जनता के लिए नहीं छपा अख़बार में टेंडर, विभाग में हो गया जमा... जांच के आदेश

सूचना आयुक्त ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि गंभीर प्रकृति के इस प्रकरण की गहराई से जांच आवश्यकता है. उन्होंने इस मामले की आपराधिक व विभागीय जांच कराने के निर्देश दिए हैं.

Sunil Navprabhat | ETV UP/Uttarakhand
Updated: February 12, 2018, 6:59 PM IST
जनता के लिए नहीं छपा अख़बार में टेंडर, विभाग में हो गया जमा... जांच के आदेश
राज्य सूचना आयुक्त ने PWD में टेंडर छपाई में घपले की शिकायत की विस्तृत जांच करने के आदेश दिए हैं
Sunil Navprabhat | ETV UP/Uttarakhand
Updated: February 12, 2018, 6:59 PM IST
लोक निर्माण विभाग, निर्माण खंड देहरादून, में हुए सवा दो करोड़ के टेंडर घोटाले को लेकर एक अपील पर सुनवाई करते हुए में सूचना आयोग ने मुख्य सचिव को कड़ी कार्रवाई के निर्देश  दिए हैं. जुलाई 2017 का यह मामला विकासनगर क्षेत्र के दो करोड़ पच्चीस लाख रुपये के आठ जॉबों के टेंडर प्रकाशन से जुड़ा हुआ है.

लोक निर्माण विभाग ने कुछ खास ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए विभाग ने जो टेंडर प्रकाशित करना दिखाया है, सही मायनों में उसे प्रकाशित हीं नहीं किया गया. मात्र क़ाग़ज़ी औपचारिकता पूरी करने के लिए 11 जुलाई, 2017 को इस अखबार का सात नंबर पेज विभाग के लिए कुछ और छापा गया और आम जनता के लिए कुछ और.

तमाम पत्रावलियों का निरीक्षण करने के बाद मुख्य सूचना आयुक्त शत्रुघन सिंह ने अपील का निस्तारण करते हुए टेंडर प्रकाशन के इस मामले में आपराधिक सांठ-गांठ का अंदेशा जताया है.

सूचना आयुक्त ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि गंभीर प्रकृति के इस प्रकरण की गहराई से जांच आवश्यकता है. उन्होंने इस मामले की आपराधिक व विभागीय जांच कराने के निर्देश दिए हैं.

याचिकाकर्ता जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष रघ़ुनाथ सिंह नेगी कहते हैं कि विभागीय अधिकारियों, ठेकेदारों और अख़बार  की मिलीभगत से सरकार को लाखों-करोड़ों का चूना लगाया गया है. निष्पक्ष जांच की जाए तो कई लोगों के फंस सकते हैं.
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