Dehradun news

देहरादून

अपना जिला चुनें

बतौर CM पुष्कर सिंह धामी के 30 दिन, ऐसे रहे 30 बड़े वादे, ऐलान और फैसले

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी.

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी.

एक महीने पहले जब पुष्कर सिंह धामी को उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बनाया गया तो उन्होंने राज्य में अब तक के सबसे युवा सीएम बनने का रिकॉर्ड बनाया. उनके सामने चुनौतियां क्या थीं और उनमें वह कितने कामयाब रहे? जानिए 30 खास पॉइंट्स.

SHARE THIS:

देहरादून. कथित ‘संवैधानिक संकट’ के चलते तीरथ सिंह रावत की जगह उत्तराखंंड के मुख्यमंत्री के रूप में 4 जुलाई को पुष्कर​ सिंह धामी ने कुर्सी संभाली थी. अपेक्षाकृत युवा धामी के नाम की घोषणा के साथ ही राज्य भाजपा के दिग्गज नेताओं में एक हलचल दिखी थी और धामी के सामने चुनौती थी कि वो सबको साध सकें. बहरहाल, एक महीना पूरा करते हुए धामी ने न केवल अपनी कुशलता पार्टी और सरकार को साधने में दिखाई बल्कि जनता को लुभाने में भी वह पीछे नहीं रहे. आगामी साल में विधानसभा चुनावों का उन्होंने पूरा खयाल रखते हुए कई लुभावनी घोषणाएं और फैसले भी किए. धामी के 30 दिनों के खास 30 बड़े बिंदुओं पर एक नज़र डालिए.

बड़े पैकैज से बड़े फायदे
1. कोविड-19 ने उत्तराखंड पर्यटन की कमर तोड़ी तो धामी ने इस सेक्टर के करीब 1.64 लाख लोगों को राहत देते हुए 200 करोड़ का पैकेज मंज़ूर किया.
2. स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र में प्रोत्साहन और राहत के लिए 205 करोड़ रुपये का पैकेज घोषित किया, जिससे करीब पौने चार लाख लोग सीधे लाभ पाएंगे.
3. इसी पैकेज में आंगनबाड़ी और आशा वर्करों को पांच महीने तक दो-दो हज़ार रुपये की राशि मिलेगी. यह एक बड़ा वर्ग है.
4. पिथौरागढ़ और ​हरिद्वार में मेडिकल कॉलेजों के लिए कुल 140 करोड़ की रकम जारी की.

ये भी पढ़ें : Uttarakhand Weather : 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, पहाड़ों में कई रास्ते ठप

चुनाव के लिहाज़ से लोक लुभावन फैसले
5. राज्य में खाली पड़े 24 हज़ार पदों पर भर्ती की घोषणा.
6. वर्ग ग में जॉब के लिए आयुसीमा बढ़ाई.
7. अतिथि शिक्षकों की सैलरी बढ़ाकर 25000 करना.
8. राज्य परिवहन निगम के कर्मचारियों की हड़ताल और कोर्ट के दखल के बाद 34 करोड़ की रकम जारी करना.
9. श्रीनगर, हल्द्वानी व देहरादून के मेडिकल कॉलेजों में 501 पद बनाना.
10. एमबीबीएस के इंटर्नों के स्टाइपेंड में दोगुनी से भी ज़्यादा बढ़ोत्तरी यानी 7500 से 17000 रुपये करना.
11. यूपीएससी, एनडीए, सीडीएस जैसी लिखित परीक्षाओं को पास करने पर आगे की तैयारी के लिए परीक्षार्थियों को 50 हज़ार की मदद देना.
12. उपनल कार्मिकों की मांगों को लेकर कैबिनेट उपसमिति बनाना.
13. पीएससी के तहत और समूह ग के पदों पर चयन के लिए आयुसीमा में एक साल की छूट देना.

uttarakhand news, pushkar singh dhami speech, pushkar singh dhami video, pushkar singh dhami program, उत्तराखंड न्यूज़, पुष्कर सिंह धामी बयान, पुष्कर सिंह धामी स्पीच, पुष्कर सिंह धामी वी​डियो

4 जुलाई को पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में पद संभाला था.

कोविड के मोर्चे पर धामी के तेवर
14. कोविड पीड़ित परिवारों के बेसहारा बच्चों को वात्सल्य योजना के तहत सामाजिक सुरक्षा और मदद देना.
15. इस साल के अंत तक राज्य में सौ प्रतिशत वैक्सीनेशन का लक्ष्य बनाना.
16. हर विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य मेले लगाने का ऐलान.
17. तीसरी लहर के लिहाज़ से राज्य में 1945 पैडियाट्रिक ऑक्सीजन बेड, 739 एनआईसीयू, पीआईसीयू बेड चिह्नित करवाना.
18. 10 अगस्त तक सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक केंद्रों और उपकेंद्रों तक ज़रूरी दवाएं उपलब्ध कराने का आदेश देना.
19. बच्चों के लिए माइक्रो न्यूट्रिएंट की व्यवस्था करने के आदेश देना.

लोगों के लिए और भी योजनाएं
20. प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में 16472 लोगों को आवास को मंजूरी.
21. मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना का शुभारंभ.
22. एक सितंबर से प्रदेश में सैन्य सम्मान यात्रा शुरू की जाएगी.
23. द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान उत्तराखंड से वीरांगनाओं एवं वेटरनों की प्रतिमाह पेंशन 10 हजार रुपये करना.
24. सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों के बच्चों की पढ़ाई के लिए हल्द्वानी में छात्रावास की घोषणा.
25. प्राकृतिक आपदा में राहत कार्यों के लिए पिथौरागढ़ में दो माह हेलीकॉप्टर तैनाती करवाना.

ये भी पढ़ें : Dehradun News : इन सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के प्रिंसिपलों को मिला नोटिस, जानिए क्यों

राजनीति के मैदान में धामी
26. वरिष्ठों और दिग्गजों का साथ व समर्थन लगभग हासिल कर लेना.
27. अपने पूर्ववर्ती सीएम के उलट किसी बयान के चलते विवादों में न रहना.
28. पिछले सीएम के उलट ही आधिकारिक सीएम हाउस में प्रवेश करना. हालांकि धामी ने ‘मनहूस’ माने जाने वाले इस आवास में प्रवेश से पहले वास्तु और अन्य दोषों की शांति के लिए हफ्ते भर की पूजा करवाई.
29. अपने कार्यकाल को धामी ने जिन संकल्पों के साथ शुरू किया, उनमें उन्होंने पार्टी की विचारधारा, चुनावी तैयारी और सभी नेताओं को साधने के साथ ही जनता के बीच भाजपा की छवि के नज़रिये को ध्यान में रखा.

और आखिर में, धामी ने अपने एक महीने के कार्यकाल में देवस्थानम बोर्ड के मुद्दे पर भी बाज़ी मारने की कोशिश की. पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल में इस बोर्ड का गठन हुआ था, जिसका विरोध चार धामों के पुरोहित खास तौर से लगातार कर रहे हैं. इस मामले में कानूनी पहलुओं का अध्ययन करते हुए इस मसले को सुलझाने के लिए धामी सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति बनाई और यह संदेश दिया कि वो इसके हल के लिए संकल्पित हैं.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

ऑटो में डॉक्टर्स लगा रहे कोरोना का टीका, देहरादून में तेज़ हुआ टीकाकरण अभियान!

कोरोना संक्रमण से जंग में एकमात्र हथियार वैक्सीनेशन द्वारा  लड़ रही तमाम सरकारें

देहरादून में ऑटो से टीका लगाने के लिए सीएमओ ने जनपद में आठ टीमें बनाई है। जो विभिन्न इलाकों में जाकर ऑन द स्पॉट टीका लगा रही है

SHARE THIS:

कोरोना संक्रमण से जंग में एकमात्र हथियार वैक्सीनेशन द्वारा  लड़ रही तमाम सरकारें व प्रशाशन अब नए तरह के प्रयोगों को अख्तियार कर संक्रमण को देश में जड़ से मिटाने में लगी हुई है तो वहीं अब देहरादून स्वास्थ्य विभाग ने भी राजधानी के विभिन्न जगहों में ऑटो वैक्सीनशन ड्राइव शुरू कर टीकाकरण अभियान को अधिक से अधिक जनता तक पहुचाने का बीड़ा उठा लिया है.

बतादे देहरादून में ऑटो से टीका लगाने के लिए सीएमओ ने जनपद में आठ टीमें बनाई है। जो विभिन्न इलाकों में जाकर ऑन द स्पॉट टीका लगा रही है जिस तरह आप मोबाइल स्क्रीन में देख सकते है. वही जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. दिनेश चौहान खुद इसकी मॉनीटरिंग कर रहे हैं। तमाम जगहों पर  आज सैकड़ों लोगों को रोककर टीका लगाया गया।  साथ ही अफसर एवं डाक्टरों ने लोगों को जागरूक भी किया। इस टीकाकरण अभियान के द्वारा डॉक्टर्स उन नागरिकों तक पहुँच रहे है जो लोग किन्ही वजहों के कारण वैक्सीनेशन से अब तक वंचित है.

डॉ दिनेश चौहान ने बताया \”हमारा लक्ष्य देहरादून की पूरी आबादी को जल्द से जल्द वेक्सीनेट करने का हैं ताकि जनपद वासी संक्रमण व तीसरी लहर से सुरक्षित रहे. हमारे इस ऑटो वैक्सीनेशन ड्राइव में गठित टीमें प्रतिदिन विभिन जगहों पर वैक्सीनेशन ड्राइव चला रही है जिनमे लोग भी बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे है जो किन्ही करणों से अब तक छूटे हुए है . नागरिकों में प्रसन्नता है कि वैक्सीनेशन अभियान ऑटो के माध्यम से उनके द्वार तक स्वयं चलकर आया है और हम भी अन्य नागरिको की तरह अब सुरक्षित है\”

रावण वध के बाद ब्रह्महत्या के पाप से मुक्ति पाने के लिए यहां आए थे भगवान लक्ष्मण!

लक्ष्मण सिद्ध मंदिर देहरादून के 4 सिद्ध मंदिरों में से एक है.

देहरादून का लक्ष्मण सिद्ध मंदिर ऋषि दत्तात्रेय के चौरासी सिद्धों में से एक है.

SHARE THIS:

हिंदू धार्मिक मान्यताओं के लिए देवभूमि उत्तराखंड रहस्यमयी पौराणिक कथाओं के लिए भी विख्यात है. अक्सर ऐसा कहा जाता है कि यहां के कण-कण में ईश्वर का वास है. राजधानी देहरादून में 4 सिद्ध मंदिर या पीठ हैं और यह शहर के 4 कोनों में स्थापित हैं. देहरादून के 4 सिद्धों में लक्ष्मण सिद्ध, कालू सिद्ध, मानक सिद्ध और मांडु सिद्ध हैं.

देहरादून का लक्ष्मण सिद्ध मंदिर ऋषि दत्तात्रेय के चौरासी सिद्धों में से एक है. लोक मान्यता के अनुसार, रावण का वध करने के बाद ब्रह्महत्या के दोष से मुक्ति पाने के लिए भगवान लक्ष्मण ने इसी स्थान पर तपस्या की थी.

एक अन्य मान्यता के अनुसार, भगवान दत्तात्रेय ने लोककल्याण के लिए 84 शिष्य बनाए थे और उन्हें अपनी सभी शक्तियां प्रदान की थीं. कालांतर में ये चौरासी शिष्य 84 सिद्ध के नाम से जाने गए और इनके समाधि स्थल सिद्धपीठ या सिद्ध मंदिर बन गए. इन्हीं 84 सिद्धों में देहरादून के चार सिद्ध भी हैं. इन चारों में लक्ष्मण बाबा भी हैं, इसलिए इस मंदिर का नाम लक्ष्मण सिद्धपीठ मंदिर रखा गया क्योंकि उन्होंने यहीं पर समाधि ली थी.

तपस्या स्थल पर प्राचीन काल से निरंतर अखंड धूनी जल रही है. बताया जाता है कि इस अखंड धुनी में कभी मुंह से फूंक नहीं मारी जाती है. यहां पर बनाए गए भोजन का ही भोग मंदिर में लगाया जाता है. धुनी की राख को प्रसाद के तौर पर श्रद्धालुओं को वितरित किया जाता है.

इस मंदिर में भगवान को गुड़, घी, दही आदि भेंट के रूप में चढ़ाया जाता है क्योंकि पुराने समय में गुड़ एवं अन्य सामग्री मिठाई होती थी, इसलिए प्राचीन काल से गुड़ का प्रसाद इस मंदिर में चढ़ाया जाता है.

देहरादून : मंडुआ से बना रहे मोमो-बर्गर, युवाओं को खूब पसंद आ रहा पहाड़ का स्वाद

रेस्टोरेंट में ज्यादातर फास्टफूड मंडुआ से बनाए जा रहे हैं.

सुभाष रतूड़ी मोमो ही नहीं बल्कि कई तरह के फास्टफूड मंडुआ से बना रहे हैं.

SHARE THIS:

फास्टफूड की बात हो और मोमो, बर्गर, पिज्जा आदि का जिक्र न हो तो यह तो सरासर बेईमानी होगा. हालांकि तमाम डॉक्टर और न्यूट्रिशनिस्ट अक्सर जंक फूड से बचने की सलाह देते हैं मगर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में मंडुआ (Mandua Fast food Dehradun) से बने फास्टफूड हर किसी की जुबान पर छाए हुए हैं.

देहरादून में अब आपको पौष्टिक फास्टफूड का भी विकल्प मिल गया है. यह फास्टफूड मैदे से नहीं बल्कि मंडुआ से बने हैं. शेफ सुभाष रतूड़ी मोमो ही नहीं बल्कि कई तरह के फास्टफूड मंडुआ से बना रहे हैं. लोगों द्वारा सभी लजीज पकवानों को काफी पसंद किया जा रहा है.

सुभाष रतूड़ी ने कहा कि उनका मकसद न केवल स्वरोजगार के जरिए अपनी आर्थिकी को सुदृढ़ करना है बल्कि मंडुआ का फास्टफूड में इस्तेमाल कर युवा पीढ़ी तक अपनी संस्कृति को भी आगे ले जाना है. वह चाहते हैं कि अन्य राज्यों के लोग भी पहाड़ी उत्पादों को जानें, जिससे उत्तराखंड की पहचान और मजबूत हो.

बता दें कि सुभाष न केवल मोमो बल्कि अपने रेस्टोरेंट में बनने वाले बर्गर, चाय, कॉफी आदि सभी प्रोडक्ट में मंडुआ का इस्तेमाल करते हैं, जिससे इन सभी फास्टफूड का स्वाद दोगुना हो जाता है.

उत्तराखंड चुनावः जांच-परख कर किसी को बनाएं कांग्रेस का मेंबर, सदस्यता अभियान में 'घुसपैठ' से डरी पार्टी

Uttarakhand Assembly Election 2022: विधानसभा चुनाव से पहले सदस्यता अभियान चला रही कांग्रेस को पार्टी में विपक्षी एजेंटों की घुसपैठ का डर.

Uttarakhand Election 2022: विधानसभा चुनाव से पहले सदस्यता अभियान चला रही उत्तराखंड कांग्रेस को पार्टी में विपक्षियों के घुसपैठ करने का डर है. सदस्यता अभियान समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह भंडारी ने कार्यकर्ताओं को ऐसे लोगों को सदस्य बनाने में सतर्कता बरतने की नसीहत दी.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 20, 2021, 12:12 IST
SHARE THIS:

देहरादून. उत्तराखंड में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने हैं. इसके मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी सरीखे बड़े दल समेत छोटी पार्टियां भी सक्रिय हैं. प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस अगले साल सत्ता परिवर्तन के दावों के साथ चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है. सत्तारूढ़ दल बीजेपी पर हमले के साथ-साथ कांग्रेस अपने संगठन को मजबूत कर रही है. इसके लिए राज्य में जोर-शोर से सदस्यता अभियान चल रहा है. लेकिन इस अभियान के दौरान कहीं कोई विपक्षी दल का समर्थक या कार्यकर्ता, पार्टी में घुसपैठ न कर ले, कांग्रेस को इसका भी डर सता रहा है. इसलिए बीते दिनों देहरादून महानगर कमेटी की बैठक में कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने की नसीहत दी गई.

उत्तराखंड कांग्रेस के सदस्यता अभियान समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह भंडारी ने पार्टी के कार्यकर्ताओं को विपक्षी दलों के एजेंटों से बचने की नसीहत दी. देहरादून कांग्रेस कमेटी की बैठक के दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि जिस किसी शख्स को भी पार्टी का मेंबर बनाएं, उसका फोटो और मोबाइल नंबर जरूर लें. सदस्यता पर्ची पर उस शख्स की तस्वीर और नंबर दर्ज करें, ताकि कांग्रेस में कोई भितरघात नहीं कर सके. देहरादून से प्रकाशित दैनिक अखबार हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, भंडारी ने इस बैठक में शामिल कांग्रेस के सभी पार्षदों, पूर्व प्रत्याशियों, ब्लॉक अध्यक्षों से कहा कि जिन लोगों की कांग्रेस में निष्ठा हो, उन्हें ही पार्टी का सदस्य बनाएं.

गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव से कई महीने पहले से ही उत्तराखंड में सियासत चरम पर है. खासकर, इस बार चुनाव मैदान में आम आदमी पार्टी के आने और उसके ताबड़तोड़ घोषणाएं करने से इस माहौल को और गर्माहट मिल रही है. यही वजह है कि प्रदेश में सक्रिय दोनों पुराने दल कांग्रेस और बीजेपी, लगातार अपनी जमीन और संगठन को मजबूत करने में जुटे हुए हैं. मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के नेताओं को उम्मीद है कि अगले साल प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हो सकता है, जिसके लिए पार्टी जी-जान से प्रदेशभर में अपनी पकड़ को और मजबूत कर रही है. इस अभियान में विपक्षी दल घुसपैठ न करें, इसलिए ही सदस्यता अभियान समिति के अध्यक्ष ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को जांच-परख कर लोगों को कांग्रेस में शामिल करने और भितरघात से बचने की सलाह दी है.

उत्तराखंड की दो हस्तियों के नाम दिल्ली में सड़कें, डिप्टी CM मनीष सिसोदिया ने बताई ये वजह

दिल्ली पटपड़गंज विधानसभा क्षेत्र की दो सड़कों का नाम उत्तराखंड की प्रसिद्ध हस्तियों के नाम पर रखा गया. फोटो ट्विटर

Uttarakhand Assembly Elections 2022: दिल्ली के पटपड़गंज विधानसभा क्षेत्र की दो सड़कों का नाम उत्तराखंड की प्रसिद्ध हस्तियों के नाम पर किया है. उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की उपस्थिति में सड़कों का नामकरण अमर शहीद वीर केसरी चंद और प्रसिद्ध लोक गायक दिवंगत हीरा सिंह राणा के नाम पर किया गया.

SHARE THIS:

नई दिल्ली. उत्तराखंड (Uttarakhand) में आम आदमी पार्टी अपना सियासी भविष्य तलाश रही है. इसको लेकर वहां आप ने अपने संगठन का विस्तार कर चुनावी तैयारी शुरू की है. इसी बीच दिल्ली के पटपड़गंज विधानसभा (Patparganj Assembly) क्षेत्र की दो सड़कों का नामकरण रविवार को उत्तराखंड की प्रसिद्ध हस्तियों के नाम पर किया है. इसके जरिए माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी उत्तराखंड में जोर लगाने की तैयारी में है.

मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर लिखा- ‘उत्तराखंड के वीर सेनानी और नेताजी सुभाषचंद्र बोस की हिन्द सेना के सिपाही केसरी चंद जी ने अपनी जान 24 साल की उम्र में देश की आज़ादी के लिए न्योछावर कर दी थी. उनके सम्मान में आज पटपड़गंज की सड़क का नामकरण किया गया और उनको श्रद्धांजलि अर्पित की.’

ट्वीट में उन्होंने लिखा- ‘उत्तराखंड के मशहूर लोकगायक हीरा सिंह राणा जी अपने लोकगीतों से हर मुसीबत का सामना बहादुरी के साथ करने का हौसला देते थे. उनके गीत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देते रहेंगे. वेस्ट विनोद नगर की जिस गली में वो रहते थे उनके सम्मान में उस सड़क का नामकरण उनके नाम पर किया गया.’

Delhi Government, Uttarakhand News, Delhi News, Patparganj Assembly, Veer Kesari Chand, Hira Singh Rana, Arvind Kejriwal, Manish Sisodia, Uttarakhand Assembly Elections 2022,

दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के ट्वीट का स्क्रीनशॉट.

बताया गया है कि उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की उपस्थिति में सड़कों का नामकरण अमर शहीद वीर केसरी चंद और प्रसिद्ध लोक गायक दिवंगत हीरा सिंह राणा के नाम पर किया गया. पटपड़गंज से ही सिसोदिया दिल्ली विधानसभा के सदस्य हैं.

सरकार की ओर से जारी की गई विज्ञप्ति में कहा गया कि राणा उत्तराखंड के प्रख्यात गायक थे, जिन्होंने कुमाऊं की खूबसूरती और संघर्ष की झलक अपनी कविताओं और गीतों के जरिये पेश की. बयान में कहा गया कि अमर शहीद वीर केसरी चंद आजाद हिंद फौज के सैनिक थे, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी थी.

जारी विज्ञप्ति के मुताबिक सी ब्लॉक मार्ग नंबर -4 अब दिवंगत हीरा सिंह राणा मार्ग के नाम से जाना जाएगा. वहीं, विनोद नगर ट्रैफिक लाइट से सिल्वर लाइन अस्पताल तक की सड़क अमर शहीद वीर केसरी चंद मार्ग के नाम से जानी जाएगी. माना जा रहा है कि आम आदमी की नजर 2022 में होने वाले उत्तराखंड विधानसभा चुनाव पर है. इसको लेकर आप उत्तराखंड में अपनी पार्टी का विस्तार करने की पूरी कोशिश में है. इसी को लेेकर वहां की दो प्रभावशाली शख्सियतों के नाम पर दिल्ली में सड़कों का नामकरण किया गया.

बद्रीनाथ समेत चारों धामों में लौटी रौनक, दो दिन में जारी हुए 42 हजार से ज्यादा ई-पास

एसओपी के तहत केदारनाथ धाम में प्रतिदिन 800 श्रद्धालुओं को ही दर्शन की इजाजत मिलेगी.

Chardham Yatra : यात्रा के पहले दिन शनिवार को 1273 और रविवार को 1267 श्रदालुओं ने बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमनोत्री धामों के दर्शन किए. गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब/लोकपाल तीर्थ में भी रविवार को 72 श्रद्धालु मत्था टेकने पहुंचे.

SHARE THIS:

देहरादून. उत्तराखंड में शनिवार से शुरू हुई चारधाम यात्रा जोर पकड़ने लगी है. देवस्थानम बोर्ड के अनुसार चारों धामों में शुरुआती दो दिन में ढाई हजार से अधिक लोग दर्शन कर चुके हैं. जबकि, देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट से चारों धामों के लिए अभी तक 42 हजार से अधिक ई-पास जारी हो चुके हैं. सीएम पुष्कर सिंह धामी, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने चारधाम यात्रा के सफलतापूर्वक शुरू होने पर खुशी जाहिर की है. यात्रा के पहले दिन शनिवार को 1273 और रविवार को 1267 श्रदालुओं ने बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमनोत्री धामों के दर्शन किए. गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब/लोकपाल तीर्थ में भी रविवार को 72 श्रद्धालु मत्था टेकने पहुंचे.

नैनीताल हाईकोर्ट ने गुरुवार 16 सितंबर को चारधाम यात्रा शुरू करने का फैसला दिया. इसके बाद प्रदेश सरकार ने 18 सितंबर से चारधाम यात्रा को हरी झंडी दे दी. पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर के अनुसार चारधाम यात्रा से उत्तराखंड पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. धर्मस्व सचिव एचसी सेमवाल ने कहा कि यात्रा के दौरान कोविड एसओपी का पूरी तरह पालन कराया जा रहा है.

ऐसे कराएं रजिस्ट्रेशन

एसओपी के तहत केदारनाथ धाम में प्रतिदिन 800, बद्रीनाथ धाम में 1000, गंगोत्री में 600, यमनोत्री धाम में कुल 400 श्रद्धालुओं को जाने की अनुमति दी गई है. चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड से बाहर के श्रद्धालुओं के लिए देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल http://smartcitydehradun.uk.gov.in में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है और ई-पास के लिए देवस्थानम बोर्ड की साइट www.devasthanam.uk.gov.in या http:// badrinah-Kedarnath.uk.gov.in प्रत्येक श्रद्धालु को कोविड नेगेटिव रिपोर्ट या वैक्सीन की डबल डोज लगी होने का सर्टिफिकेट जमा करना होता है. उत्तराखंड के लोगों को स्मार्ट सिटी पोर्टल में पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है.

इसे भी पढ़ें : केजरीवाल का ऐलान- AAP की सरकार बनी तो हर घर रोजगार, तब तक सबको 5000

विधायक बदरीनाथ और उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड के सदस्य महेंद्र भट्ट, आशुतोष डिमरी, श्रीनिवास पोस्ती, महेंद्र शर्मा, कृपाराम सेमवाल, जेपी उनियाल, गोविंद सिंह पंवार, चारधाम विकास परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष आचार्य शिवप्रसाद ममगाई ने चार धाम यात्रा शुरू होने पर खुशी जताई है.

इसे भी पढ़ें : 21 सितंबर से बजेगी प्राइमरी स्कूलों की घंटी, सरकार ने जारी की एसओपी

चारधाम यात्रा के दौरान पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. मुनि की रेती, देवप्रयाग, टिहरी, उत्तरकाशी, बड़कोट, रूद्रप्रयाग, सोनप्रयाग, जोशीमठ, पांडुकेश्वर सहित चारों धामों के प्रवेश मार्गों पर पुलिस नजर रख रही है. देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि चार धाम के अलावा द्वितीय केदार रूद्रनाथ, तृतीय केदार तुंगनाथ, चतुर्थ केदार रूद्रनाथ और पंच बदरी योग बदरी पांडुकेश्वर, ध्यान बदरी उर्गम, भविष्य बदरी सुभाई (जोशीमठ) वृद्ध बदरी अणीमठ सहित देवस्थानम बोर्ड के अधीनस्थ मंदिरों में भी तीर्थ यात्री पहुंचे हैं.

UKPSC Jobs : फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर पद की वैकेंसी, आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी, एक लाख तक है सैलरी

UKPSC Jobs : उत्तराखंड में फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर पद के लिए कुल 40 वैकेंसी है.

UKPSC Jobs : फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर पद के लिए आवेदन की अंतिम तिथि दूसरी बार आगे बढ़ाई गई है. पहले आवेदन की अंतिम तिथि 31 अगस्त थी. फिर इसे 17 सितंबर कर दिया गया था.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 19:57 IST
SHARE THIS:

नई दिल्ली. UKPSC Jobs : उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि एक बार फिर से बढ़ा दी है. फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर बनने के इच्छुक अब 08 अक्टूबर तक आवेदन कर सकते हैं. पहले आवेदन की अंतिम तिथि 17 सितंबर थी. इससे भी पहले आवेदन की अंतिम तिथि 31 अगस्त थी. उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार फॉरेस्ट रेंज ऑफिर पद पर कुल 40 वैकेंसी है. इसमें 26 पद अनारक्षित वर्ग के लिए, 06 एसटी, 02 एससी और 05 ओबीसी वर्ग के लिए है. जबकि 02 पद इडब्लूएस के लिए है. फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर पद के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम 42 वर्ष है. आयु की गणना एक जुलाई 2020 से की जाएगी.

फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर पद के लिए अभ्यर्थी का कृषि, वनस्पति विज्ञान, रसायन विज्ञान, कंप्यूटर अप्लीकेशन/कंप्यूटर साइंस आदि में से किसी में भी ग्रेजुएट होना चाहिए. फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर पद के लिए आवेदन उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की वेबासाइट ukpsc.gov.in पर जाकर करना है.

कितनी मिलेगी सैलरी

फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर पद पर चयनित होने के बाद अभ्यर्थियों को लेवल आठ के तहत 47600 रुपये से लेकर 151100 रुपये तक वेतनमान मिलेगा.

आवेदन शुल्क- अनारक्षित वर्ग के लिए आवेदन शुल्क 176 रुपये है. जबकि एससी व एसटी के लिए 86 रुपये है.

ये भी पढ़ें

Army JAG Entry Scheme : एलएलबी पास के लिए सेना में भर्ती होने का मौका, जज एडवोकेट जनरल एंट्री स्कीम के लिए करें आवेदन

NID Recruitment 2021: मध्य प्रदेश में विभिन्न पदों पर नौकरियां, जानें डिटेल

UKPSC AE Recruitment 2021: उत्तराखंड में इंजीनियर के पदों पर नौकरियां, 21 Sep लास्ट डेट

UKPSC AE Recruitment 2021:सहायक इंजीनियरों के पदों पर आवेदन की अंतिम तिथि 21 सितंबर है.

UKPSC AE Recruitment 2021: उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने सहायक इंजीनियरों के पदों पर भर्तियां निकाली हैं. इन पदों के लिए अभ्यर्थी 21 सितंबर 2021 तक आवेदन कर सकते हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 11:28 IST
SHARE THIS:

नई दिल्ली. UKPSC AE Recruitment 2021: उत्तराखंड पब्लिक सर्विस कमीशन ने एई (Assistant Engineer) के पदों पर भर्तियों (UKPSC AE Recruitment 2021) के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है. इन पदों के लिए 1 सितंबर 2021 से आवेदन की प्रक्रिया जारी है. आवेदन की अंतिम तिथि में 2 दिनों का समय औ बचा हैं. ऐसे में जिन अभ्यर्थियों ने अभी तक इन पदों के लिए आवेदन नहीं किया है. वह आयोग की आधिकारिक वेबसाइट ukpsc.gov.in के जरिए 21 सितंबर 2021 तक आवेदन कर सकते हैं. कुल 154 रिक्त पदों पर भर्तियां की जाएगी.

जारी नोटिफिकेशन के अनुसार ग्रामीण निर्माण विभाग, सिचाईं विभाग, लघु सिचाईं विभाग, लोक निर्माण विभाग, पेय जल एवं स्वच्छता विभाग और ऊर्चा विभाग में सहायक इंजीनियर के पदों पर भर्तियां की जाएगी.

UKPSC AE Recruitment 2021: शैक्षणिक योग्यता
इन पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से संबंधि स्ट्रीम में इंजीनियरिंग की डिग्री होनी चाहिए.

UKPSC AE Recruitment 2021:आयु सीमा
इन पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी की उम्र 21 वर्ष से 42 वर्ष के बीच होनी चाहिए. एससी, एसटी और अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट दी गई है.

UKPSC AE Recruitment 2021:चयन प्रक्रिया
इन पदों पर अभ्यर्थियों का चयन लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा. लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिया बुलाया जाएगा. अंतिम चयन इंटरव्यू में प्राप्त नंबरों के जरिए किया जाएगा.

UKPSC AE Recruitment 2021:आवेदन फीस
सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 276.55 रुपए और एससी व एसटी वर्ग के लिए 126.55 रुपए आवेदन शुल्क निर्धारित किया गया है.

ये भी पढ़ें-
IRCTC Jobs : आईआरसीटीसी में 10वीं पास के लिए नौकरियां, कंप्यूटर असिस्टेंट और प्रोग्रामिंग असिस्टेंट की वैकेंसी
Sarkari Naukri: यहां निकली है इंजीनियर, क्लर्क समेत कई पदों पर बंपर नौकरियां, जानिए कैसे करना है अप्लाई

UKPSC AE Recruitment 2021:इन तिथियों का रखें ध्यान
आवेदन शुरू होने की तिथि –  1 सितंबर 2021
आवेदन की अंतिम तिथि – 21 सितंबर 2021
आधिकारिक वेबसाइट – ukpsc.gov.in

School Reopen: उत्तराखंड में इस दिन से खुलेंगे प्राइमरी स्कूल, इन नियम शर्तों का करना होगा पालन

School Reopen: उत्तराखंड में मंगलवार से प्राइमरी स्कूल खुलेंगी.

School Reopen: स्टूडेंट्स की अधिक संख्या को देखते हुए दो शिफ्ट में प्राइमरी स्कूल संचालित किए जा सकते हैं. स्कूल में सोशल डिस्टनसिंग के साथ पढ़ाई करवाई जाएगी. इस दौरान स्टूडेंट्स पर स्कूल आने का दबाव नहीं रहेगा और ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों ही मोड में पढ़ाई जारी रहेगी.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 10:01 IST
SHARE THIS:

देहरादून. School Reopen: उत्तराखंड में प्रदेश सरकार ने तकरीबन 2 साल बाद प्राइमरी क्लास के स्कूलों को खोलने का फैसला किया है. प्राइमरी क्लास के स्कूल मंगलवार 21 सितंबर से खोले जाएंगे. इसको लेकर सरकार ने एसओपी जारी कर दी है. सरकार की तरफ से जारी गाइडलाइन में कहा गया है कि कोविड नियम एवं शर्तों के साथ क्लास 1 से 5 तक के स्कूल खोले जा सकेंगे और कोविड नियमों के तहत स्कूल के टाइमिंग में बदलाव भी किए जा सकेंगे. ऑनलाइन क्लास के लिए पेरेंट्स को समय स्कूल को बताना होगा.

इसके साथ ही स्टूडेंट्स की अधिक संख्या को देखते हुए दो शिफ्ट में प्राइमरी स्कूल संचालित किए जा सकते हैं. स्कूल में सोशल डिस्टनसिंग के साथ पढ़ाई करवाई जाएगी. इस दौरान स्टूडेंट्स पर स्कूल आने का दबाव नहीं रहेगा और ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों ही मोड में पढ़ाई जारी रहेगी. खास बात यह है कि स्कूल में मिड डे मील नहीं बनाया जाएगा इस दौरान भोजन माता स्कूल आएंगी और स्कूल में सैनिटाइजेशन का काम करेंगी. स्कूल खुलने के पहले और छुट्टी के बाद दोनों समय सैनिटाइजेशन करवाया जाएगा.

नोडल अधिकारी देखेंगे स्कूलों की व्यवस्था
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने शुक्रवार को ही शिक्षा सचिव को स्कूल खोलने को लेकर निर्देश दिए थे जिसके अंतर्गत शनिवार को शिक्षा सचिव राधिका झा ने आदेश जारी करते हुए स्कूल खोलने पर s&op जारी कर दी है. स्कूल में नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए जाएंगे जो स्कूल की व्यवस्थाओं की तमाम जिम्मेदारियों को देखेंगे.

ये भी पढ़ें-
Schools Reopen in Rajasthan: राजस्थान में स्कूलों को खोलने को लेकर बड़ा फैसला, इस डेट से सभी बच्चे जाएंगे स्कूल
हरियाणा में 8वीं फिर से बनेगी बोर्ड कक्षा, शिक्षा विभाग के फैसले पर सीबीएसई व आईसीएसई ने जताई आपत्ति

Uttarakhand: 21 सितंबर से बजेगी प्राइमरी स्कूलों की घंटी, सरकार ने जारी की एसओपी

उत्तराखंड: 21 सितंबर से बजेगी प्राइमरी स्कूलों की घंटी.

Uttarakhand News: उत्तराखंड में 21 सितंबर मंगलवार से प्राइमरी क्लास के स्कूल खुलने जा रहे हैं. इसको लेकर सरकार ने शनिवार को एसओपी जारी कर दी. स्कूलों में सोशल डिस्टेंसिंग का खास ख्याल रखा जाएगा. स्कूल के टाइमिंग में भी बदलाव किए जा सकते हैं.बच्चों को स्कूल भेजने के लिए अभिभावकों पर दबाव नहीं होगा.

SHARE THIS:

देहरादून. उत्तराखंड (Uttarakhand) में 21 सितंबर मंगलवार से प्राइमरी क्लास (primary class) के लिए भी स्कूल खुलने जा रहे हैं. इसको लेकर सरकार ने शनिवार को एसओपी SOP जारी कर दी है. नियम शर्तों के साथ क्लास 1 से 5 तक के स्कूल खोले जा सकेंगे, कोविड नियमों के तहत स्कूल की टाइमिंग में बदलाव किए जा सकेंगे, वहीं स्टूडेंट्स के नम्बर को देखते हुए दो शिफ्ट में प्राइमरी स्कूल संचालित किए जा सकते हैं. इसके अलावा दोनों ही मोड में ऑफलाइन और ऑनलाइन पढ़ाई करवाई जाएगी.

मिड डे मील को लेकर व्यवस्था में बदलाव किया गया है. इसमें अब स्कूल में मिड डे मील नहीं बनाया जाएगा, वहीं भोजन माता स्कूल में आएंगी. वह भोजन तैयार करने की बजाय स्कूल में सैनेटाइजेशन का काम करेंगी. स्कूल में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ पढ़ाई करवाई जाएगी. इसके अलावा स्कूल खुलने के पहले और छुट्टी के बाद दोनों समय सैनेटाइजेशन करवाया जाएगा. शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने शुक्रवार को ही शिक्षा सचिव को स्कूल खेल खोलने को लेकर निर्देश दिए थे. शनिवार को शिक्षा सचिव राधिका झा ने आदेश जारी करते हुए स्कूल खोलने पर एसओपी जारी कर दी.

पेरेंट्स पर नहीं होगा कोई दबाव

किसी भी पेरेंट्स को अपने बच्चे को स्कूल दबाव नहीं बना सकता है. स्कूलों में सोशल डिस्टेंसिंग का खास ख्याल रखा जाएगा. इसके अलावा स्कूल के टाइमिंग में भी बदलाव किए जा सकते हैं. भोजन माताएं बच्चों के हाथ साफ कराने की जिम्मेदारी संभालेंगीं. स्कूल में नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए जाएंगे जो स्कूल की व्यवस्थाओं की तमाम जिम्मेदारियों को देखेंगे. ऑनलाइन क्लास के लिए पेरेंट्स को समय स्कूल को बताना होगा.

Uttarakhand: हल्द्वानी में केजरीवाल रविवार को करेंगे रोड शो, बड़ी घोषणा की उम्मीद

सीएम केजरीवाल 19 स‍ितंबर को उत्‍तराखंड का दौरा करेंगे. (File Photo)

Tringa Sankalp Yatra : आप के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हल्द्वानी पहुंच कर तिरंगा संकल्प यात्रा में शामिल होंगे. वे हल्द्वानी में प्रेस वार्ता कर चुनाव को लेकर कोई बड़ा वादा कर सकते हैं.

SHARE THIS:

देहरादून. आप के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कल यानी 19 सितंबर को हल्द्वानी आएंगे. यह उत्तराखंड में केजरीवाल का तीसरा दौरा होगा. इससे पहले वे अपने दो दौरों में राजधानी देहरादून पहुंचे थे, पहली बार वे कुमाऊं की हल्द्वानी पहुंच कर अपनी आगामी रणनीति पर बात करेंगे. हल्द्वानी दौरे के में वे रोड शो करेंगे और कार्यकर्ताओं में जोश भरेंगे. आप का हर कार्यकर्ता केजरीवाल के दौरे का बेसब्री से इंतजार कर रहा है. उम्मीद की जा रही है कि वे हल्द्वानी में प्रेस वार्ता कर चुनाव को लेकर कोई बड़ा वादा कर सकते हैं. अपने पहले दौरों के दौरान भी अरविंद केजरीवाल फ्री बिजली के मुद्दे पर घोषणा कर चुके हैं. उत्तराखंड की जनता के साथ-साथ आप कार्यकर्ता भी जनहित की किसी घोषणा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.

इसे भी पढ़ें : चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा शुरू: दर्शन को पहुंचने लगे श्रद्धालु, कोविड को लेकर बनाए ये नियम

आम आदमी पार्टी के चुनाव अभियान कमेटी के अध्यक्ष दीपक बाली ने बताया कि हल्द्वानी पहुंच कर अरविंद केजरीवाल प्रेस वार्ता करेंगे. उसके बाद हल्द्वानी में होने वाली तिरंगा संकल्प यात्रा में शामिल होंगे, जो बरेली रोड मंगल पड़ाव से रामलीला मैदान हल्द्वानी तक होगी. इसमें अरविंद केजरीवाल के साथ आप के प्रदेश पदाधिकारियों के अलावा हजारों आप कार्यकर्ता भी शामिल होंगे.

इसे भी पढ़ें : Uttarakhand Elections 2022 में पुष्कर धामी ही होंगे BJP का सीएम चेहरा

अरविंद केजरीवाल का ये पहला हल्द्वानी दौरा है. इससे पहले वे दो बार देहरादून आ चुके हैं. हल्द्वानी के इस दौरे पर अरविंद केजरीवाल कोई बड़ी घोषणा कर सकते हैं. इससे पहले के दो दौरों के दौरान उन्होंने बिजली गारंटी के तहत 300 यूनिट मुफ्त बिजली प्रतिमाह हर परिवार को देने की घोषणा की थी. उसके बाद कर्नल कोठियाल को सीएम चेहरा घोषित करने के साथ उत्तराखंड को आध्यात्मिक राजधानी बनाने की घोषणा की थी. उनके इन दौरे से उत्तराखंड की जनता को एक नई उम्मीद जगी है. लिहाजा केजरीवाल का हल्द्वानी दौरा जनता के लिहाज से उम्मीदों भरा है. आगामी चुनावों को देखते हुए भी उनका ये दौरा पार्टी कार्यकर्ताओं के लिहाज से भी काफी अहम माना जा रहा है.

चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा शुरू: दर्शन को पहुंचने लगे श्रद्धालु, कोविड को लेकर बनाए ये नियम

चारधाम और हेमकुंड साहिब के कपाट खुले.

Chardham Yatra : हाईकोर्ट की ओर से चारधाम यात्रा पर लगी रोक हटने के बाद शनिवार से उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरु हो गई है. इसके साथ ही पांचवें धाम के रूप में विख्यात सिक्खों के पवित्र तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब के कपाट भी श्रद्दालुओं के लिये खुल गए हैं.

SHARE THIS:

देहरादून. हाईकोर्ट (High Court) की ओर से चारधाम यात्रा (Chardham Yatra) पर लगी रोक हटने के बाद शनिवार से उत्तराखंड (Uttarakhand) में चारधाम यात्रा शुरू हो गई है. इसके साथ ही पांचवें धाम के रूप में विख्यात सिक्खों के पवित्र तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब के कपाट भी श्रद्दालुओं के लिये खुल गए हैं. यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचने शुरू हो गए हैं. दोनों ही यात्राओं को लेकर दर्शनार्थियों में भारी उत्साह दिख रहा है. यात्रा शुरू करने के साथ श्रद्धालुओं के लिए कोरोना गाइडलाइन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नियम भी बनाए  हैं.

सुबह पंचप्यारों की अगुवाई में जहां पवित्र गुरुग्रंथ साहिब को संचखंड से दरबार साहिब में शुशोभित किया गया वहीं, अरदास व सुखवाणी का पाठ कर यात्रा की शुरुवात हुई. शनिवार से शुरु हुई यात्रा को लेकर हेमकुंड साहिब द्वारा हेमकुंड पहुंचने वाले यात्रियों से ऋषिकेश ट्स्ट कार्यालय में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने की अपील की गई है. इसके बाद ही श्रद्दालुओं को हेमकुंड साहिब क्षेत्र में जाने दिया जायेगा.

इन्हें भी पढ़ें :
21 सितंबर से खुलेंगे प्राइमरी स्कूल, कोविड गाइडलाइन का होगा पालन
Uttarakhand Elections 2022 में पुष्कर धामी ही होंगे BJP का सीएम चेहरा

कपाट खुलने के बाद श्रद्दालुओं को कोरोना गाइडलाइन का पालन करने को कहा गया है. ट्रस्टी सरदार नरेन्द्र जीत बिन्द्रा ने बताया कि कोविड गाइडलाइन के तहत एक दिन में केवल 1000 श्रद्दालुओं को ही धाम में जाने की अनुमति दी जाएगी.

सीमित श्रद्धालुओं को ही अनुमति

राज्‍य सरकार ने चारों धामों में सीमित संख्‍या में श्रद्धालुओं को धामों में दर्शन के लिए जाने की अनुमति प्रदान की है. चारधाम यात्रा और हेमकुंड में श्रद्धालुओं को कोविड गाइडलाइन को लेकर सीमित संख्या में जाने की अनुमति है.

देहरादून में कैदी बनेंगे रेडियो जॉकी, सुद्धेवाला जेल से गूंजेगी आवाज- 'गुड मॉर्निंग...'

सुद्धोवाला जेल (Suddhowala Jail) में बंद कैदी अब रेडियो जॉकी का काम करेंगे. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

सुद्धोवाला जेल (Suddhowala Jail) में बंद कैदी अब रेडियो जॉकी का काम करेंगे. जिसके लिए इन्हें प्रशिक्षण देना भी शुरू कर दिया गया है. जेल में बंद कैदियों को रेडियो जॉकी बनने का प्रशिक्षण दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर वर्तिका नंदा दे रही हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 18, 2021, 19:33 IST
SHARE THIS:

देहरादूनः देहरादून (Dehradun) की सुद्धोवाला जेल (Suddhowala Jail) में बंद कैदियों के लिए जेल प्रशासन ने एक नई पहल शुरू की है, जिसके तहत अब जेल के अंदर जल्द ही ‘गुड मार्निंग दून जेल’ गूंजेगा. कैदियों के मनोरंजन, उन्हें डिप्रेशन से दूर रखने, उनमें सृजनात्मकता को बनाए रखने और रोजाना की दिनचर्या में कुछ नया शामिल करने के लिए जेल प्रबंधन की ओर इस शानदार पहल की शुरुआत की गई है. जिसकी तैयारी भी जेल में शुरू हो चुकी है.

सुद्धोवाला जेल में बंद कैदी अब रेडियो जॉकी का काम करेंगे. जिसके लिए इन्हें प्रशिक्षण देना भी शुरू कर दिया गया है. जेल में बंद कैदियों को रेडियो जॉकी बनने का प्रशिक्षण दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर वर्तिका नंदा दे रही हैं. इस काम के लिए कुछ महिला और पुरुष कैदियों को चुना गया है. जिसके तहत आठ पुरुष और चार महिला कैदियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है. जो जेल में रेडियो जॉकी के रूप में काम करेंगे.

शॉर्टलिस्ट किए गए कैदियों में से दो महिला और दो पुरुष कैदी ही चुने जाएंगे. जिनकी आवाज सुबह-सुबह जेल के अंदर ‘गुड मॉर्निंग दून जेल’ के साथ गूंजेगी. हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब वर्तिका नंदा इस तरह का काम कर रही हैं. इससे पहले भी वह जेल में बंद कैदियों को रेडियो जॉकी बना चुकी हैं.

इससे पहले वह पानीपत, अंबाला, आगरा और फरीदाबाद के जेल में बंद कैदियों को रेडियो जॉकी का प्रशिक्षण दे चुकी हैं. वर्तिका नंदा दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर होने के साथ-साथ एक समाज सेविका भी हैं. जेल में बंद कैदियों को तनाव मुक्त करने के लिए देहरादून की सुद्धोवाला जेल ने रेडियो शुरू करने की योजना बनाई. सुद्धोवाला जेल के वरिष्ठ अधीक्षक दधीराम और जेलर पवन कुमार ने भी इसकी पुष्टी की है.

देहरादून जेल के कैदी तैयार कर रहे इम्युनिटी बूस्टर, छू भी नहीं सकेगा कोरोना!

देहरादून जेल में 30 प्रजाति के औषधीय पौधे लगाए गए हैं.

सुद्धोवाला जेल प्रशासन ने जेल परिसर में कोरोना महामारी व अन्य बीमारियों से बचाव के लिए औषधीय पौधे लगाए हैं.

SHARE THIS:

कोरोनावायरस की तीसरी लहर से निपटने के लिए राज्य सरकारें अलग-अलग तैयारियां कर रही हैं. अस्पताल कोविड मामलों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं. वहीं कई लोग घरेलू इलाज पर भी जोर आजमाइश कर रहे हैं. लोग महामारी से बचाव के लिए विभिन्न तरह के नुस्खे आजमा रहे हैं और अपने शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में लगे हुए हैं. कुछ ऐसा ही नजारा देहरादून की सुद्धोवाला जेल में देखने को मिल रहा है.

सुद्धोवाला जेल प्रशासन अपने स्टाफ और कैदियों की सुरक्षा में जुट गया है ताकि किसी भी तरह की जनहानि से बचा जा सके. प्रशासन ने पहल करते हुए जेल परिसर में औषधीय पौधे लगाए हैं. पौधे लगाने और इनके रखरखाव का जिम्मा कैदियों को ही सौंपा गया है.

जेल अधिकारी पवन कोठारी ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए, साथ ही भविष्य में स्टाफ व कैदियों की स्वास्थ्य सुरक्षा के मद्देनजर जेल प्रशासन ने परिसर में औषधीय पौधों को लगाने की पहल की है, ताकि सभी लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सके.

पवन कोठारी ने कहा, \’जेल में लगाए गए औषधीय पौधों का सेवन कैदी व स्टाफ सुबह की चाय, दोपहर व शाम के भोजन और काढ़ा के रूप में करेंगे. जेल में कुल 30 प्रजाति के औषधीय पौधे लगाए गए हैं.\’

जेल में जिन पौधों को लगाया गया है, वे हैं- शमी, अपामार्ग, कपूर, कामिनी, मुलेठी, शतावरी बेल, भृंगराज, देसी अकरकरा, सर्पगंधा, पत्थरचट्टा, पिपरमिंट, स्टीविया, जैसमिन, नीम, अजवाइन, कढ़ी पत्ता, मेंहदी, बड़ी तुलसी, हरड़, बहेड़ा, आंवला, अनार, रात की रानी, लहसुन बेल, मोगरा, हरसिंगार, पीपली, छुईमुई और पुनर्नवा.

Uttarakhand Elections 2022 में पुष्कर धामी ही होंगे BJP का सीएम चेहरा

उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव बीजेपी पुष्कर धामी के नेतृत्व में ही लड़ेगी. (फाइल फोटो)

Uttarakhand News: केंद्रीय चुनाव प्रभारी दो दिन के दौरे पर उत्तराखंड पहुंचे थे, इस दौरान उन्होंने मंत्रियों, कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ बैठक की. साथ ही साफ शब्दों में कहा कि सीएम पुष्कर धामी के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ा जाएगा.

SHARE THIS:

देहरादून. उत्तराखंड में होने जा रहे विधानसभा चुनावों में बीजेपी की तरफ से मुख्यमंत्री उम्मीदवार को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति को केंद्रीय चुनाव प्रभारी प्रहलाद जोशी ने साफ कर दिया. जोशी ने उत्तराखंड से जाते-जाते साफ शब्दों में कह दिया कि राज्य के विधानसभा चुनाव पुष्कर धामी के चेहरे पर ही लड़ा जाएगा. उन्होंने कहा कि इस बात पर किसी को कोई शंका नहीं होनी चाहिए.
उल्लेखनीय है कि बीजेपी के केंद्रीय चुनाव प्रभारी और केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी, चुनाव सह प्रभारी सरदार आरपी सिंह और सह प्रभारी सांसद लॉकेट चटर्जी दो दिवसीय दौरे पर देहरादून थे. दो दिनों तक उन्होंने बैक टू बैक बैठकों के दौर चलाए और सरकार, संगठन व कार्यकर्ताओं की नब्ज को टटोला.

ईमानदारी से करें काम
जोशी ने स्पष्ट तौर पर कहा कि मेरा काम सिर्फ को ऑर्डिनेशन का है. सब नेताओं को एकजुट होकर पार्टी के कामों को आगे बढ़ाना है. जोशी ने पार्टी नेताओं से अपील की कि पार्टी की ओर से दिए गए कामों को पूरी ईमानदारी के साथ करें.
दौरे के दूसरे दिन शुक्रवार को जोशी ने सभी 70 विधानसभा सीटों के लिए बनाए गए प्रभारियों की मीटिंग भी ली. इस दौरान 60 से ज्यादा सीटों पर जीत हासिल करने के लिए टिप्स दिए गए. इस दौरान जोशी ने सभी से अपील की कि दूसरी पार्टियों से जो लोग बीजेपी में आए हैं उनको भी साथ लेकर चलें.

पुष्कर के नेतृत्व में 60 सीटों का लक्ष्य
जोशी ने कहा कि युवा सीएम पुष्कर धामी के नेतृत्व में 60 सीटों पर जीत का लख्य रखा है और इसे हर हाल में हासिल करना है. उन्होंने कहा कि इसे हासिल करना तभी संभव है जब सभी एकजुट होकर कार्य करेंगे और सरकार की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाएंगे. साथ ही लोगों को उनका लाभ भी दिलवाएंगे. उन्होंने इसके साथ ही कहा कि विकास के लिए केंद्र और राज्य में एक ही पार्टी की सरकार होना भी बहुत जरूरी है.

धामी ने कहा- सभी घोषणाएं होंगी पूरी
सीएम पुष्कर धामी ने इस दौरान नेताओं को आश्वास्त किया कि सरकार जो भी घोषणाएं कर रही है, वो पूरी की जाएंगी. उन्होंने कहा कि विपक्ष 24 हजार नौकरियां देने को लेकर जनता के बीच भ्रम फैला रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने स्पष्ट कहा था कि हम भर्ती प्रक्रिया शुरू कर देंगे. सीएम ने कहा कि हम करीब छह हजार नौकरियों का प्रपोजल भेज चुके हैं और अगले दो महीने में छह हजार और नौकरियों की विज्ञप्ति जारी कर दी जाएगी.

Uttarakhand: 21 सितंबर से खुलेंगे प्राइमरी स्कूल, कोविड गाइडलाइन का होगा पालन

उत्तराखंड के प्राइवेट और सरकारी प्राइमरी स्कूल 21 सितंबर से खुलेंगे. (प्रतीकात्मक फोटो)

शिक्षा मंत्री ने कहा कि 21 सितंबर से कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के स्कूल खोलने का आदेश जारी कर दिया गया है. कोविड महामारी के कारण पिछले दो साल से स्कूल बंद पड़े हैं. पिछले महीने उत्तराखंड में कक्षा 6 से लेकर कक्षा 12 तक के स्कूल खुल चुके हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 17, 2021, 21:50 IST
SHARE THIS:

देहरादून. कोविड-19 के संक्रमण के कम होते ही व्यवसाय से लेकर शिक्षा व्यवस्था तक पटरी पर आने लगी है. अब उत्तराखंड के 1 से 5 तक के स्कूल खोलने की तैयारी की जा रही है. इस बारे में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने शिक्षा सचिव राधिका झा को निर्देश दिया है. प्राइमरी स्कूल खोले जाने का यह निर्देश सीएम पुष्कर सिंह धामी के साथ हुई मीटिंग के बाद शिक्षा मंत्री ने दिया. 21 सितंबर से कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के स्कूल खोलने का आदेश जारी कर दिया गया है. कोविड महामारी के कारण पिछले दो साल से स्कूल बंद पड़े हैं. पिछले महीने उत्तराखंड में कक्षा 6 से लेकर कक्षा 12 तक के स्कूल खुल चुके हैं.

कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडेय का कहना है कि कोविड-19 महामारी के कारण बच्चे पढ़ाई से वंचित हो गए थे. इसी को देखते हुए शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ विचार-विमर्श कर यह फैसला किया गया है. 21 सितंबर से कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के सरकारी और गैर सरकारी स्कूल खोले जाएंगे.

इन्हें भी पढ़ें :
हरियाणा में 20 सितंबर से खुलेंगे पहली से तीसरी तक के स्‍कूल, पढ़ लें ये गाइडलाइंस
झारखंड में 20 सितम्बर से खुलेंगे 6ठी से 8वीं तक के स्कूल, शिक्षक-छात्रों के लिए ये है खास निर्देश

अभिभावकों की सहमति जरूरी

इस बारे में कोविड गाइडलाइन भी जारी की जा चुकी है. शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि माता-पिता की सहमति के बाद ही बच्चा स्कूल आएगा. बच्चों को स्कूल में बुलाने को लेकर प्रबंधन किसी भी हाल में कोई दबाव नहीं बनाएगा. कोविड-19 की गाइडलाइन का पूरा पालन किया जाएगा. शिक्षा मंत्री ने बताया कि स्कूलों की ओर से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की कक्षाएं आयोजित की जाएंगी.

Chardham Yatra: कल से शुरू होगी यात्रा, लेकिन पहले करवाना होगा रजिस्ट्रेशन, जानें पूरा प्रोसेस

चारधाम यात्रा के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य होगा. Image - Shutterstock.com

Uttarakhand News: चारधाम यात्रा एक बार फिर शनिवार से शुरू होने जा रही है, इसके लिए अब ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना होगा. सीमित संख्या में ही श्रद्धालुओं को दर्शन करने की अनुमति मिलेगी.

SHARE THIS:

देहरादून. नैनीताल हाईकोर्ट से चारधाम यात्रा को लेकर इजाजत मिलने के बाद अब सरकार ने इसको लेकर तैयारियां भी पूरी कर ली हैं. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी और पर्यटन मंत्री का दावा है कि शनिवार से यात्रा शुरू होने को लेकर तैयारियां कर ली गई हैं और कोरोना प्रोटोकॉल के तहत लोगों को दर्शन करवाए जाएंगे. लेकिन इस बार कुछ प्रतिबंध रहेंगे. कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए हर दिन बद्रीनाथ में 1200, केदारनाथ में 800 और यमुनोत्री में 400 लोग ही दर्शन कर सकेंगे. इसके लिए पहले रजिस्ट्रेशन भी करवाना होगा. रजिस्ट्रेशन के लिए यात्रियों को https://badrinath-kedarnath.gov.in पर लॉगइन करना होगा. रजिस्ट्रेशन के लिए कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज के सर्टिफिकेट या फिर कोरोना टेस्ट की नेगेटिव रिपोर्ट होना अनिवार्य होगा.

नहीं कर सकेंगे स्नान
हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार कोरोना के संक्रमण को देखते हुए किसी भी कुंड में श्रद्धालुओं का स्नान करना मुश्किल होगा. जानकारी के अनुसार दर्शनों की व्यवस्‍था का पूरा काम देवस्‍थानम बोर्ड देखेगा. हालांकि इसको लेकर विपक्ष ने सवाल खड़े किए हैं. गंगोत्री से पूर्व विधायक विजय पाल सजवान ने कहा कि बोर्ड हमेशा गाइडलाइंस में उलझा देता है, इसलिए यात्रा से संबंधित काम जिलाधिकारियों को सौंपा जाए.

उल्लेखनीय है कि लगातार 2 साल से कोरोना का सीधा असर चार धाम यात्रा पर पड़ा है और यात्रा अब ऐसे वक्त पर शुरू हो रही है जब डेढ़ महीने के आसपास का वक्त बचा है. ऐसे में जहां सरकार के सामने यात्रा को बिना परेशानी के चलाने की चुनौती है, वही यात्रा से जुड़े लोगों को इस बात की उम्मीद कि डेढ़ महीने में कुछ तो रोजी रोटी का इंतजाम होगा.

गौरतलब है कि 28 जून को हाईकोर्ट ने कोविड 19 संबंधी पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण उत्तराखंड की इस महत्वपूर्ण तीर्थ यात्रा पर रोक लगाई थी. इसे हटाने के लिए राज्य सरकार लगातार कोशिशें कर रही थी और राज्य में सियासत भी गरमा गई थी. पिछले दिनों सरकार के सुप्रीम कोर्ट से याचिका वापिस लेने के बाद उत्तराखंड हाईकोर्ट में इस मामले पर सुनवाई हो सकी और बीते गुरुवार को हाईकोर्ट ने यात्रा के लिए रास्ता साफ कर दिया.

Char Dham Update: बद्रीनाथ-केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में कल से जुटेंगे श्रद्धालु, CM धामी बोले- भक्तों का स्वागत

उत्तराखंड में चार धाम यात्रा शनिवार से शुरू होगी

Char Dham Yatra Update: बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारनाथ धामों की यात्रा के लिए देवस्थानाम बोर्ड करेगा यात्रियों का रजिस्ट्रेशन. यात्रियों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना होगा. कल ही से हेमकुंड साहिब यात्रा शुरू हो जाएगी.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 17, 2021, 16:10 IST
SHARE THIS:

देहरादून. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने चार धाम यात्रा शुरू होने को लेकर कहा कि राज्य में शनिवार 18 सितंबर से चार धाम यात्रा और हेमुकंड साहिब यात्रा शुरू हो जाएगी. उन्होंने दावा किया कि सरकार की तरफ से यात्रा को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.

बता दें कि हाईकोर्ट ने गुरुवार को रोक हटाते हुए इस यात्रा के लिए मंज़ूरी दी थी. इस यात्रा को जिन शर्तों के साथ मंज़ूरी दी गई है, उनके अनुसार सीमित यात्री ही जा सकेंगे. करीब दो महीने का समय इस यात्रा के लिए बचा है. श्रद्धालुओं ने सीएम धामी के प्रति आभार व्यक्त किया है और सीेएम ने भी श्रद्धालुओं का स्वागत किया.

लगातार ट्वीट करते हुए सीएम धामी ने कहा, ‘चारधाम यात्रा का उत्तराखण्ड के लिए सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व है. प्रत्येक वर्ष देश-विदेश के लाखों लोगों को इस यात्रा की प्रतीक्षा रहती है. प्रदेश सरकार #COVID19 के सभी नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित और सुगम चार धाम यात्रा हेतु प्रतिबद्ध है.’ सीएम ने अपने ट्वीट में उत्तराखण्ड में 18 सितम्बर से यात्रा की शुरुआत होने के उपलक्ष्य में ट्वीट करते हुए सभी भक्तों एवं श्रद्धालुओं का राज्य सरकार की ओर से स्वागत किया.

ये भी पढ़ें : कैसे बांटी जाएं रोडवेज परिसंपत्तियां? UP-उत्तराखंड के बीच नहीं निकला हल, सैलरी के मुद्दे पर HC ने मांगा जवाब

char dham yatra date, char dham yatra schedule,  char dham yatra update, pushkar singh dhami announcement, उत्तराखंड न्यूज़, चार धाम यात्रा न्यूज़, चार धाम यात्रा अपडेट, चार धाम यात्रा डेट

सीएम पुष्कर सिंह धामी के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

जन्मदिन की बधाई ली और यात्रा के लिए दी

सीएम धामी ने अपने जन्मदिन के मौके को चार धाम यात्रा के साथ जोड़ते हुए लिखा कि ‘आज चारधाम तीर्थ पुरोहितों ने भेंट कर जन्मदिन की बधाई देते हुए चारधाम यात्रा पुनः शुरू किये जाने के सन्दर्भ में प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना की. मैं अपनी ओर से चारधाम पुरोहितों एवं सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार प्रकट करता हूं.’

ये भी पढ़ें : सैलरी मिली नहीं उल्टे एक झटके में गई JOB, सड़कों पर उतरे सैकड़ों हेल्थ वर्कर

सरकार ने किया अदालत के प्रति आभार व्यक्त

इससे पहले धामी ने हाई कोर्ट के फैसले पर लिखा, ‘जन भावनाओं के अनुरूप माननीय उच्च न्यायालय द्वारा चार धाम यात्रा पुनः प्रारंभ करने के निर्णय पर राज्य सरकार सहृदय आभार व्यक्त करती है. इस निर्णय से न केवल धार्मिक भावनाओं का सम्मान हुआ है बल्कि प्रदेश के लाखों लोगों की आजीविका पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.’

Uttarakhand Elections : आज BJP चुनाव प्रभारियों की अहम बैठकें, टिकट समेत इन बड़े मुद्दों पर होगा मंथन

प्रहलाद जोशी का स्वागत करते सीएम धामी. (File Photo)

Assembly Election 2022 : उत्तराखंड सरकार कैसे काम कर रही है, भाजपा संगठन की क्या तैयारी है... जैसे बिंदुओं पर जानकारी जुटाने के बाद आज की बैठकों में प्रहलाद जोशी की टीम बड़े मुद्दों पर राज्य के वरिष्ठ नेताओं के साथ चिंतन करेगी.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 17, 2021, 13:54 IST
SHARE THIS:

देहरादून. उत्तराखंड बीजेपी की कोर ग्रुप की मीटिंग शुक्रवार को होने जा रही है, जो कई मायनों में अहम साबित हो सकती है. करीब पांच महीने बाद होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र राज्य के लिए चुनाव प्रभारी बनाए गए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी समेत सह प्रभारी लॉकेट चटर्जी और आरपी सिंह उत्तराखंड के दौरे पर हैं. दौरे के दूसरे दिन ये सभी प्रभारी उत्तराखंड भाजपा के कोर ग्रुप के साथ अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत उत्तराखंड से भाजपा के सभी सांसद और वरिष्ठ नेता शामिल रहेंगे. यह बैठक किन मुद्दों पर फोकस करेगी और इसका अंजाम क्या निकलेगा?

मुद्दा 1 : किसे मिलेगा टिकट?
चुनाव प्रभारी कोर ग्रुप के साथ ही विधानसभा प्रभारियों के साथ भी बैठक शुक्रवार को करेंगे और इस बैठक को लेर सबसे महत्वपूर्ण बात यही कही जा रही है कि यहां से इस पर राय बनने की संभावना है कि किस सीट से किसे टिकट मिलेगा. एक तरह से पार्टी इस बात का अंदाज़ा लगाने की प्रक्रिया आज की बैठक से शुरू करेगी कि कहां किस उम्मीदवार का पलड़ा भारी है.

ये भी पढ़ें : प्रहलाद जोशी उत्तराखंड पहुंचे, कार्यकर्ताओं को दिया जी-जान लगाने का मंत्र, कहा, BJP फिर जीतेगी

मुद्दा 2 : बूथ मैनैजमेंट कैसे हो?
जोशी समेत तीनों चुनाव प्रभारियों का प्रमुख एजेंडा बूथ मैनैजमेंट की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. आज की बैठक में इस बारे में रणनीति बनाने को लेकर गहन विचार हो सकता है. गुरुवार को भी जोशी ने अपने छोटे वक्तव्य में इस बात को साफ तौर पर उभारा था कि बूथ तक कार्यकर्ता को जी जान से जुट जाना है और लोगों तक केंद्र व राज्य सरकार की उपलब्धियों को लेकर जाना है.

मुद्दा 3 : नेताओं को और कैसे जोड़ें?
चुनाव प्रभारियों के दौरे से ऐन पहले कांग्रेस के एक विधायक को उत्तराखंड बीजेपी ने अपने पाले में लेकर एक बड़ा संकेत दिया है. कहा जा रहा है कि आज की बैठक में इस सिलसिले को अगले कुछ महीनों के लिए एक रणनीति के तौर पर जारी रखने को लेकर भी मंथन हो सकता है. कांग्रेस के अलावा कुछ अन्य नेताओं के भी बीजेपी से जुड़ने की खबरों के मद्देनज़र कोर ग्रुप की मीटिंग के बाद उत्तराखंड भाजपा नेताओं के सदस्यता अभियान को बढ़ाने की तरफ रुख कर सकती है.

ये भी पढ़ें : Char Dham Yatra 2021 : CM धामी ने कहा, तैयारी पूरी; सतपाल महाराज बोले, रजिस्ट्रेशन शुरू, SOP जल्द

गुरुवार को जोशी और अन्य प्रभारियों ने एक तरह से राज्य और पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ मुलाकात करते हुए परिचयात्मक बातचीत की और राज्य में पार्टी व सरकार के कामकाज के बारे में जानकारियां जुटाईं. आज रणनीति को लेकर खास तौर पर बैठक होने जा रही है और इन दो दिनों की बैठकों का पूरा ब्योरा दिल्ली में हाईकमान तक पहुंचेगा इसलिए ये काफी अहम मानी जा रही हैं.

Char Dham Yatra 2021 : CM धामी ने कहा, तैयारी पूरी; सतपाल महाराज बोले, रजिस्ट्रेशन शुरू, SOP जल्द

चार धाम यात्रा शुरू होने से श्रद्धालुओं में उत्साह है. (File Photo)

Char Dham Yatra Registration : उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री ने साफ तौर पर कहा कि तीर्थ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना होगा. राज्य सरकार ने कोविड प्रोटोकॉल्स का पालन करने की हिदायत भी दी.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 17, 2021, 12:46 IST
SHARE THIS:

देहरादून. चार धाम यात्रा को हाई कोर्ट से गुरुवार को मंज़ूरी मिलने के बाद उत्तराखंड सरकार 18 सितंबर से इस यात्रा को शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है. कोविड 19 संक्रमण इस यात्राा के ज़रिये न फैले, इसके लिए तमाम तैयारियां पूरी करने के संबंध में दावा करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि तीर्थ यात्रा के लिए राज्य ने पर्याप्त इंतज़ाम कर लिये हैं. वहीं, राज्य के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने चार धाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन संबंधी डिटेल्स देते हुए कहा कि इस संबंध में एसओपी जल्द जारी की जाएगी.

सीएम धामी ने दावा किया कि यात्रा के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करवाया जाएगा. वहीं, न्यूज़18 से बातचीत करते हुए सतपाल महाराज ने बताया कि श्रद्धालु किस तरह यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. महाराज के मुताबिक चार धाम यात्री रजिस्ट्रेशन के लिए देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट www.badrinathkedarnath.gov.in पर प्रक्रिया पूरी करें. इस बारे में न्यूज़18 ने आपको विस्तार से बताया है कि आप कैसे रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं.

ये भी पढ़ें : Char Dham Yatra 2021 : श्रद्धालुओं को किस वेबसाइट पर कैसे करवाना होगा रजिस्ट्रेशन? जानें पूरे डिटेल्स

इसके अलावा, अपने ट्विटर हैंडल से जारी किए एक वीडियो में सतपाल महाराज ने कहा कि कोविड संबंधी तमाम गाइडलाइनों का पालन सुनिश्चित करवाया जाएगा. हाई कोर्ट के आदेश का स्वागत करते हुए वीडियो में उन्होंने यह भी कहा कि टेस्ट करवाने और अन्य कोविड हिदायतों के संबंध में राज्य सरकार ने तैयारी पहले ही कर ली थी.

ये भी पढ़ें : प्रहलाद जोशी उत्तराखंड पहुंचे, कार्यकर्ताओं को दिया जी-जान लगाने का मंत्र, कहा, BJP फिर जीतेगी

केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री के लिए आने वाले तीर्थयात्रियों को या तो आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट साथ में रखनी होगी या फिर कंपलीट वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट. सतपाल महाराज ने कहा कि ये दस्तावेज़ रजिस्ट्रेशन करवाने वाले श्रद्धालुओं को जमा करने होंगे. पर्यटन मंत्री का कहना है कि देवस्थानम बोर्ड जल्द एसओपी जारी करेगा, लेकिन श्रद्धालु अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. उन्होंने बद्रीनाथ में 1200, केदारनाथ में 800, गंगोत्री में 600 और यमुनोत्री में 400 श्रद्धालुओं के दर्शन करने की व्यवस्था की भी पुष्टि की.

Load More News

More from Other District

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज