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‘स्कूल में गैंग रेप पर ख़ामोश क्यों हैं निजी स्कूलों के संगठन’

News18 Uttarakhand
Updated: September 19, 2018, 7:21 PM IST
‘स्कूल में गैंग रेप पर ख़ामोश क्यों हैं निजी स्कूलों के संगठन’
प्रिंसिपल्स प्रोग्रेसिव स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम कश्यप कहते हैं कि एसोसिएशन के सदस्य बिज़ी हैं और इसकी वजह से एग्ज़ीक्यूटिव कमेटी की बैठक नहीं हो पा रही है.

देहरादून के ज़िला शिक्षा अधिकारी इस बात को स्वीकार करते हैं और कहते हैं कि इस घटना की निंदा सबको करनी चाहिए.

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राजधानी के नामी स्कूल में दसवीं की छात्रा के साथ गैंगरेप के बाद होने के बावजूद प्राइवेट स्कूल संचालक मौन हैं. ये वही स्कूल संचालक है जो एनसीईआरटी किताबों को लागू करने का विरोध करते हुए सड़कों पर उतर आए थे. ऐसे में प्राइवेट स्कूलों की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या इनकी एकजुटता सिर्फ़ अपनी कमाई को लेकर ही होती है?

बच्चों का भविष्य संवारने के नाम पर निजी स्कूल मोटी फ़ीस वसूलते हैं लेकिन इन स्कूलों में न बच्चों की सुरक्षा के मूलभूत इंतज़ाम तक नहीं हैं. सहसपुर के जीआरडी वर्ल्ड स्कूल की घटना ने कई सवाल उठा दिए हैं. आए दिन अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरने वाले शिक्षक संगठन आखिरकार जीआरडी वर्ल्ड स्कूल की घटना पर क्यों मौन हैं.

यह सवाल इसलिए उठा है क्योंकि एनसीईआरटी किताबों को लागू करने को लेकर सड़कों पर उतरने वाले प्राइवेट स्कूल प्रबंधन ने किताबें लागू करने से बच्चों का भविष्य अंधकारमय होनी की बात कही थी. तो सवाल यह है कि मोटी फीस वसूलने वाले इन स्कूलों को ऐसी घटनाओं से बच्चों का भविष्य अंधकारमय नहीं दिखता.

प्रिंसिपल प्रोग्रेसिव स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम कश्यप इस सवाल के जवाब में कहते हैं कि एसोसिएशन के सदस्य बिज़ी हैं और इसकी वजह से एग्ज़ीक्यूटिव कमेटी की बैठक नहीं हो पा रही है. कश्यप कहते हैं कि जब तक यह मीटिंग नहीं हो जाती एसोसिएशन कोई भी स्टैंड नहीं ले सकता.

ज़ाहिर है यह मुद्दा इन प्राइवेट स्कूलों की प्राथमिकता में नहीं है. लेकिन एनसीईआरटी किताबें के विरोध के लिए इन्हें ये तुरंत एकजुट हो गए थे. चिंता की बात यह है कि स्कूली शिक्षा के लिए मशहूर दून घाटी के स्कूलों की साख इस घटना से गिरी है. देहरादून के ज़िला शिक्षा अधिकारी इस बात को स्वीकार करते हैं और कहते हैं कि इस घटना की निंदा सबको करनी चाहिए.

इस घटना से देहरादून के अभिभावक भी गुस्से में हैं. उनका कहना है कि ऐसे मामलों में पूरी ज़िम्मेदारी स्कूलों की है और दोषियों को कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए. देहरादून निवासी दीप्ति जैन कहती हैं अभिभावकों को कैसे पता चलेगा कि स्कूल में बच्चे क्या कर रहे हैं? वह पूछती हैं कि NCERT किताबों के ख़िलाफ़ सड़क पर उतरने वाले निजी स्कूल GRD में रेप पर ख़ामोश क्यों?

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First published: September 19, 2018, 7:03 PM IST
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