एडमिट कार्ड

– सबसे पहले उत्तराखंड एसएसएससी की वेबसाइट uksssc.in पर जाएं
– अब पदनाम-रक्षक(सचिवालय सुरक्षा संवर्ग)के प्रवेश पत्र(ADMIT CARD) हेतु क्लिक करें’ लिंक पर क्लिक करें
– अब एक नया विंडो ओपन होगा
– यहां अपना मोबाइल नंबर या नाम और जन्मतिथि एंटर करें
– अब एडमिट कार्ड ओपन हो जाएगा, इसे प्रिंट कर लें

सिक्योरिटी गार्ड भर्ती परीक्षा में क्वॉलिफाइंग मार्क्स

जनरल- 45%
ओबीसी – 45%
एससी – 35%
एसटी- 35%

MPPSC Jobs : वेटरनरी असिस्टेंट सर्जन के पद पर नौकरियां, 39 हजार तक मिलेगी सैलरी

Karnataka CET Result 2021: कॉमन प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट घोषित, ऐसे करें चेक

ऑटो में डॉक्टर्स लगा रहे कोरोना का टीका, देहरादून में तेज़ हुआ टीकाकरण अभियान!

कोरोना संक्रमण से जंग में एकमात्र हथियार वैक्सीनेशन द्वारा  लड़ रही तमाम सरकारें

देहरादून में ऑटो से टीका लगाने के लिए सीएमओ ने जनपद में आठ टीमें बनाई है। जो विभिन्न इलाकों में जाकर ऑन द स्पॉट टीका लगा रही है

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कोरोना संक्रमण से जंग में एकमात्र हथियार वैक्सीनेशन द्वारा  लड़ रही तमाम सरकारें व प्रशाशन अब नए तरह के प्रयोगों को अख्तियार कर संक्रमण को देश में जड़ से मिटाने में लगी हुई है तो वहीं अब देहरादून स्वास्थ्य विभाग ने भी राजधानी के विभिन्न जगहों में ऑटो वैक्सीनशन ड्राइव शुरू कर टीकाकरण अभियान को अधिक से अधिक जनता तक पहुचाने का बीड़ा उठा लिया है.

बतादे देहरादून में ऑटो से टीका लगाने के लिए सीएमओ ने जनपद में आठ टीमें बनाई है। जो विभिन्न इलाकों में जाकर ऑन द स्पॉट टीका लगा रही है जिस तरह आप मोबाइल स्क्रीन में देख सकते है. वही जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. दिनेश चौहान खुद इसकी मॉनीटरिंग कर रहे हैं। तमाम जगहों पर  आज सैकड़ों लोगों को रोककर टीका लगाया गया।  साथ ही अफसर एवं डाक्टरों ने लोगों को जागरूक भी किया। इस टीकाकरण अभियान के द्वारा डॉक्टर्स उन नागरिकों तक पहुँच रहे है जो लोग किन्ही वजहों के कारण वैक्सीनेशन से अब तक वंचित है.

डॉ दिनेश चौहान ने बताया \”हमारा लक्ष्य देहरादून की पूरी आबादी को जल्द से जल्द वेक्सीनेट करने का हैं ताकि जनपद वासी संक्रमण व तीसरी लहर से सुरक्षित रहे. हमारे इस ऑटो वैक्सीनेशन ड्राइव में गठित टीमें प्रतिदिन विभिन जगहों पर वैक्सीनेशन ड्राइव चला रही है जिनमे लोग भी बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे है जो किन्ही करणों से अब तक छूटे हुए है . नागरिकों में प्रसन्नता है कि वैक्सीनेशन अभियान ऑटो के माध्यम से उनके द्वार तक स्वयं चलकर आया है और हम भी अन्य नागरिको की तरह अब सुरक्षित है\”

रावण वध के बाद ब्रह्महत्या के पाप से मुक्ति पाने के लिए यहां आए थे भगवान लक्ष्मण!

लक्ष्मण सिद्ध मंदिर देहरादून के 4 सिद्ध मंदिरों में से एक है.

देहरादून का लक्ष्मण सिद्ध मंदिर ऋषि दत्तात्रेय के चौरासी सिद्धों में से एक है.

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हिंदू धार्मिक मान्यताओं के लिए देवभूमि उत्तराखंड रहस्यमयी पौराणिक कथाओं के लिए भी विख्यात है. अक्सर ऐसा कहा जाता है कि यहां के कण-कण में ईश्वर का वास है. राजधानी देहरादून में 4 सिद्ध मंदिर या पीठ हैं और यह शहर के 4 कोनों में स्थापित हैं. देहरादून के 4 सिद्धों में लक्ष्मण सिद्ध, कालू सिद्ध, मानक सिद्ध और मांडु सिद्ध हैं.

देहरादून का लक्ष्मण सिद्ध मंदिर ऋषि दत्तात्रेय के चौरासी सिद्धों में से एक है. लोक मान्यता के अनुसार, रावण का वध करने के बाद ब्रह्महत्या के दोष से मुक्ति पाने के लिए भगवान लक्ष्मण ने इसी स्थान पर तपस्या की थी.

एक अन्य मान्यता के अनुसार, भगवान दत्तात्रेय ने लोककल्याण के लिए 84 शिष्य बनाए थे और उन्हें अपनी सभी शक्तियां प्रदान की थीं. कालांतर में ये चौरासी शिष्य 84 सिद्ध के नाम से जाने गए और इनके समाधि स्थल सिद्धपीठ या सिद्ध मंदिर बन गए. इन्हीं 84 सिद्धों में देहरादून के चार सिद्ध भी हैं. इन चारों में लक्ष्मण बाबा भी हैं, इसलिए इस मंदिर का नाम लक्ष्मण सिद्धपीठ मंदिर रखा गया क्योंकि उन्होंने यहीं पर समाधि ली थी.

तपस्या स्थल पर प्राचीन काल से निरंतर अखंड धूनी जल रही है. बताया जाता है कि इस अखंड धुनी में कभी मुंह से फूंक नहीं मारी जाती है. यहां पर बनाए गए भोजन का ही भोग मंदिर में लगाया जाता है. धुनी की राख को प्रसाद के तौर पर श्रद्धालुओं को वितरित किया जाता है.

इस मंदिर में भगवान को गुड़, घी, दही आदि भेंट के रूप में चढ़ाया जाता है क्योंकि पुराने समय में गुड़ एवं अन्य सामग्री मिठाई होती थी, इसलिए प्राचीन काल से गुड़ का प्रसाद इस मंदिर में चढ़ाया जाता है.

देहरादून : मंडुआ से बना रहे मोमो-बर्गर, युवाओं को खूब पसंद आ रहा पहाड़ का स्वाद

रेस्टोरेंट में ज्यादातर फास्टफूड मंडुआ से बनाए जा रहे हैं.

सुभाष रतूड़ी मोमो ही नहीं बल्कि कई तरह के फास्टफूड मंडुआ से बना रहे हैं.

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फास्टफूड की बात हो और मोमो, बर्गर, पिज्जा आदि का जिक्र न हो तो यह तो सरासर बेईमानी होगा. हालांकि तमाम डॉक्टर और न्यूट्रिशनिस्ट अक्सर जंक फूड से बचने की सलाह देते हैं मगर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में मंडुआ (Mandua Fast food Dehradun) से बने फास्टफूड हर किसी की जुबान पर छाए हुए हैं.

देहरादून में अब आपको पौष्टिक फास्टफूड का भी विकल्प मिल गया है. यह फास्टफूड मैदे से नहीं बल्कि मंडुआ से बने हैं. शेफ सुभाष रतूड़ी मोमो ही नहीं बल्कि कई तरह के फास्टफूड मंडुआ से बना रहे हैं. लोगों द्वारा सभी लजीज पकवानों को काफी पसंद किया जा रहा है.

सुभाष रतूड़ी ने कहा कि उनका मकसद न केवल स्वरोजगार के जरिए अपनी आर्थिकी को सुदृढ़ करना है बल्कि मंडुआ का फास्टफूड में इस्तेमाल कर युवा पीढ़ी तक अपनी संस्कृति को भी आगे ले जाना है. वह चाहते हैं कि अन्य राज्यों के लोग भी पहाड़ी उत्पादों को जानें, जिससे उत्तराखंड की पहचान और मजबूत हो.

बता दें कि सुभाष न केवल मोमो बल्कि अपने रेस्टोरेंट में बनने वाले बर्गर, चाय, कॉफी आदि सभी प्रोडक्ट में मंडुआ का इस्तेमाल करते हैं, जिससे इन सभी फास्टफूड का स्वाद दोगुना हो जाता है.

उत्तराखंड चुनावः जांच-परख कर किसी को बनाएं कांग्रेस का मेंबर, सदस्यता अभियान में 'घुसपैठ' से डरी पार्टी

Uttarakhand Assembly Election 2022: विधानसभा चुनाव से पहले सदस्यता अभियान चला रही कांग्रेस को पार्टी में विपक्षी एजेंटों की घुसपैठ का डर.

Uttarakhand Election 2022: विधानसभा चुनाव से पहले सदस्यता अभियान चला रही उत्तराखंड कांग्रेस को पार्टी में विपक्षियों के घुसपैठ करने का डर है. सदस्यता अभियान समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह भंडारी ने कार्यकर्ताओं को ऐसे लोगों को सदस्य बनाने में सतर्कता बरतने की नसीहत दी.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 20, 2021, 12:12 IST
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देहरादून. उत्तराखंड में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने हैं. इसके मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी सरीखे बड़े दल समेत छोटी पार्टियां भी सक्रिय हैं. प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस अगले साल सत्ता परिवर्तन के दावों के साथ चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है. सत्तारूढ़ दल बीजेपी पर हमले के साथ-साथ कांग्रेस अपने संगठन को मजबूत कर रही है. इसके लिए राज्य में जोर-शोर से सदस्यता अभियान चल रहा है. लेकिन इस अभियान के दौरान कहीं कोई विपक्षी दल का समर्थक या कार्यकर्ता, पार्टी में घुसपैठ न कर ले, कांग्रेस को इसका भी डर सता रहा है. इसलिए बीते दिनों देहरादून महानगर कमेटी की बैठक में कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने की नसीहत दी गई.

उत्तराखंड कांग्रेस के सदस्यता अभियान समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह भंडारी ने पार्टी के कार्यकर्ताओं को विपक्षी दलों के एजेंटों से बचने की नसीहत दी. देहरादून कांग्रेस कमेटी की बैठक के दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि जिस किसी शख्स को भी पार्टी का मेंबर बनाएं, उसका फोटो और मोबाइल नंबर जरूर लें. सदस्यता पर्ची पर उस शख्स की तस्वीर और नंबर दर्ज करें, ताकि कांग्रेस में कोई भितरघात नहीं कर सके. देहरादून से प्रकाशित दैनिक अखबार हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, भंडारी ने इस बैठक में शामिल कांग्रेस के सभी पार्षदों, पूर्व प्रत्याशियों, ब्लॉक अध्यक्षों से कहा कि जिन लोगों की कांग्रेस में निष्ठा हो, उन्हें ही पार्टी का सदस्य बनाएं.

गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव से कई महीने पहले से ही उत्तराखंड में सियासत चरम पर है. खासकर, इस बार चुनाव मैदान में आम आदमी पार्टी के आने और उसके ताबड़तोड़ घोषणाएं करने से इस माहौल को और गर्माहट मिल रही है. यही वजह है कि प्रदेश में सक्रिय दोनों पुराने दल कांग्रेस और बीजेपी, लगातार अपनी जमीन और संगठन को मजबूत करने में जुटे हुए हैं. मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के नेताओं को उम्मीद है कि अगले साल प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हो सकता है, जिसके लिए पार्टी जी-जान से प्रदेशभर में अपनी पकड़ को और मजबूत कर रही है. इस अभियान में विपक्षी दल घुसपैठ न करें, इसलिए ही सदस्यता अभियान समिति के अध्यक्ष ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को जांच-परख कर लोगों को कांग्रेस में शामिल करने और भितरघात से बचने की सलाह दी है.

उत्तराखंड की दो हस्तियों के नाम दिल्ली में सड़कें, डिप्टी CM मनीष सिसोदिया ने बताई ये वजह

दिल्ली पटपड़गंज विधानसभा क्षेत्र की दो सड़कों का नाम उत्तराखंड की प्रसिद्ध हस्तियों के नाम पर रखा गया. फोटो ट्विटर

Uttarakhand Assembly Elections 2022: दिल्ली के पटपड़गंज विधानसभा क्षेत्र की दो सड़कों का नाम उत्तराखंड की प्रसिद्ध हस्तियों के नाम पर किया है. उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की उपस्थिति में सड़कों का नामकरण अमर शहीद वीर केसरी चंद और प्रसिद्ध लोक गायक दिवंगत हीरा सिंह राणा के नाम पर किया गया.

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नई दिल्ली. उत्तराखंड (Uttarakhand) में आम आदमी पार्टी अपना सियासी भविष्य तलाश रही है. इसको लेकर वहां आप ने अपने संगठन का विस्तार कर चुनावी तैयारी शुरू की है. इसी बीच दिल्ली के पटपड़गंज विधानसभा (Patparganj Assembly) क्षेत्र की दो सड़कों का नामकरण रविवार को उत्तराखंड की प्रसिद्ध हस्तियों के नाम पर किया है. इसके जरिए माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी उत्तराखंड में जोर लगाने की तैयारी में है.

मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर लिखा- ‘उत्तराखंड के वीर सेनानी और नेताजी सुभाषचंद्र बोस की हिन्द सेना के सिपाही केसरी चंद जी ने अपनी जान 24 साल की उम्र में देश की आज़ादी के लिए न्योछावर कर दी थी. उनके सम्मान में आज पटपड़गंज की सड़क का नामकरण किया गया और उनको श्रद्धांजलि अर्पित की.’

ट्वीट में उन्होंने लिखा- ‘उत्तराखंड के मशहूर लोकगायक हीरा सिंह राणा जी अपने लोकगीतों से हर मुसीबत का सामना बहादुरी के साथ करने का हौसला देते थे. उनके गीत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देते रहेंगे. वेस्ट विनोद नगर की जिस गली में वो रहते थे उनके सम्मान में उस सड़क का नामकरण उनके नाम पर किया गया.’

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दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के ट्वीट का स्क्रीनशॉट.

बताया गया है कि उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की उपस्थिति में सड़कों का नामकरण अमर शहीद वीर केसरी चंद और प्रसिद्ध लोक गायक दिवंगत हीरा सिंह राणा के नाम पर किया गया. पटपड़गंज से ही सिसोदिया दिल्ली विधानसभा के सदस्य हैं.

सरकार की ओर से जारी की गई विज्ञप्ति में कहा गया कि राणा उत्तराखंड के प्रख्यात गायक थे, जिन्होंने कुमाऊं की खूबसूरती और संघर्ष की झलक अपनी कविताओं और गीतों के जरिये पेश की. बयान में कहा गया कि अमर शहीद वीर केसरी चंद आजाद हिंद फौज के सैनिक थे, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी थी.

जारी विज्ञप्ति के मुताबिक सी ब्लॉक मार्ग नंबर -4 अब दिवंगत हीरा सिंह राणा मार्ग के नाम से जाना जाएगा. वहीं, विनोद नगर ट्रैफिक लाइट से सिल्वर लाइन अस्पताल तक की सड़क अमर शहीद वीर केसरी चंद मार्ग के नाम से जानी जाएगी. माना जा रहा है कि आम आदमी की नजर 2022 में होने वाले उत्तराखंड विधानसभा चुनाव पर है. इसको लेकर आप उत्तराखंड में अपनी पार्टी का विस्तार करने की पूरी कोशिश में है. इसी को लेेकर वहां की दो प्रभावशाली शख्सियतों के नाम पर दिल्ली में सड़कों का नामकरण किया गया.

बद्रीनाथ समेत चारों धामों में लौटी रौनक, दो दिन में जारी हुए 42 हजार से ज्यादा ई-पास

एसओपी के तहत केदारनाथ धाम में प्रतिदिन 800 श्रद्धालुओं को ही दर्शन की इजाजत मिलेगी.

Chardham Yatra : यात्रा के पहले दिन शनिवार को 1273 और रविवार को 1267 श्रदालुओं ने बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमनोत्री धामों के दर्शन किए. गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब/लोकपाल तीर्थ में भी रविवार को 72 श्रद्धालु मत्था टेकने पहुंचे.

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देहरादून. उत्तराखंड में शनिवार से शुरू हुई चारधाम यात्रा जोर पकड़ने लगी है. देवस्थानम बोर्ड के अनुसार चारों धामों में शुरुआती दो दिन में ढाई हजार से अधिक लोग दर्शन कर चुके हैं. जबकि, देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट से चारों धामों के लिए अभी तक 42 हजार से अधिक ई-पास जारी हो चुके हैं. सीएम पुष्कर सिंह धामी, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने चारधाम यात्रा के सफलतापूर्वक शुरू होने पर खुशी जाहिर की है. यात्रा के पहले दिन शनिवार को 1273 और रविवार को 1267 श्रदालुओं ने बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमनोत्री धामों के दर्शन किए. गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब/लोकपाल तीर्थ में भी रविवार को 72 श्रद्धालु मत्था टेकने पहुंचे.

नैनीताल हाईकोर्ट ने गुरुवार 16 सितंबर को चारधाम यात्रा शुरू करने का फैसला दिया. इसके बाद प्रदेश सरकार ने 18 सितंबर से चारधाम यात्रा को हरी झंडी दे दी. पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर के अनुसार चारधाम यात्रा से उत्तराखंड पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. धर्मस्व सचिव एचसी सेमवाल ने कहा कि यात्रा के दौरान कोविड एसओपी का पूरी तरह पालन कराया जा रहा है.

ऐसे कराएं रजिस्ट्रेशन

एसओपी के तहत केदारनाथ धाम में प्रतिदिन 800, बद्रीनाथ धाम में 1000, गंगोत्री में 600, यमनोत्री धाम में कुल 400 श्रद्धालुओं को जाने की अनुमति दी गई है. चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड से बाहर के श्रद्धालुओं के लिए देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल http://smartcitydehradun.uk.gov.in में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है और ई-पास के लिए देवस्थानम बोर्ड की साइट www.devasthanam.uk.gov.in या http:// badrinah-Kedarnath.uk.gov.in प्रत्येक श्रद्धालु को कोविड नेगेटिव रिपोर्ट या वैक्सीन की डबल डोज लगी होने का सर्टिफिकेट जमा करना होता है. उत्तराखंड के लोगों को स्मार्ट सिटी पोर्टल में पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है.

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विधायक बदरीनाथ और उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड के सदस्य महेंद्र भट्ट, आशुतोष डिमरी, श्रीनिवास पोस्ती, महेंद्र शर्मा, कृपाराम सेमवाल, जेपी उनियाल, गोविंद सिंह पंवार, चारधाम विकास परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष आचार्य शिवप्रसाद ममगाई ने चार धाम यात्रा शुरू होने पर खुशी जताई है.

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चारधाम यात्रा के दौरान पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. मुनि की रेती, देवप्रयाग, टिहरी, उत्तरकाशी, बड़कोट, रूद्रप्रयाग, सोनप्रयाग, जोशीमठ, पांडुकेश्वर सहित चारों धामों के प्रवेश मार्गों पर पुलिस नजर रख रही है. देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि चार धाम के अलावा द्वितीय केदार रूद्रनाथ, तृतीय केदार तुंगनाथ, चतुर्थ केदार रूद्रनाथ और पंच बदरी योग बदरी पांडुकेश्वर, ध्यान बदरी उर्गम, भविष्य बदरी सुभाई (जोशीमठ) वृद्ध बदरी अणीमठ सहित देवस्थानम बोर्ड के अधीनस्थ मंदिरों में भी तीर्थ यात्री पहुंचे हैं.

UKPSC Jobs : फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर पद की वैकेंसी, आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी, एक लाख तक है सैलरी

UKPSC Jobs : उत्तराखंड में फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर पद के लिए कुल 40 वैकेंसी है.

UKPSC Jobs : फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर पद के लिए आवेदन की अंतिम तिथि दूसरी बार आगे बढ़ाई गई है. पहले आवेदन की अंतिम तिथि 31 अगस्त थी. फिर इसे 17 सितंबर कर दिया गया था.

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  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 19:57 IST
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नई दिल्ली. UKPSC Jobs : उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि एक बार फिर से बढ़ा दी है. फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर बनने के इच्छुक अब 08 अक्टूबर तक आवेदन कर सकते हैं. पहले आवेदन की अंतिम तिथि 17 सितंबर थी. इससे भी पहले आवेदन की अंतिम तिथि 31 अगस्त थी. उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार फॉरेस्ट रेंज ऑफिर पद पर कुल 40 वैकेंसी है. इसमें 26 पद अनारक्षित वर्ग के लिए, 06 एसटी, 02 एससी और 05 ओबीसी वर्ग के लिए है. जबकि 02 पद इडब्लूएस के लिए है. फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर पद के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम 42 वर्ष है. आयु की गणना एक जुलाई 2020 से की जाएगी.

फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर पद के लिए अभ्यर्थी का कृषि, वनस्पति विज्ञान, रसायन विज्ञान, कंप्यूटर अप्लीकेशन/कंप्यूटर साइंस आदि में से किसी में भी ग्रेजुएट होना चाहिए. फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर पद के लिए आवेदन उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की वेबासाइट ukpsc.gov.in पर जाकर करना है.

कितनी मिलेगी सैलरी

फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर पद पर चयनित होने के बाद अभ्यर्थियों को लेवल आठ के तहत 47600 रुपये से लेकर 151100 रुपये तक वेतनमान मिलेगा.

आवेदन शुल्क- अनारक्षित वर्ग के लिए आवेदन शुल्क 176 रुपये है. जबकि एससी व एसटी के लिए 86 रुपये है.

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UKPSC AE Recruitment 2021:सहायक इंजीनियरों के पदों पर आवेदन की अंतिम तिथि 21 सितंबर है.

UKPSC AE Recruitment 2021: उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने सहायक इंजीनियरों के पदों पर भर्तियां निकाली हैं. इन पदों के लिए अभ्यर्थी 21 सितंबर 2021 तक आवेदन कर सकते हैं.

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  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 11:28 IST
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नई दिल्ली. UKPSC AE Recruitment 2021: उत्तराखंड पब्लिक सर्विस कमीशन ने एई (Assistant Engineer) के पदों पर भर्तियों (UKPSC AE Recruitment 2021) के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है. इन पदों के लिए 1 सितंबर 2021 से आवेदन की प्रक्रिया जारी है. आवेदन की अंतिम तिथि में 2 दिनों का समय औ बचा हैं. ऐसे में जिन अभ्यर्थियों ने अभी तक इन पदों के लिए आवेदन नहीं किया है. वह आयोग की आधिकारिक वेबसाइट ukpsc.gov.in के जरिए 21 सितंबर 2021 तक आवेदन कर सकते हैं. कुल 154 रिक्त पदों पर भर्तियां की जाएगी.

जारी नोटिफिकेशन के अनुसार ग्रामीण निर्माण विभाग, सिचाईं विभाग, लघु सिचाईं विभाग, लोक निर्माण विभाग, पेय जल एवं स्वच्छता विभाग और ऊर्चा विभाग में सहायक इंजीनियर के पदों पर भर्तियां की जाएगी.

UKPSC AE Recruitment 2021: शैक्षणिक योग्यता
इन पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से संबंधि स्ट्रीम में इंजीनियरिंग की डिग्री होनी चाहिए.

UKPSC AE Recruitment 2021:आयु सीमा
इन पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी की उम्र 21 वर्ष से 42 वर्ष के बीच होनी चाहिए. एससी, एसटी और अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट दी गई है.

UKPSC AE Recruitment 2021:चयन प्रक्रिया
इन पदों पर अभ्यर्थियों का चयन लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा. लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिया बुलाया जाएगा. अंतिम चयन इंटरव्यू में प्राप्त नंबरों के जरिए किया जाएगा.

UKPSC AE Recruitment 2021:आवेदन फीस
सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 276.55 रुपए और एससी व एसटी वर्ग के लिए 126.55 रुपए आवेदन शुल्क निर्धारित किया गया है.

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UKPSC AE Recruitment 2021:इन तिथियों का रखें ध्यान
आवेदन शुरू होने की तिथि –  1 सितंबर 2021
आवेदन की अंतिम तिथि – 21 सितंबर 2021
आधिकारिक वेबसाइट – ukpsc.gov.in

School Reopen: उत्तराखंड में इस दिन से खुलेंगे प्राइमरी स्कूल, इन नियम शर्तों का करना होगा पालन

School Reopen: उत्तराखंड में मंगलवार से प्राइमरी स्कूल खुलेंगी.

School Reopen: स्टूडेंट्स की अधिक संख्या को देखते हुए दो शिफ्ट में प्राइमरी स्कूल संचालित किए जा सकते हैं. स्कूल में सोशल डिस्टनसिंग के साथ पढ़ाई करवाई जाएगी. इस दौरान स्टूडेंट्स पर स्कूल आने का दबाव नहीं रहेगा और ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों ही मोड में पढ़ाई जारी रहेगी.

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  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 10:01 IST
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देहरादून. School Reopen: उत्तराखंड में प्रदेश सरकार ने तकरीबन 2 साल बाद प्राइमरी क्लास के स्कूलों को खोलने का फैसला किया है. प्राइमरी क्लास के स्कूल मंगलवार 21 सितंबर से खोले जाएंगे. इसको लेकर सरकार ने एसओपी जारी कर दी है. सरकार की तरफ से जारी गाइडलाइन में कहा गया है कि कोविड नियम एवं शर्तों के साथ क्लास 1 से 5 तक के स्कूल खोले जा सकेंगे और कोविड नियमों के तहत स्कूल के टाइमिंग में बदलाव भी किए जा सकेंगे. ऑनलाइन क्लास के लिए पेरेंट्स को समय स्कूल को बताना होगा.

इसके साथ ही स्टूडेंट्स की अधिक संख्या को देखते हुए दो शिफ्ट में प्राइमरी स्कूल संचालित किए जा सकते हैं. स्कूल में सोशल डिस्टनसिंग के साथ पढ़ाई करवाई जाएगी. इस दौरान स्टूडेंट्स पर स्कूल आने का दबाव नहीं रहेगा और ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों ही मोड में पढ़ाई जारी रहेगी. खास बात यह है कि स्कूल में मिड डे मील नहीं बनाया जाएगा इस दौरान भोजन माता स्कूल आएंगी और स्कूल में सैनिटाइजेशन का काम करेंगी. स्कूल खुलने के पहले और छुट्टी के बाद दोनों समय सैनिटाइजेशन करवाया जाएगा.

नोडल अधिकारी देखेंगे स्कूलों की व्यवस्था
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने शुक्रवार को ही शिक्षा सचिव को स्कूल खोलने को लेकर निर्देश दिए थे जिसके अंतर्गत शनिवार को शिक्षा सचिव राधिका झा ने आदेश जारी करते हुए स्कूल खोलने पर s&op जारी कर दी है. स्कूल में नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए जाएंगे जो स्कूल की व्यवस्थाओं की तमाम जिम्मेदारियों को देखेंगे.

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Uttarakhand: 21 सितंबर से बजेगी प्राइमरी स्कूलों की घंटी, सरकार ने जारी की एसओपी

उत्तराखंड: 21 सितंबर से बजेगी प्राइमरी स्कूलों की घंटी.

Uttarakhand News: उत्तराखंड में 21 सितंबर मंगलवार से प्राइमरी क्लास के स्कूल खुलने जा रहे हैं. इसको लेकर सरकार ने शनिवार को एसओपी जारी कर दी. स्कूलों में सोशल डिस्टेंसिंग का खास ख्याल रखा जाएगा. स्कूल के टाइमिंग में भी बदलाव किए जा सकते हैं.बच्चों को स्कूल भेजने के लिए अभिभावकों पर दबाव नहीं होगा.

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देहरादून. उत्तराखंड (Uttarakhand) में 21 सितंबर मंगलवार से प्राइमरी क्लास (primary class) के लिए भी स्कूल खुलने जा रहे हैं. इसको लेकर सरकार ने शनिवार को एसओपी SOP जारी कर दी है. नियम शर्तों के साथ क्लास 1 से 5 तक के स्कूल खोले जा सकेंगे, कोविड नियमों के तहत स्कूल की टाइमिंग में बदलाव किए जा सकेंगे, वहीं स्टूडेंट्स के नम्बर को देखते हुए दो शिफ्ट में प्राइमरी स्कूल संचालित किए जा सकते हैं. इसके अलावा दोनों ही मोड में ऑफलाइन और ऑनलाइन पढ़ाई करवाई जाएगी.

मिड डे मील को लेकर व्यवस्था में बदलाव किया गया है. इसमें अब स्कूल में मिड डे मील नहीं बनाया जाएगा, वहीं भोजन माता स्कूल में आएंगी. वह भोजन तैयार करने की बजाय स्कूल में सैनेटाइजेशन का काम करेंगी. स्कूल में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ पढ़ाई करवाई जाएगी. इसके अलावा स्कूल खुलने के पहले और छुट्टी के बाद दोनों समय सैनेटाइजेशन करवाया जाएगा. शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने शुक्रवार को ही शिक्षा सचिव को स्कूल खेल खोलने को लेकर निर्देश दिए थे. शनिवार को शिक्षा सचिव राधिका झा ने आदेश जारी करते हुए स्कूल खोलने पर एसओपी जारी कर दी.

पेरेंट्स पर नहीं होगा कोई दबाव

किसी भी पेरेंट्स को अपने बच्चे को स्कूल दबाव नहीं बना सकता है. स्कूलों में सोशल डिस्टेंसिंग का खास ख्याल रखा जाएगा. इसके अलावा स्कूल के टाइमिंग में भी बदलाव किए जा सकते हैं. भोजन माताएं बच्चों के हाथ साफ कराने की जिम्मेदारी संभालेंगीं. स्कूल में नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए जाएंगे जो स्कूल की व्यवस्थाओं की तमाम जिम्मेदारियों को देखेंगे. ऑनलाइन क्लास के लिए पेरेंट्स को समय स्कूल को बताना होगा.

Uttarakhand: हल्द्वानी में केजरीवाल रविवार को करेंगे रोड शो, बड़ी घोषणा की उम्मीद

सीएम केजरीवाल 19 स‍ितंबर को उत्‍तराखंड का दौरा करेंगे. (File Photo)

Tringa Sankalp Yatra : आप के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हल्द्वानी पहुंच कर तिरंगा संकल्प यात्रा में शामिल होंगे. वे हल्द्वानी में प्रेस वार्ता कर चुनाव को लेकर कोई बड़ा वादा कर सकते हैं.

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देहरादून. आप के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कल यानी 19 सितंबर को हल्द्वानी आएंगे. यह उत्तराखंड में केजरीवाल का तीसरा दौरा होगा. इससे पहले वे अपने दो दौरों में राजधानी देहरादून पहुंचे थे, पहली बार वे कुमाऊं की हल्द्वानी पहुंच कर अपनी आगामी रणनीति पर बात करेंगे. हल्द्वानी दौरे के में वे रोड शो करेंगे और कार्यकर्ताओं में जोश भरेंगे. आप का हर कार्यकर्ता केजरीवाल के दौरे का बेसब्री से इंतजार कर रहा है. उम्मीद की जा रही है कि वे हल्द्वानी में प्रेस वार्ता कर चुनाव को लेकर कोई बड़ा वादा कर सकते हैं. अपने पहले दौरों के दौरान भी अरविंद केजरीवाल फ्री बिजली के मुद्दे पर घोषणा कर चुके हैं. उत्तराखंड की जनता के साथ-साथ आप कार्यकर्ता भी जनहित की किसी घोषणा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.

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आम आदमी पार्टी के चुनाव अभियान कमेटी के अध्यक्ष दीपक बाली ने बताया कि हल्द्वानी पहुंच कर अरविंद केजरीवाल प्रेस वार्ता करेंगे. उसके बाद हल्द्वानी में होने वाली तिरंगा संकल्प यात्रा में शामिल होंगे, जो बरेली रोड मंगल पड़ाव से रामलीला मैदान हल्द्वानी तक होगी. इसमें अरविंद केजरीवाल के साथ आप के प्रदेश पदाधिकारियों के अलावा हजारों आप कार्यकर्ता भी शामिल होंगे.

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अरविंद केजरीवाल का ये पहला हल्द्वानी दौरा है. इससे पहले वे दो बार देहरादून आ चुके हैं. हल्द्वानी के इस दौरे पर अरविंद केजरीवाल कोई बड़ी घोषणा कर सकते हैं. इससे पहले के दो दौरों के दौरान उन्होंने बिजली गारंटी के तहत 300 यूनिट मुफ्त बिजली प्रतिमाह हर परिवार को देने की घोषणा की थी. उसके बाद कर्नल कोठियाल को सीएम चेहरा घोषित करने के साथ उत्तराखंड को आध्यात्मिक राजधानी बनाने की घोषणा की थी. उनके इन दौरे से उत्तराखंड की जनता को एक नई उम्मीद जगी है. लिहाजा केजरीवाल का हल्द्वानी दौरा जनता के लिहाज से उम्मीदों भरा है. आगामी चुनावों को देखते हुए भी उनका ये दौरा पार्टी कार्यकर्ताओं के लिहाज से भी काफी अहम माना जा रहा है.

चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा शुरू: दर्शन को पहुंचने लगे श्रद्धालु, कोविड को लेकर बनाए ये नियम

चारधाम और हेमकुंड साहिब के कपाट खुले.

Chardham Yatra : हाईकोर्ट की ओर से चारधाम यात्रा पर लगी रोक हटने के बाद शनिवार से उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरु हो गई है. इसके साथ ही पांचवें धाम के रूप में विख्यात सिक्खों के पवित्र तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब के कपाट भी श्रद्दालुओं के लिये खुल गए हैं.

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देहरादून. हाईकोर्ट (High Court) की ओर से चारधाम यात्रा (Chardham Yatra) पर लगी रोक हटने के बाद शनिवार से उत्तराखंड (Uttarakhand) में चारधाम यात्रा शुरू हो गई है. इसके साथ ही पांचवें धाम के रूप में विख्यात सिक्खों के पवित्र तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब के कपाट भी श्रद्दालुओं के लिये खुल गए हैं. यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचने शुरू हो गए हैं. दोनों ही यात्राओं को लेकर दर्शनार्थियों में भारी उत्साह दिख रहा है. यात्रा शुरू करने के साथ श्रद्धालुओं के लिए कोरोना गाइडलाइन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नियम भी बनाए  हैं.

सुबह पंचप्यारों की अगुवाई में जहां पवित्र गुरुग्रंथ साहिब को संचखंड से दरबार साहिब में शुशोभित किया गया वहीं, अरदास व सुखवाणी का पाठ कर यात्रा की शुरुवात हुई. शनिवार से शुरु हुई यात्रा को लेकर हेमकुंड साहिब द्वारा हेमकुंड पहुंचने वाले यात्रियों से ऋषिकेश ट्स्ट कार्यालय में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने की अपील की गई है. इसके बाद ही श्रद्दालुओं को हेमकुंड साहिब क्षेत्र में जाने दिया जायेगा.

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कपाट खुलने के बाद श्रद्दालुओं को कोरोना गाइडलाइन का पालन करने को कहा गया है. ट्रस्टी सरदार नरेन्द्र जीत बिन्द्रा ने बताया कि कोविड गाइडलाइन के तहत एक दिन में केवल 1000 श्रद्दालुओं को ही धाम में जाने की अनुमति दी जाएगी.

सीमित श्रद्धालुओं को ही अनुमति

राज्‍य सरकार ने चारों धामों में सीमित संख्‍या में श्रद्धालुओं को धामों में दर्शन के लिए जाने की अनुमति प्रदान की है. चारधाम यात्रा और हेमकुंड में श्रद्धालुओं को कोविड गाइडलाइन को लेकर सीमित संख्या में जाने की अनुमति है.

देहरादून में कैदी बनेंगे रेडियो जॉकी, सुद्धेवाला जेल से गूंजेगी आवाज- 'गुड मॉर्निंग...'

सुद्धोवाला जेल (Suddhowala Jail) में बंद कैदी अब रेडियो जॉकी का काम करेंगे. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

सुद्धोवाला जेल (Suddhowala Jail) में बंद कैदी अब रेडियो जॉकी का काम करेंगे. जिसके लिए इन्हें प्रशिक्षण देना भी शुरू कर दिया गया है. जेल में बंद कैदियों को रेडियो जॉकी बनने का प्रशिक्षण दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर वर्तिका नंदा दे रही हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 18, 2021, 19:33 IST
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देहरादूनः देहरादून (Dehradun) की सुद्धोवाला जेल (Suddhowala Jail) में बंद कैदियों के लिए जेल प्रशासन ने एक नई पहल शुरू की है, जिसके तहत अब जेल के अंदर जल्द ही ‘गुड मार्निंग दून जेल’ गूंजेगा. कैदियों के मनोरंजन, उन्हें डिप्रेशन से दूर रखने, उनमें सृजनात्मकता को बनाए रखने और रोजाना की दिनचर्या में कुछ नया शामिल करने के लिए जेल प्रबंधन की ओर इस शानदार पहल की शुरुआत की गई है. जिसकी तैयारी भी जेल में शुरू हो चुकी है.

सुद्धोवाला जेल में बंद कैदी अब रेडियो जॉकी का काम करेंगे. जिसके लिए इन्हें प्रशिक्षण देना भी शुरू कर दिया गया है. जेल में बंद कैदियों को रेडियो जॉकी बनने का प्रशिक्षण दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर वर्तिका नंदा दे रही हैं. इस काम के लिए कुछ महिला और पुरुष कैदियों को चुना गया है. जिसके तहत आठ पुरुष और चार महिला कैदियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है. जो जेल में रेडियो जॉकी के रूप में काम करेंगे.

शॉर्टलिस्ट किए गए कैदियों में से दो महिला और दो पुरुष कैदी ही चुने जाएंगे. जिनकी आवाज सुबह-सुबह जेल के अंदर ‘गुड मॉर्निंग दून जेल’ के साथ गूंजेगी. हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब वर्तिका नंदा इस तरह का काम कर रही हैं. इससे पहले भी वह जेल में बंद कैदियों को रेडियो जॉकी बना चुकी हैं.

इससे पहले वह पानीपत, अंबाला, आगरा और फरीदाबाद के जेल में बंद कैदियों को रेडियो जॉकी का प्रशिक्षण दे चुकी हैं. वर्तिका नंदा दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर होने के साथ-साथ एक समाज सेविका भी हैं. जेल में बंद कैदियों को तनाव मुक्त करने के लिए देहरादून की सुद्धोवाला जेल ने रेडियो शुरू करने की योजना बनाई. सुद्धोवाला जेल के वरिष्ठ अधीक्षक दधीराम और जेलर पवन कुमार ने भी इसकी पुष्टी की है.

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