Home /News /uttarakhand /

pushkar singh dhami to resolve minister vs secretary dispute on transfers as rekha arya alleges disobeying

तबादलों पर खींचतान: मंत्री रेखा आर्या ने तलब की सचिव की ACR, अब दिल्ली से आकर CM धामी करेंगे फैसला!

उत्तराखंड में मंत्री बनाम सचिव की जंग चर्चा में बनी हुई है.

उत्तराखंड में मंत्री बनाम सचिव की जंग चर्चा में बनी हुई है.

पुष्कर सिंह धामी खुद भी नौकरशाही पर लगाम कसने की बातें पहले कह चुके हैं और अब उनकी कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या नौकरशाही पर मनमानी के आरोप लगा रही हैं. वह अपने आदेशों की अवहेलना से नाराज़ हैं और अब यह मामला सीधे पॉलिटिक्स बनाम ब्यूरोक्रेसी होता जा रहा है. देखें क्या है पूरा मामला.

अधिक पढ़ें ...

देहरादून. उत्तराखंड के खाद्य विभाग में तबादलों को लेकर तनातनी बनी हुई है और मंत्री व कमिश्नर के बीच चल रहे इस विवाद में अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लौटने का इंतज़ार किया जा रहा है. इस इंतज़ार के बीच खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या ने खाद्य आयुक्त और विभाग के सचिव सचिन कुर्वे की एसीआर मंगवा ली है. मंत्री और सचिव के बीच विवाद बयानबाज़ी तक बढ़ गया है. आर्या जहां सचिव को नियमों का ज्ञान न होने की बात कह रही हैं, वहीं सचिव ने कहा ​है कि विभाग में अराजकता फैल सकती है.

इससे पहले खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर खाद्य आयुक्त सचिन कुर्वे पर सख्त कार्यवाही करने को कहा क्योंकि कुर्वे ने नैनीताल के ज़िला पूर्ति अधिकारी यानी डीएसओ मनोज बर्मन सहित 5 और डीएसओ के ट्रांसफर आदेश दे दिए थे. आर्या ने इन आदेशों को ‘रूल ऑफ बिज़नेस का उल्लंघन’ बताते हुए ट्रांसफर आदेश कैंसिल कर दिए थे. इसके बाद से ही मंत्री और कमिश्नर के बीच विवाद गहराता जा रहा है.

कैसे शुरू हुआ था विवाद?
आर्या ने कुर्वे से कहा था कि बर्मन को फोर्स लीव पर भेजने का आदेश निरस्त किया जाए लेकिन बजाय इसे निरस्त करने के कुर्वे ने बर्मन समेत 6 डीएसओ के तबादले कर दिए.

विवाद के तर्क वितर्क क्या रहे?
मंत्री आर्या ने इसे साफ तौर पर नाफरमानी, टाइम टेबल के ​नियम का उल्लंघन बताकर यह भी कहा कि मंत्री के अनुमोदन के बगैर तबादले नहीं किए जा सकते. आर्या ने इन्हें निरस्त किया. इधर, कुर्वे ने 2018 में बनाई गई स्थायी समिति का हवाला देकर ​कहा कि इस समिति की तबादलों की सि​फारिश पर 28 अप्रैल को ही अनुमोदन हो चुका था. कुर्वे ने दावा किया कि तबादले कानून के मुताबिक हुए हैं और इन्हें निरस्त करने से अराजकता फैलेगी.

क्या है दोनों के तर्कों की हकीकत?
इस मामले में एक खबर में खाद्य विभाग के ट्रांसफर एक्ट के हिसाब से तर्कों को लेकर विवेचना की गई है. इसके मुताबिक कुर्वे ने टाइम टेबल के हिसाब से तबादले नहीं किए और जल्दबाज़ी में बैठक कर इस तरह के फैसले लिये. वहीं, एक्ट के हवाले से कहा गया है कि नियम के मुताबिक इन तबादलों के लिए मंत्री के अनुमोदन की ज़रूरत नहीं होती.

बहरहाल, अब मंत्री आर्या ट्रांसफर एक्ट के उल्लंघन के तर्क पर कायम हैं और उनका कहना है कि ‘ऐसा क्या निजी स्वार्थ था, जिस वजह से कमेटी की बैठक आनन फानन में करके जिलाधिकारियों तक सिर्फ 1 घंटे में ट्रांसफर आदेश भेज दिए गए.’ आर्या ने सीएम पुष्कर सिंह धामी को जानकारी दे दी है और अब इस मामले में धामी दिल्ली दौरे से लौटकर ही फैसला करेंगे.

Tags: Pushkar Singh Dhami, Rekha Arya, Uttarakhand Government

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर