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आंदोलनरत छात्र-छात्राओं को धमका रहे हैं प्राइवेट आयुर्वेद कॉलेज प्रबंधक... खुद तोड़फोड़ कर किया छात्रों के ख़िलाफ़ केस

Sunil Navprabhat | News18 Uttarakhand
Updated: November 4, 2019, 6:14 PM IST
आंदोलनरत छात्र-छात्राओं को धमका रहे हैं प्राइवेट आयुर्वेद कॉलेज प्रबंधक... खुद तोड़फोड़ कर किया छात्रों के ख़िलाफ़ केस
निजी कॉलेजों में तीन गुना फ़ीस वृद्धि के ख़िलाफ़ एक महीने से भी ज़्यादा समय से छात्र-छात्राएं धरने पर बैठे हैं.

राज्य सरकार (Uttarkhand Government) ने प्राइवेट कॉलेजों (Private Colleges) की फ़ीस सीधे तीन गुना बढ़ा दी है. 80,000 की जगह रातोंरात फ़ीस 2.15 लाख रुपये कर दी थी.

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देहरादून. उत्तराखंड आयुर्वेद विश्विद्यालय (Uttarakhand Ayurved University) के 13 प्राइवेट आयुष कॉलेजों (Private Ayush Colleges) के छात्र-छात्राएं बीते एक महीने से ज़्यादा समय से बढ़ी हुई फीस को लेकर धरने पर बैठे हैं. छात्रों का कहना है कि राज्य सरकार (Uttarkhand Government) ने प्राइवेट कॉलेजों की फ़ीस सीधे तीन गुना बढ़ा दी है. 80,000 की जगह रातोंरात फ़ीस 2.15 लाख रुपये कर दी गई, जिसके अलावा प्राइवेट कॉलेज डेवलपमेंट चार्जिस आदि के नाम पर 30 से 40 हज़ार रुपये और वसूलते हैं. छात्रों की गुहार जब राज्यपाल के पास नहीं सुनी गई तो ये छात्र-छात्राएं हाईकोर्ट चले गए.

हाईकोर्ट का आदेश और धमकी 

हाइकोर्ट ने इस फ़ीस वृद्धि को ग़लत माना और बढ़ी हुए फीस के शासनादेश को निरस्त करते हुए पुरानी ही फ़ीस लेने और जिनसे फ़ीस वसूल ली गई उसे वापस करने को कहा. खंडपीठ ने भी इस आदेश को कायम रखा. इसके बावजूद प्राइवेट कॉलेज मानने को तैयार नहीं है और इसी के विरोध में छात्र-छात्राएं धरने पर हैं.



अब राज्य सरकार को अपने पक्ष में देखकर ये प्राइवेट कॉलेज छात्र-छात्राओं को भविष्य बर्बाद करने की धमकियां दे रहे हैं. न्यूज़ 18 को ऐसे तीन वीडियो मिले हैं जिनमें इन प्राइवेट कॉलेज प्रबंधकों को धमकाते हुए साफ़ देखा-सुना जा सकता है.

खुद की तोड़फोड़ 

पहला वीडियो ओम आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, बहादराबाद, रुड़की का है. यहां कॉलेज के प्रबंधक मुनीश सैनी छात्रों पर दबाव बनाने के लिए कुर्सी से खुद अपने ऑफिस में तोड़-फोड़ कर रहे हैं. इसके बाद रिपोर्ट छात्रों के ख़िलाफ़ दर्ज करा दी गई.
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ताला लगाने की धमकी 

दूसरा वीडियो उत्तरांचल आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, ओल्ड मसूरी रोड, देहरादून के प्रबंधक अश्वनी कांबोज का है. कांबोज इस वीडियो में छात्रों को धमकाते हुए कर रहे हैं कि सरकार के पास पैसा होता तो खुद मेडिकल कॉलेज खोलती. वह कॉलेज बंद कर मुख्यमंत्री को चाबी देने की भी बात कहते हैं और कहते हैं कि 5500 छात्र सड़क पर आएंगे तो सरकार को समझ आ जाएगा. वह कहते हैं कि चाहे ऊपर से नीचे कूद जाओ, कुछ नहीं होने वाला.

हाईकोर्ट की बात क्यों करनी 

तीसरा वीडियो बीएसआई इंस्टिट्यूट ऑफ़ आयुर्वेदा, रुड़की के प्रबंधक गौरव शर्मा का है. वीडियो में गौरव शर्मा को आंदोलनरत छात्रों को कहते देखा-सुना जा सकता है कि कॉलेज में तुमको और हमको रहना है. हाईकोर्ट का ऑर्डर हटा दो, मेरे बिना पत्ता नहीं हिलता, हाईकोर्ट की क्या बात करते हो.

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First published: November 4, 2019, 6:14 PM IST
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