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उत्तराखंड की यूनिवर्सिटी में कैसे होंगे एग्जाम ? Covid-19 के कारण खड़ा हुआ सवाल

(सांकेतिक तस्वीर)

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उत्तराखंड (Uttrakhand) में हायर एजुकेशन (Higher Education) के एग्जाम कराने को लेकर विश्वविद्यालयों में एकमत नहीं दिख रहे हैं. ऐसे में उच्च शिक्षा विभाग कैसे लॉकडाउन पीरियड में एग्जाम करवाएगा यह साफ नहीं हो सका है.

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देहरादून. उत्तराखंड (Uttrakhand) में हायर एजुकेशन (Higher Education) के एग्जाम कराने को लेकर विश्वविद्यालयों में एकमत नहीं दिख रहे हैं. जहां दून यूनिवर्सिटी (Doon University) ऑफ़लाइन एग्जाम लेने के पक्ष में है. वहीं, श्रीदेव सुमन यूनिवर्सिटी में बच्चों को प्रमोट करने तक का विचार कर रहा है. ऐसे में उच्च शिक्षा विभाग कैसे लॉकडाउन पीरियड में एग्जाम करवाएगा यह साफ नहीं हो सका है. इंटरनेट कनेक्टिविटी में परेशानी के कारण इस साल बच्चों का सिलेबस पूरा करने में दिक्कतें पेश आई हैं. अब 1 जुलाई से एग्जाम की डेट अनाउंस होने के बाद बच्चों और टीचर्स पर प्रेशर और ज्यादा बढ़ गया है. ऐसे में कुछ यूनिवर्सिटी जहां ऑनलाइन एग्जाम के पक्ष में नहीं है तो कुछ यूनिवर्सिटी बच्चों को प्रमोट करने तक की प्लानिंग में है.

कॉर्डिनेशन की बता रहे हैं जरूरत
शिक्षाविदों का मानना है कि प्रदेश की यूनिवर्सिटी को आपस में कॉर्डिनेशन के साथ काम करना चाहिए. उनका यह भी कहना है कि बच्चों को प्रमोट करने का फैसला उनके फ्यूचर के लिए सही नहीं है. जी कॉलेज के प्रिंसिपल रहे देवेंद्र भसीन मानते हैं कि इस वक्त सभी के सामने यह चैलेंज हैं और ऐसे में यूनिवर्सिटीज को चाहिए कि वह सब एक साथ आएं और बीच का रास्ता निकाला जाए, जिससे बच्चों का फ्यूचर खराब ना हो सके. भसीन के अनुसार, ऑनलाइन एग्जाम भी एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है. मगर बच्चों को बिना एग्जाम दिए प्रमोट करना उनके फ्यूचर के लिए सही नहीं है.

7 जून तक हो सिलेबस कंप्लीट
प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री धनसिंह रावत कहते हैं कि फिलहाल 7 जून तक सिलेबस कंप्लीट करने का फैसला लिया गया है. उसके बाद ही एग्जाम्स को लेकर कुछ कहा जा सकेगा. उन्होंने कहा, 'अगर सामान्य हालात रहे तो परीक्षा जैसे होती थी वैसे ही होगी. साथ ही कुलपतियों, प्रिंसिपल के साथ छात्र संघ के अध्यक्षों से भी बातचीत की जाएगी.'


अधर में लटक रहा है फैसला
उत्तराखंड सरकार ने अभी एग्जाम कराने को लेकर ही फैसला लिया है. लेकिन ये भी ऑफलाइन होंगे या ऑनलाइन या फिर बच्चों को प्रमोट किया जाएगा इसका फैसला अधर में ही लटक रहा है.



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गंगोत्री धाम जा रही कार खाई में गिरने से एक की मौत, उधर बद्रीनाथ नेशनल हाईवे ठप, जानिए डिटेल्स

चमोली में भूस्खलन से बंद हुआ हाईवे. (Image:ANI)

चार धाम यात्रा (Char Dham Yatra 2021) के लिहाज़ से दो अहम खबरें आई हैं. एक तो चमोली ज़िले में भूस्खलन के चलते हाईवे बंद हो गया है. वहीं, उत्तरकाशी में एक सड़क रात के अंधेरे में तब हुआ जब यूपी के यात्री गंगोत्री की तरफ जा रहे थे.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 24, 2021, 10:28 IST
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देहरादून. उत्तराखंड में चार धाम यात्रा जारी है, लेकिन इसी बीच मौसम के चलते एक प्राकृतिक व्यवधान पैदा होने की खबर आई है. चमोली में बद्रीनाथ जाने वाला नेशनल हाईवे भूस्खलन के चलते एक बड़े जोड़ के बीच ठप हो गया है. दूसरी ओर उत्तरकाशी से एक सड़क हादसे की खबर है, जिसमें एक कार के करीब 100 मीटर गहरी खाई में गिर जाने से एक की मौत हो गई जबकि तीन अन्य घायल बताए जा रहे हैं. ये दोनों ही ज़िले चार धाम यात्रा के लिहाज़ से बद्रीनाथ और गंगोत्री धाम यात्रा के लिए अहम हैं.

गंगोत्री धाम जा रहे थे यूपी के श्रद्धालु
उत्तरकाशी में हुए सड़क हादसे के बारे में एक खबर में बताया गया कि दुर्घटना दरबानी क्षेत्र के पास हुई. उत्तर प्रदेश के औरैया ज़िले के पर्यटक उस कार में सवार थे, जो खाई में जा गिरी. सूत्रों के हवाले से दी गई इस खबर में कहा गया है कि रात 9:30 बजे गंगोत्री धाम की तरफ जा रहे इन श्रद्धालुओं की कार के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना पर पुलिस, एसडीआरएफ और स्वास्थ्य विभाग की टीमें पहुंचीं. राहत कार्य को रात में ही अंजाम दिया गया.

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बद्रीनाथ हाईवे ठप होने के बारे में एएनआई ने ​ट्वीट किया.

हाईवे ठप होने से होगी मुश्किल
ज़िला आपदा प्रबंधन ​अधिकारी देवेंद्र पटवाल के हवाले से बताया गया कि हादसे में मारे गए व्यक्ति की शिनाख्त 32 वर्षीय हर्ष मिश्रा के रूप में हुई. वहीं, 29, 28 और 34 वर्षीय अंशुल, रमेश सिंह और विशाल कुशवाहा हादसे में घायल हुए. दूसरी तरफ, चमोली ज़िले में भूस्खलन का हादसा हुआ. समाचार एजेंसी एएनआई ने ट्वीट में बताया कि ज़िले के जोशीमठ और सैलंग के बीच बद्रीनाथ नेशनल हाईवे शुक्रवार सुबह ब्लॉक हो गया.

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गौरतलब है कि चार धाम यात्रा के लिए सबसे ज़्यादा भीड़ बद्रीनाथ धाम के लिए ही उमड़ रही है. न्यूज़18 आपको यह खबर भी दे चुका है कि देवस्थानम बोर्ड के द्वारा जो रजिस्ट्रेशन किए जा रहे हैं, तय संख्या के हिसाब से बद्रीनाथ के लिए 15 अक्टूबर तक के लिए श्रद्धालुओं की बुकिंग पूरी हो चुकी है. ऐसे में, इस हाईवे के ठप होने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. वहीं, प्रशासन यात्रियों से सतर्क रहते हुए यात्रा करने की हिदायतें भी जारी कर रहा है.

Char Dham Yatra: यात्रियों की सीमित संख्या से विपक्ष व पुरोहित नाराज, इधर भीड़ के चलते ई-पास की समयसीमा तय

उत्तराखंड स्थित केदारनाथ धाम. (File Photo)

उत्तराखंड में चार धाम यात्रा शुरू होने से रौनक लौटी है, लेकिन कांग्रेस ने कहा कि राज्य सरकार अपनी ज़िम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही है. तीर्थ पुरोहित सरकारी इंतज़ामों से नाराज़ हैं तो भाजपाई भी श्रद्धालुओं को बढ़ाने की मांग कर रहे हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 24, 2021, 09:01 IST
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देहरादून. उत्तराखंड में लंबे समय बाद शुरू हो सकी चार धाम यात्रा में सीमित संख्या में श्रद्धालुओं के प्रवेश की हाई कोर्ट की बाध्यता के बाद अब इस संख्या को लेकर राजनीति और विवाद शुरू हो गया है. विपक्ष का कहना है कि सरकार पर्याप्त इंतज़ाम और कोर्ट में पुख्ता दलीलें नहीं दे सकी इसलिए सीमित संख्या में ही श्रद्धालु पहुंच पा रहे हैं. वहीं, तीर्थ पुरोहित देवस्थानम बोर्ड की व्यवस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं. दूसरी तरफ, चार धाम यात्रा के रजिस्ट्रेशन की ज़िम्मेदारी संभाल रहे देवस्थानम बोर्ड ने साफ कर दिया है चूंकि भारी संख्या में रजिस्ट्रेशन करवाए जा रहे हैं इसलिए सीमित संख्या के हिसाब से 15 अक्टूबर तक के लिए ही बुकिंग की जा सकेगी.

सबसे पहले आपको बता दें कि कोर्ट की गाइडलाइन के मुताबिक हर रोज़ केदारनाथ में 800, बद्रीनाथ में 1000, गंगोत्री में 600 और यमुनोत्री में 400 श्रद्धालु ही दर्शन के लिए पहुंच सकते हैं. इस सीमित संख्या के बारे में कांग्रेस ने कहा कि सरकार बस यात्रा को किसी तरह शुरू करवाकर ही अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रही है. बद्रीनाथ के लिए रजिस्ट्रेशन किस तरह फुल हो चुके हैं और बोर्ड किस तरह आंकड़े रख रहा है. इससे पहले जानिए कि कांग्रेस कैसे सरकार को घेर रही है.

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कांग्रेस और तीर्थ पुरोहित क्यों हैं नाराज़?
उत्तराखंड में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने साफ तौर पर कहा कि सरकार ने कोर्ट में ठीक से पैरवी की होती तो निश्चित ही ज़्यादा से ज़्यादा श्रद्धालुओं के लिए चार धामों के दरवाज़े खुल सकते थे. खबरों की मानें तो गोदियाल ने सरकार पर सीमित संख्या से ही इतिश्री मान लेने का आरोप लगाया. वहीं, तीर्थ पुरोहितों ने देवस्थानम बोर्ड की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए. उनका कहना है कि श्रद्धालुओं को कई दिक्कतें पेश आ रही हैं. साथ ही, पुरोहितों, पुजारियों व स्थानीय व्यवसायियों में बदइंतज़ामी व सीमित संख्या को लेकर रोष है.

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चार धाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन सीमित संख्या के नियम के आधार पर किए जा रहे हैं.

भाजपा कार्यकर्ता भी चाहते हैं, संख्या बढ़े
कांग्रेस, पुरोहित और व्यवसायी ही नहीं, भाजपा के कार्यकर्ता भी सीमित संख्या को लेकर परेशान नज़र आ रहे हैं. एक अन्य खबर की मानें तो भाजपा के जिलाध्यक्ष दिनेश उनियाल ने सीएम पुष्कर सिंह धामी से केदारनाथ में 2500, बद्रीनाथ में 3000, गंगोत्री में 1500 और यमुनोत्री में 1200 श्रद्धालु प्रतिदिन तक संख्या को बढ़ाने की मांग की. उनियाल ने ज्ञापन सौंपकर सीएम को बताया कि स्थानीय समस्याओं को किस तरह की व्यवस्थाओं से सुलझाया जा सकता है. स्थानीय कारोबार के लिहाज़ से उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि ई पास में खामी पाए जाने पर श्रद्धालुओं को लौटाए जाने के बजाय पास के ही तीर्थ और धार्मिक पर्यटन स्थलों पर डायवर्ट किया जाए.

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कितना हुआ रजिस्ट्रेशन और कब तक होगा?
बीते 18 सितंबर से चार धाम यात्रा शुरू होने के बाद बताया जा रहा है कि 70 हज़ार से ज़्यादा तीर्थयात्री देवस्थानम बोर्ड के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं. चूंकि संख्या सीमित रखने के आदेश हैं इसलिए इसी आधार पर सीमित ई पास जारी किए जा रहे हैं. पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर के हवाले से खबरों में कहा गया कि 15 अक्टूबर तक वेबसाइट से बुकिंग की जा सकेगी. एक अन्य खबर मेंं यह भी कहा गया है कि बद्रीनाथ के लिए 15 अक्टूबर तक की बुकिंग फुल हो चुकी है.

Uttarakhand Politics : अब AAP निकालेगी 'रोजगार गांरटी यात्रा', ये है 25 से शुरू हो रही मुहिम का रोडमैप

उत्तराखंड में पिछले दिनों आप की रैली में भारी जनसैलाब उमड़ा था. (File Photo)

Uttarakhand Election : रिटायर्ड कर्नल अजय कोठियाल नैनीताल से यह यात्रा शनिवार से शुरू करेंगे. भाजपा की जन आशीर्वाद यात्रा और कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के बाद राज्य में आम आदमी पार्टी अपनी यात्रा में जनता से सीधे जुड़ा मुद्दा उठाने जा रही है.

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देहरादून. बीजेपी-कांग्रेस के बाद अब आम आदमी पार्टी ने भी अपनी यात्रा निकालने का ऐलान कर दिया, जिसकी शुरुआत नैनीताल से होगी. राज्य की सभी 70 विधानसभाओं में पहले चरण में आम आदमी पार्टी रोजगार गारंटी यात्रा की शुरुआत करने जा रही है. हर विधानसभा में 1 दिन रहने के साथ ही जनता से संवाद करते हुए रोज़गार को लेकर आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री पद के चेहरे रिटायर्ड कर्नल अजय कोठियाल बात करेंगे. इस दौरान बेरोज़गारों से सुझाव लिये जाएंगे. यह यात्रा पहले चरण में 25 सितंबर से शुरू होकर 3 अक्टूबर तक 9 विधानसभा क्षेत्रों में चलाई जाएगी. पहले इस यात्रा का पूरा कार्यक्रम जानिए.

पहला चरण, 9 विधानसभा में होगी यात्रा
25 सितंबर : नैनीताल
26 सितंबर : भीमताल
27 सितंबर : रानीखेत
28 सितंबर : सल्ट
29 सितंबर : द्वाराहाट
30 सितंबर : सोमेश्वर
1 अक्टूबर : अल्मोड़ा
2 अक्टूबर : कपकोट
3 अक्टूबर : बागेश्वर

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आम आदमी पार्टी ने मीडिया को रोज़गार गांरटी यात्रा के बारे में जानकारी दी.

आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की रोज़गार गारंटी योजना को प्रदेश के युवाओं और जनता का बहुत अच्छा समर्थन मिलने के बाद अब आप के सीएम प्रत्याशी कर्नल अजय कोठियाल रोज़गार गारंटी यात्रा शुरू करने जा रहे हैं, जो सभी 70 विधानसभाओं में आयोजित की जाएगी ताकि प्रदेश के हर घर तक केजरीवाल द्वारा की गई घोषणाएं सही जानकारी के साथ पहुंच सकें.

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आप के दिनेश मोहनिया ने बताया कि 70 विधानसभाओं मे चलने वाली यह यात्रा कुल 70 दिनों की होगी. इसके तहत कर्नल कोठियाल अपनी टीम के साथ एक एक दिन हर विधानसभा में जाएंगे और लोगों को रोज़गार संबंधी जानकारी देंगे. इसके साथ ही, युवाओं और वहां के उद्यमियों से बातचीत कर सुझाव भी साझा किए जाएंगे ताकि रोज़गार के और बेहतर विकल्प युवाओं को मिल सकें. गौरतलब है कि केजरीवाल की रोज़गार संबंधी घोषणा के बाद बेरोज़गारी राज्य में बड़ा मुद्दा बन चुकी है. हालांकि भाजपा और कांग्रेस इसे चुनावी स्टंट बताकर आलोचना कर चुके हैं.

Uttarakhand Election : यूथ वोटरों की खातिर राहुल से ज़्यादा प्रियंका गांधी का दौरा चाहती है कांग्रेस

चर्चा करते प्रियंका गांधी और राहुल गांधी. (File Photo)

Uttarakhand Politics : आगामी विधानसभा चुनाव में एक तरफ, भाजपा जहां पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को अक्टूबर में उत्तराखंड लाने की तैयारी में है, तो कांग्रेस प्रियंका गांधी से बड़ी आस लगा रही है.

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देहरादून. उत्तराखंड में 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी अपने स्टार प्रचारकों को चुनावी मैदान में उतारने की रणनीति बना रही है. इलेक्शन कैम्पेन में युवा वोटरों को खींचने के लिए कांग्रेस की पूरी कोशिश है कि वह प्रियंका गांधी को उत्तराखंड ला सके. बताया जाता है कि 2017 हो या 2019 का चुनाव, राहुल गांधी कोई बड़ा असर छोड़ पाने में नाकाम रहे और बीजेपी ने इस बात का भरपूर फायदा उठाया. अब कांग्रेस को उम्मीद है कि जो फायदा राहुल गांधी के दौरों से नहीं हुआ, उसकी भरपाई प्रियंका कर सकेंगी.

कांग्रेस का इलेक्शन कैम्पेन 2022 के लिए कैसा होगा, ये कैम्पेन कमेटी के चेयरमैन हरीश रावत को तय करना है लेकिन चुनाव में इस बार प्रियंका गांधी को उत्तराखंड लाने की तैयारी है. यूथ वोटर को खींचने के लिहाज़ से इस रणनीति को अहम माना जा रहा है और यह भी तय है कि आएंगे तो राहुल गांधी भी. हरीश रावत का कहना है कि राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी को भी इस बार चुनाव प्रचार में लाने की कोशिश की जा रही है.

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उत्तराखंड चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी स्टार प्रचारकों के दौरों के बारे में रूपरेखा बना रही है.

क्या है प्रियंका बनाम राहुल चर्चा?
उत्तराखंड में राहुल गांधी के मुकाबले प्रियंका गांधी कितनी असरदार होंगी, ये तो चुनाव का रिजल्ट बताएगा, हालांकि बीजेपी ने इस मामले में कांग्रेस पर कटाक्ष शुरू कर दिए हैं. बीजेपी नेताओं का दावा है कि कांग्रेस नेताओं और राज्य की कई विधानसभाओं में राहुल गांधी के बारे में धारणा अच्छी नहीं है. बीजेपी विधायक दिलीप रावत ने दावा किया कि 2017 में कई कांग्रेस विधायकों ने राहुल गांधी को अपने क्षेत्र में बुलाने से मना कर दिया था, इस बार भी यही होगा.

दूसरी तरफ, उत्तराखंड चुनाव के लिए बीजेपी के प्रचार का पूरा दारोमदार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊपर माना जा रहा है. पीएम मोदी के केदारनाथ दौरे को लेकर प्लानिंग चल रही है तो भाजपा अमित शाह और राजनाथ सिंह जैसे नामों को भी चुनावी अखाड़े में लाने की पूरी कोशिश में है. ऐसे में, कांग्रेस की कोशिश है कि राहुल गांधी से ज़्यादा प्रियंका गांधी को प्रचार में उतारा जाए ताकि युवाओं को साधने में कामयाबी मिले.

हाथियों ने बदल दी उत्तराखंड जाने वाली ट्रेनों की चाल, बदला समय, देखें पूरी लिस्ट

जंगली जानवरों की सुरक्षा को देखते हुए रेलवे ने अब उत्तराखंड के जंगलों में ट्रेनों की स्पीड कम करने का फैसला लिया है. (सांकेतिक फोटो)

Uttarakhand News: जंगली जानवरों की सुरक्षा को देखते हुए रेलवे ने लिया बड़ा फैसला, अब जंगलों से गुजरने वाली ट्रेनों की रफ्तार भी रहेगी कम, वहीं आगमन और प्रस्थान के समय में भी हुआ बड़ा बदलाव.

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देहरादून. जंगली जानवरों और खासकर हाथियों के चलते उत्तराखंड आने जाने वाली कई ट्रेनों का समय बदल गया है. यही नहीं रेलवे ने अब उत्तराखंड के जंगलों से निकलने वाली कई ट्रेनों की स्पीड भी कम कर दी है. ट्रेनों का बदला हुआ समय 1 अक्टूबर से लागू होगा. रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार जंगली जानवरों की सुरक्षा को देखते हुए रेलवे ने यह कदम उठाया है. वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट लगातार ट्रेनों की स्पीड कंट्रोल की सलाह दे रहे थे. जिस पर रेलवे ने विशेष कमेटी बनाई थी.
कमेटी के सुझाव को मानते हुए रेलवे ने ट्रेनों की स्पीड कम करने का फैसला लिया है. जिसकी वजह से कुमाऊं से जाने वाली कई ट्रेनों किस समय में बदलाव हुआ है. यही नहीं उत्तराखंड आने वाली ट्रेन में भी कुछ देरी से पहुंचेंगी.

किन ट्रेनों का बदला है समय देखें पूरी लिस्ट

  1. 05013 जैसलमेर-काठगोदाम स्पेशल ट्रेन काठगोदाम स्टेशन पर वर्तमान समय 04.55 बजे के स्थान पर बदले समय 05.05 बजे पहुंचेगी.
  2. 03019 हावड़ा-काठगोदाम ट्रेन काठगोदाम पर वर्तमान समय 09.00 बजे के स्थान पर 09.25 बजे पहुंचेगी.
  3. 02040 नई दिल्ली-काठगोदाम ट्रेन काठगोदाम पर वर्तमान समय 11.40 बजे के स्थान पर 11.55 बजे पहुंचेगी.
  4. 04690 जम्मूतवी-काठगोदाम ट्रेन काठगोदाम पर वर्तमान समय 13.35 बजे के स्थान पर 13.45 बजे पहुंचेगी.
  5. 04667 कानपुर सेन्ट्रल-काठगोदाम ट्रेन काठगोदाम स्टेशन पर वर्तमान समय 14.40 बजे के स्थान पर 14.55 बजे पहुंचेगी.
  6. 02091 देहरादून-काठगोदाम ट्रेन काठगोदाम स्टेशन पर वर्तमान समय 23.35 बजे के स्थान पर 23.45 बजे पहुंचेगी.
  7. 04126 देहरादून-काठगोदाम ट्रेन काठगोदाम स्टेशन पर वर्तमान समय 07.15 बजे के स्थान पर 07.20 बजे पहुंचेगी.
  8. 04616 अमृतसर-लालकुआं ट्रेन लालकुआं स्टेशन पर वर्तमान समय 20.30 बजे के स्थान पर 21.05 बजे पहुंचेगी.
  9. 05060 आनन्द विहार टर्मिनस-लालकुआं ट्रेन लालकुआं स्टेशन पर वर्तमान समय 20.30 बजे के स्थान पर समय 21.05 बजे पहुंचेगी.
  10. 02353 हावड़ा-लालकुआं ट्रेन लालकुआं स्टेशन पर वर्तमान समय 06.55 बजे के स्थान पर 07.00 बजे पहुंचेगी.
  11. 05044 काठगोदाम-लखनऊ जं. ट्रेन काठगोदाम से वर्तमान समय 11.45 बजे के स्थान पर 11.15 बजे प्रस्थान करेगी. हल्द्वानी से वर्तमान समय 12.02 के स्थान पर 11.45 बजे छूटेगी. लालकुआं से वर्तमान समय 12.40 बजे के स्थान पर 12.30 बजे छूटेगी.
  12. 05036 काठगोदाम-दिल्ली ट्रेन काठगोदाम से वर्तमान समय 09.05 बजे के स्थान पर 08.45 बजे प्रस्थान करेगी. हल्द्वानी से वर्तमान समय 09.22 के स्थान पर 09.07 बजे छूटेगी. लालकुआं से वर्तमान समय 09.59 बजे के स्थान पर 09.45 बजे छूटेगी.
  13. 02039 काठगोदाम-नई दिल्ली ट्रेन काठगोदाम से वर्तमान समय 15.30 बजे के स्थान पर 15.10 बजे प्रस्थान करेगी. हल्द्वानी से वर्तमान समय 15.47 के स्थान पर 15.29 बजे छूटेगी. लालकुआं से वर्तमान समय 16.19 बजे के स्थान पर 16.04 बजे छूटेगी तथा रूद्रपुर सिटी से वर्तमान समय 16.44 बजे के स्थान पर 16.48 बजे छूटेगी
  14. 05314 रामनगर-जैसलमेर ट्रेन रामनगर से वर्तमान समय 22.20 बजे के स्थान पर 22.15 बजे प्रस्थान करेगी. काशीपुर से वर्तमान समय 22.55 बजे के स्थान पर 22.50 बजे छूटेगी.
    05356 रामनगर-दिल्ली ट्रेन रामनगर से वर्तमान समय 10.10 बजे के स्थान पर 10.00 बजे प्रस्थान करेगी. काशीपुर से वर्तमान समय 10.38 बजे के स्थान पर 10.35 बजे छूटेगी.
  15. 05059 लालकुआं-आनन्द विहार टर्मिनल ट्रेन लालकुआं से वर्तमान समय 04.30 बजे के स्थान पर 04.25 बजे प्रस्थान करेगी.
  16. 09076 रामनगर-बान्द्रा टर्मिनल ट्रेन रामनगर से वर्तमान समय 16.35 बजे के स्थान पर 16.30 बजे प्रस्थान करेगी.
  17. 05331 काठगोदाम-मुरादाबाद ट्रेन काठगोदाम से वर्तमान समय 08.15 बजे के स्थान पर 07.25 बजे प्रस्थान करेगी. – 05333 रामनगर-मुरादाबाद ट्रेन रामनगर से वर्तमान समय 07.20 बजे के स्थान पर 07.15 बजे प्रस्थान करेगी.
  18. 04689 काठगोदाम-जम्मूतवी विषेष गाड़ी काठगोदाम से वर्तमान समय 18.20 बजे के स्थान पर 18.15 बजे प्रस्थान करेगी. हल्द्वानी से वर्तमान समय 18.37 के स्थान पर 18.35 बजे छूटेगी. लालकुआं से वर्तमान समय 19.15 बजे के स्थान पर 19.10 बजे छूटेगी तथा रूद्रपुर सिटी से वर्तमान समय 19.45 बजे के स्थान पर 19.42 बजे छूटेगी. बिलासपुर रोड से वर्तमान समय 20.01 बजे के स्थान पर 19.58 बजे छूटेगी.

Weather Update : यूपी, एमपी समेत 9 राज्यों में अगले 3 दिन तक होगी झमाझम बारिश

देश के 9 राज्यों में अगले 3 दिन तक झमाझम बारिश की उम्मीद. (फाइल फोटो)

Weather Alert : आईएमडी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, गुजरात, राजस्थान, ओडिशा और कोलकाता में अगले 3 दिन तक होगी भारी बारिश होगी.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 23, 2021, 20:52 IST
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नोएडा. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने देश के 9 राज्यों में अगले 3 दिनों तक झमाझम बारिश की संभावना जताई है. उसने कहा है कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, गुजरात, राजस्थान, ओडिशा और कोलकाता में अगले 3 दिन तक होगी भारी बारिश होगी. देश में इस साल मॉनसून समय सीमा को लांघ कर सक्रिय है. यही वजह है कि गुजरात, बंगाल और महाराष्ट्र के आसपास की नदियों में जलस्तर बढ़ रहा है. नतीजतन, कई बड़े इलाकों को जलभराव का सामना करना पड़ रहा है. IMD का पूर्वानुमान है कि यूपी, मध्य प्रदेश, समेत देश के कुल 9 राज्यों में झमाझम बारिश देखने को मिलेगी.

आईएमडी की बुलेटिन में बताया गया है कि वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम झारखंड और छत्तीसगढ़ के उत्तर में चक्रवाती सर्कुलेशन के साथ कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है और अगले 24 घंटों के दौरान निम्न दबाव कमजोर हो सकता है. बुलेटिन के मुताबिक, अगले तीन दिनों में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर उत्तरी छत्तीसगढ़ और उत्तरी मध्य प्रदेश में चक्रवाती सर्कुलेशन के आगे बढ़ने की उम्मीद है. इसके अलावा, एक चक्रवाती सर्कुलेशन पश्चिमी राजस्थान और उसके पड़ोस में निचले क्षोभमंडल स्तर पर स्थित है और 24 सितंबर तक इसके वहीं रहने की उम्मीद है.

यूपी में भी भारी बारिश

आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, कल यानी 24 सितंबर तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है. बुलेटिन में बताया गया है कि 26 सितंबर तक पूर्वी राजस्थान और गुजरात में भारी बारिश के साथ भारी बारिश की संभावना है. 24 सितंबर तक छत्तीसगढ़, विदर्भ और मध्य प्रदेश में भारी बारिश होने की संभावना है. उत्तराखंड में 26 सितंबर तक भारी से भारी बारिश होगी. आईएमडी के मुताबिक, 24 सितंबर की शाम के आसपास पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जो संभवतः अगले 48 घंटों में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर ओडिशा की ओर बढ़ेगा. इस प्रभाव के तहत 25 सितंबर से ओडिशा और उसके आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है.

PM नरेंद्र मोदी अगले महीने आ सकते हैं केदारनाथ! PMO से उत्‍तराखंड पहुंची टीम

अगले महीने केदारनाथ आ सकते हैं पीएम मोदी.

Uttarakhand Election 2022 : राज्य में पिछले हफ्ते से ही चार धाम यात्रा शुरू हुई है और करीब पांच महीने बाद विधानसभा चुनाव होने हैं. वहीं, केदारनाथ धाम नवनिर्माण के तहत विकास कार्य भी हुए हैं. इन सभी कारणों से पीएम मोदी का दौरा काफी अहम होगा.

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देहरादून. उत्तराखंड में विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र सियासी सरगर्मियां बढ़ने लगी हैं. अक्टूबर में भाजपा के बड़े नेता उत्तराखंड पहुंचेंगे. इसी सिलसिले में पीएम नरेंद्र मोदी का केदारनाथ दौरा अक्टूबर में बन सकता है. यहां काम का जायज़ा लेने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय से एक टीम केदारनाथ पहुंची है. पीएमओ में सलाहकार भास्कर खुल्बे, आईएएस मंगेश घिल्डियाल अन्य अफसरों के साथ केदारनाथ पहुंचे हैं. ये टीम गुरुवार दोपहर 12 बजे तक यहां कामों और व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे. बताया जा रहा है कि 6 अक्टूबर के बाद प्रधानमंत्री मोदी केदारनाथ दौरे पर आ सकते हैं.

इसके पहले न्यूज़18 ने आपको बताया था कि कैसे बीजेपी अक्टूबर के महीने में पार्टी के शीर्ष नेताओं के उत्तराखंड दौरे तय कर रही है. फ़िलहाल प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री के दौरों को लेकर स्थान, दिन और समय के बारे में रूपरेखा बनाई जा रही है. इसी रूपरेखा के तहत केदारनाथ में व्यवस्थाओं का जायज़ा लेने पीएमओ से टीम पहुंची है, जिससे माना जा रहा है कि पीएम मोदी यहां आने वाले हैं. पीएम मोदी का दौरा केदारनाथ धाम के नवनिर्माण के लिहाज़ से भी अहम हो सकता है.

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बीजेपी के दिग्गज नेता भी अक्टूबर में आएंगे

बताया जा रहा है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का 1 अक्टूबर को उत्तराखंड आने का प्रोग्राम है, तो 16-17 अक्टूबर को अमित शाह के देहरादून और हरिद्वार के दौरे की तैयारी है. प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, गृह मंत्री के दौरे में सबसे अहम गृह मंत्री अमित शाह का दौरा माना जा रहा है, जो हरिद्वार में संतों से मुलाकात के साथ चुनावी मूड भी भांपकर जाएंगे.

'दलित CM' के बयान पर हरीश रावत को अपनों ने घेरा, कांग्रेस नेता बोले- बहुत देर कर दी हुजूर आते-आते

हरीश रावत और प्रीतम सिंह परिवर्तन रैली के दौरान एक ट्रैक्टर पर सवार दिखे थे. (File Photo)

Uttarakhand Political News : कांग्रेस के लिए उत्तराखंड चुनाव की कमान संभाल रहे हरीश रावत पार्टी में अलग-थलग पड़ते दिख रहे हैं. उनके ताज़ा बयान पर भाजपा की प्रतिक्रिया के बाद कांग्रेस के नेताओं ने भी नाराज़गी ज़ाहिर की है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 23, 2021, 16:39 IST
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देहरादून. उत्तराखंड में किसी ‘दलित को मुख्यमंत्री’ के रूप में देखने की इच्छा का बयान देकर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत अपनी पार्टी के भीतर ही घिरते नज़र आ रहे हैं. भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया के बाद अब कांग्रेस के उत्तराखंड के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय और नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने रावत पर सीधा कटाक्ष किया है. प्रीतम सिंह ने ‘बहुत देर कर दी हुज़ूर आते-आते’ कहकर साफ ज़ाहिर कर दिया कि रावत का यह बयान पार्टी के भीतर खासी अहमियत नहीं रखता. वहीं, इस बयान के बाद किशोर उपाध्याय अपना गुस्सा साफ तौर पर ज़ाहिर करने से नहीं चूके.

हरीश रावत के ‘दलित सीएम’ वाले बयान पर चुटकी लेते हुए कहा-बहुत देर कर दी हुजूर आते–आते. प्रीतम सिंह ने इसे देर से आने वाला बयान बताते हुए कहा, ‘ऐसा होना चाहिए था. ऐसा 2002 और 2012 व 2013 में भी होना चाहिए था, लेकिन तब नहीं हो सका.’ खबरों के माध्यम से प्रीतम सिंह की यह जो प्रतिक्रिया आई है, इसे लेकर सियासी जानकार मान रहे हैं कि किसी समय हरीश रावत के करीबी रहे प्रीतम सिंह अब रावत के विश्वसनीय दायरे से दूर होकर उत्तराखंड कांग्रेस में एक नये ध्रुव बन चुके हैं.

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उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं प्रीतम सिंह.

उपाध्याय भड़के, कहा, हार की समीक्षा अब हो

दूसरी तरफ, किशोर उपाध्याय नज़र आ रहे हैं, जो एक समय में हरीश रावत के खेमे के बड़े नेता माने जाते थे, लेकिन उन्होंने रावत के ताज़ा बयान के बाद मौका पाते हुए कहा, ‘साल 2017 में कांग्रेस चुनाव में क्यों हारी? इसकी कोई समीक्षा नहीं हुई और हार का ठीकरा मेरे सिर फोड़ दिया गया. जबकि अगले विधानसभा चुनाव कुछ ही महीने दूर रह गए हैं, अब इस बात की पूरी समीक्षा होनी चाहिए.’ साफ तौर पर कांग्रेस के भीतर नेताओं के बीच किस तरह उलझनें हैं, ये बयान संकेत दे रहे हैं.

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भाजपा ने भी की थी आलोचना

इससे पहले, रावत के बयान को जातिवादी राजनीति बताकर भाजपा ने साफ कहा था कि यह बयान वोटरों को छलावा देने वाला है. ‘कांग्रेस जो सबक देती फिरती है, खुद उस पर अमल नहीं करती. रावत का बयान अपने आप में ही विरोधाभासी है.’ भाजपा के बाद अब कांग्रेस नेताओं के कटाक्ष से हरीश रावत की स्थिति चर्चा में है, क्योंकि उनका बयान यह ज़ाहिर कर चुका है कि वह अगले मुख्यमंत्री पद की दौड़ में खुद को नहीं देख रहे हैं.

उत्तराखंड पुलिस के 'शक्तिमान' की मौत मामले में मंत्री गणेश जोशी अदालत से बरी

उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी. (File Photo : ANI)

यह मामला करीब 5 साल पुराना था, जब राज्य में कांग्रेस की सरकार थी. धामी कैबिनेट के मंत्री जोशी पर आरोप था कि उन्होंने पुलिस की लाठी छीनकर पुलिस की टीम पर ही बरसाना शुरू कर दी थी.

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देहरादून. पुलिस के शक्तिमान घोड़े की मौत के मामले में पुष्कर सिंह धामी की उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के साथ ही अन्य 4 आरोपियों को न्यायालय ने दोष मुक्त करार दिया. जोशी के खिलाफ मारपीट, बलवे और पशुओं के खिलाफ क्रूरता संबंधी मामले दर्ज थे, जिनमें साक्ष्यों की कमी के आधार पर कोर्ट ने उन्हें पांच साल पुराने एक मामले में बरी कर दिया. इस फैसले के बाद भावुक होते हुए जोशी ने कहा कि सच की जीत आज हुई. जानिए क्या था पूरा मामला और किस तरह जोशी को बरी किया गया.

दरअसल, साल 2016 में बजट सत्र के दौरान भाजपा ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार के खिलाफ विधानसभा तक रैली निकाली थी. इस दौरान पुलिसकर्मियों व भाजपा समर्थकों के बीच झड़प भी हुई थी. आरोप था कि इस दौरान भाजपा विधायक गणेश जोशी ने पुलिस की लाठी छीनकर उन्हीं पर बरसाना शुरू कर दिया था. लाठी की कुछ चोटें पुलिस के घोड़े शक्तिमान को भी आईं, जिसके चलते वह घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई थी.

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इस सिलसिले में पुलिस ने जोशी के खिलाफ बलवे और मारपीट के अलावा पशु क्रूरता अधिनियम का मामला दर्ज कराया था. गुरुवार को देहरादून के मुख्य न्यायाधीश लक्ष्मण सिंह की कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषमुक्त किया. इस फैसले के बाद जोशी ने भावुक होते कहा, ‘मैं पहले से कह रहा था कि निर्दोष हूं. आज सत्य की जीत हुई.’ वहीं, जोशी के वकील मनमोहन कंडवाल ने बताया कि साक्ष्यों की कमी और गवाहों के विरोधाभासी बयानों के चलते कोर्ट ने जोशी को दोषमुक्त किया.

BJP सांसद का तंज़, 'पाकिस्तानी को भाई कहना दुर्भाग्यपूर्ण', हरीश रावत ने कहा, 'लेक्चर मत दीजिए'

हरीश रावत और अनिल बलूनी में छिड़ी ज़ुबानी जंग.

Social Media War : हरीश रावत के एक और ताज़ा बयान पर उत्तराखंड में सियासत शुरू हो चुकी है. सांसद बलूनी ने हरीश रावत को आड़े हाथों लेने की कोशिश की, तो पूर्व सीएम रावत ने पूरी सफाई पेश करते हुए बलूनी को करारा जवाब दिया.

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  • LAST UPDATED : September 23, 2021, 10:33 IST
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देहरादून. हरीश रावत लगातार अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं. ‘दलित सीएम’ वाले बयान पर प्रतिक्रियाओं का दौर अभी थमा नहीं कि एक और बयान के कारण भाजपा ने रावत को घेरने की पूरी कोशिश की. लेकिन इस बार रावत ने पलटवार करते हुए बीजेपी सांसद अनिल बलूनी को मुंहतोड़ जवाब देने में कोई चूक भी नहीं की. असल में मामला उस बयान का है, जिसमें हरीश रावत ने पाकिस्तान के साथ भारत के राजनीतिक संबंधों को लेकर दिए एक बयान में पाकिस्तानी सेना के जनरल को ‘प्रा’ यानी भाई कह दिया था. इस पर बीजेपी सांसद अनिल बलूनी ने रावत को घेरते हुए इसे शर्मनाक बताया था, लेकिन रावत ने उन्हें साफ कह दिया, ‘अपना लेक्चर अपने पास’ रखें.

क्या था अनिल बलूनी का कटाक्ष?
वास्तव में सोशल मीडिया पर एक बयान को लेकर जंग जैसी नौबत पेश आ गई. एक बयान में रावत ने कहा, ‘पीएम मोदी यदि नवाज़ शरीफ से गले मिले, उनके साथ बिरयानी खायी, तो यह देश का काम हुआ और धार्मिक तीर्थस्थल करतारपुर साहिब के रस्ते खोलने के लिए धन्यवाद देते हुए एक पंजाबी सीमा पार के पंजाबी प्रा से गले मिलता है तो उसमें देशद्रोह? यह कैसा डबल स्टैंडर्ड है?’ इस बयान में नवजोत सिंह सिद्धू के पाकिस्तानी सेना जनरल से गले मिलने का ज़िक्र था. लेकिन बलूनी ने ‘प्रा’ शब्द पर रावत को आड़े हाथों लेते हुए कहा, ‘जिस पाकिस्तान और उसकी सेना के हाथ हमारे शहीदों के खून से रंगे हैं, रावत का उन्हें ‘भाई’ कहना शर्मनाक है.’

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अपने बयान की सफाई में हरीश रावत ने लंबा पोस्ट लिखा.

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रावत ने किया पलटवार, ‘लेक्चर न दें’
बलूनी ने कटाक्ष को खारिज करते हुए ट्विटर और फेसबुक पर रावत ने एक चिट्ठीनुमा बयान फिर पोस्ट किया, जिसमें बलूनी को साफ तौर पर नसीहत दी. उन्होंने अपने बयान पर पूरी सफाई देते हुए बलूनी के लिए लिखा, ‘बलूनी को मुझे नसीहत देने की ज़रूरत नहीं पड़नी चाहिए. मेरे परिवार, रिश्तेदारी-नातेदारी में कई लोग सिपाही से लेकर के ब्रिगेडियर तक सेना में विभिन्न पदों पर सेवा दे चुके हैं, शहीद हो चुके हैं. इसलिए बलूनी अपने लेक्चरों को सुरक्षित रखें.’

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उत्तराखंड सीएम ने छात्रों और स्कूलों के लिए अहम घोषणाएं कीं.

उत्तराखंड मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग की एक मीटिंग के दौरान कई घोषणाएं कीं. शिक्षक अब एक दिन स्कूल में अपनी मर्ज़ी से बच्चों को मनचाहे पाठ पढ़ा सकेंगे. वहीं पदों के भरने और तबादलों के मामलों पर भी सीएम ने निर्देश दिए.

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देहरादून. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में शिक्षा विभाग की समीक्षा मीटिंग की, जिसमें महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए क्वालिटी एजुकेशन पर ज़ोर दिया. साथ ही जिन स्कूलों में प्रिंसिपल की पोस्ट खाली है, वहां जल्द पद भरने के निर्देश दिए. इसके अलावा जब शिक्षा मंत्री ने बताया कि स्कूल खुल चुके हैं लेकिन कोविड का खतरा टला नहीं है, तब सीएम ने स्कूलों में व्यवस्था ठीक रहे, इसको लेकर भी अधिकारियों को निगरानी रखने के निर्देश दिए. इन तमाम निर्देशों के बीच छात्रों के लिए फ्री किताबों की महत्वपूर्ण घोषणा भी सीएम ने की.

सीएम धामी ने दिए ये खास निर्देश
1. प्रदेश में क्लास 9 और 12 तक के सभी स्टूडेंट्स को अगले साल से मिलेंगी फ्री बुक्स
2. टीचरों के ट्रांसफर के मामलों का जल्द किया जाएगा निपटारा
3. डीजी एजुकेशन की अध्यक्षता में एक सेल बनाया जाएगा
4. इंग्लिश और कंप्यूटर सब्जेक्ट के लिए गेस्ट टीचर्स होंगे नियुक्त
5. सरकारी स्कूलों के क्लास 12 के 100 टॉपर्स को 5 साल तक हायर एजुकेशन के लिए मिलेगी स्कॉलरशिप

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शिक्षा विभाग की मीटिंग में सीएम पुष्कर सिंह धामी.

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सभी अधिकारियों को ये भी निर्देश दिए कि महीने में एक दिन वह अपनी मर्जी से बच्चों को पढ़ा सकते हैं. इसमें इस बात का खास ख्याल रखा जाए कि उस बात को बच्चे आत्मसात करें. इसके अलावा, प्रिंसिपलों खाली पड़े तमाम पदों को भरने के लिए तेज़ी से काम करने के निर्देश भी दिए. शिक्षा विभाग ने अब प्राइमरी स्कूल भी खोल दिए हैं, हालांकि अभी कोविड का खतरा टला नहीं है, ऐसे में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने पैरेंट्स को धन्यवाद भी दिया.

NCRB की रिपोर्ट में दावा: सीनियर सिटीजन के लिए सबसे सुरक्षित उत्तराखंड, MP को दूसरा स्थान

NCRB रिपोर्ट: सीनियर सिटीजन के लिए सबसे सुरक्षित है उत्तराखंड.

Uttarakhand News: NCRB की रिपोर्ट के अनुसार देश में सीनियर सिटीजन के साथ अपराध की बात करें तो महाराष्ट्र में 2020 में सर्वाधिक 4909 मामले दर्ज किए गए. मध्य प्रदेश 4602 मामलों के साथ दूसरे और गुजरात 2785 मामलों के साथ तीसरे स्थान पर है. उत्तराखंड में 4 मामले दर्ज किए गए.

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देहरादून. उत्तराखंड राज्य सीनियर सिटीजन (Senior Citizen) के लिए एक सुरक्षित राज्य है. नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों से यह बात सामने आई है. अगर केवल साइबर अपराध के मामलों को छोड़ दिया जाए तो साल 2020 में अपराधिक मामलों में गिरावट देखने को मिली है.

कोरोना महामारी के चलते साल 2020 में पुरे देश में अपराध की घटनाओं में कुछ हद तक कमी देखी गई है. इसी क्रम में उत्तराखंड राज्य लगातार तीसरे साल में भी सीनियर सिटीजन के रहने के लिए सुरक्षित राज्य बना हैं. इसका दावा नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो यानि कि एनसीआरबी के द्वारा जारी किये आंकड़ों से किया गया है.

दरअसल, साल 2020 में देश में वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े अपराध के 24,794 मामले दर्ज किये गये हैं. NCRB की रिपोर्ट के अनुसार देश में सीनियर सिटीजन के साथ अपराध की बात करें तो महाराष्ट्र में 2020 में सर्वाधिक 4909 मामले दर्ज किए गए. मध्य प्रदेश 4602 मामलों के साथ दूसरे और गुजरात 2785 मामलों के साथ तीसरे स्थान पर है. वरिष्ठ नागरिकों के साथ सबसे कम अपराध के हिसाब से देखें तो मणिपुर में सात, असम में छह, झारखंड में दो, मेघालय में तीन, सिक्किम में दो और उत्तराखंड में चार मामले दर्ज किए गए.

वहीं मामले में सीनियर सिटीजन नरेश दुआ का कहना है कि जिस प्रकार उत्तराखंड की आबो हवा है वह सीनियर सिटीजन के लिए अच्छी है. ये राज्य सीनियर सिटीजन के लिए सुरक्षित है. यहां पुलिस भी उनके साथ एक अच्छा बर्ताव करती है और किसी दिन थाने में भी जाना पड़े तो उनकी सिकायत को प्राथमिकता मिलती है.

प्रवक्ता पुलिस हेडक्वार्टर श्वेता चौबे का कहना है कि साल 2020 की रिपोर्ट में अगर अपराध को देखें तो उत्तराखंड में क्राइम घटा है और पुलिस का प्रदर्शन बढ़ा है. सीनियर सिटीजन में भी पुलिस ने अच्छा काम किया है, जिस पर सीनियर सिटीजन के मामलों में भी बहुत गिरावट आई है.

गोरखा लड़ाकों की अमर शौर्य गाथा, अंग्रेजों ने सम्मान में खुद बनवाया था 'खलंगा युद्ध स्मारक'

गोरखा सैनिकों ने खलंगा किले पर मोर्चा संभाला था.

गोरखा सैनिकों के पास अपनी पारंपरिक खुकुरी, तलवार और धनुष-बाण थे.

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अगर कोई ये कहता है कि वो मौत से नहीं डरता है, तो वह या तो झूठ बोल रहा है या फिर वह गोरखा है, इतना अटूट विश्वास था भारत के सबसे बड़े मिलिट्री कमांडर में से एक, फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ का‌ गोरखा रेजीमेंट के सैनिकों पर. अगर गोरखा सैनिकों के दमखम और युद्ध कौशल से आप वाकिफ होना चाहते हैं तो चले आइए देहरादून स्थित खलंगा युद्ध स्मारक पर, जो न केवल गोरखा लड़ाकों के पराक्रम की दास्तां को जगजाहिर करता है बल्कि स्वतंत्रता संग्राम के दिनों में गोरखा लड़ाकों के बलिदान को भी दर्शाता है.

खलंगा युद्ध की कहानी

देहरादून की खूबसूरत पहाड़ियों मेंं से एक खलंगा पहाड़ी पर 31 अक्टूबर, 1814 को मात्र 600 गोरखा सैनिकों ने खलंगा किले पर मोर्चा संभाला था. उनके सामने थी 3500 सैनिकों की संख्या वाली ब्रिटिश सेना, जिनके पास उस समय की आधुनिक बंदूकें और तोपे थीं. गोरखा सैनिकों के पास अपनी पारंपरिक खुकुरी, तलवार और धनुष-बाण थे. गोरखा सैनिकों ने खुकुरी के दम पर अकेले 1000 अंग्रेज सैनिकों को मार डाला. इस लड़ाई में कई अंग्रेज अफसर भी मारे गए, जिनमें मेजर जनरल रॉबर्ट रोलो जिलेप्सी भी थे. इस युद्ध में गोरखा सेना का नेतृत्व कर रहे बलभद्र कुंंवर भी शहीद हो गए. ब्रिटिश सेना द्वारा कलिंगा किले का पानी रोक दिया गया, जिस वजह से बलभद्र कुंंवर अपने 70 सैनिकों के साथ किले से बाहर आ गए और अंग्रेजों से युद्ध के दौरान वह शहीद हो गए. कुछ लोगों का मानना है कि बलभद्र कुंवर वहां से भाग गए थे और अफगानिस्तान में सैनिक के रूप में 1835 में हुए युद्ध में शहीद हुए.

अंग्रेजों ने किया बहादुरी का सम्‍मान

इस युद्ध में गोरखा सैनिकों की बहादुरी को अंग्रेजों ने भी पूरा सम्‍मान दिया. उन्‍होंने 1815 में गोरखा रेजिमेंट की स्‍थापना की. भारत के साथ ही इंग्‍लैंड में भी गोरखा रेजिमेंट का होना गोरखा सैनिकों के महत्‍व को बताता है. इसके साथ ही अंग्रेजों ने देहरादून की सहस्‍त्रधारा रोड पर खलंगा शहीदों की याद में एक स्‍मारक बनवाया.
हर साल यहां मेला लगता है, जिसमें हजारों लोग जुटते हैं. खलंगा स्मारक ऐतिहासिक धरोहर है. यहां हर साल हजारों की संख्या में पर्यटक आते हैं. इसके साथ ही गोरखाओं की वीरता को याद करने के लिए शहर के गढ़ीकैंट क्षेत्र में मेला भी आयोजित किया जाता है.

BJP में जाने वाले MLA राजकुमार की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, कांग्रेस ने स्पीकर से एक्शन लेने को कहा

पार्टी बदलने वाले पुरोला विधायक राजकुमार. (File Image)

Uttarakhand Polls 2022 : उत्तराखंड विधानसभा की 70 सीटों के लिए करीब पांच महीनों में चुनाव होने हैं और इससे पहले दल बदलने की राजनीति चर्चा में है. प्रदेश कांग्रेस ने अपने बागी विधायक के खिलाफ निलंबन और चुनाव प्रतिबंध की मांग की है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 22, 2021, 13:37 IST
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देहरादून. उत्तराखंड में विधानसभा चुनावों से पहले चल रही सरगर्मियों में हाल में बड़ी खबर तब आई थी, जब कांग्रेस के टिकट पर पुरोला से विधायक रहे राजकुमार ने बीजेपी का दामन थाम लिया था. अब कांग्रेस ने राजकुमार के खिलाफ धावा बोलते हुए उनके निलंबन की मांग की है. उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष को लिखा कि बीजेपी में गए एमएलए राजकुमार की विधानसभा से सदस्यता सस्पेंड की जाए. कांग्रेस ने राजकुमार पर दलबदल के आरोप लगाते हुए यह मांग की है.

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पत्र में लिखा गया, ‘राजकुमार वर्तमान में ऐसे विधायक हैं, जो कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे. लेकिन उन्होंने सत्र के दौरान ही पार्टी बदलकर भाजपा जॉइन कर ली और वह भी कांग्रेस पार्टी व विधानसभा से औपचारिक तौर पर इस्तीफा दिये बगैर. चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए न केवल विधानसभा से उनकी सदस्यता रद्द की जाना चाहिए बल्कि उनके आगामी चुनाव लड़ने पर भी प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए.’

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गौरतलब है कि उत्तराखंड में 2022 के शुरुआती महीनों में ही विधानसभा चुनाव होने हैं, जिनके मद्देनज़र राज्य में चुनावी हलचलें ज़ोरों पर हैं. पिछले ही दिनों भाजपा के उत्तराखंड चुनाव प्रभारी और केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी के उत्तराखंड दौरे से ऐन पहले राजकुमार ने भाजपा का दामन सीएम पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में हुए एक कार्यक्रम में थामा था. राजकुमार को प्रदेश कांग्रेस में सचिव का पद भी मिला हुआ था.

जौली ग्रांट एयरपोर्ट टर्मिनल उद्घाटन के लिए आएंगे सिंधिया, उत्तराखंड को उड़ानों और हेलीकॉप्टर यात्रा की सौगात

देहरादून हवाई अड्डा. (File Photo : ANI)

Uttarakhand Aviation : सीएम धामी के ऑनलाइन बैठक में केंद्रीय मंत्री ​ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उत्तराखंड को उड़ानों और सात शहरों के लिए हेलीकॉप्टर के ज़रिये उड़ानों के रूप में तमाम सौगातें दीं, जिनके लिए सीएम धामी ने आभार माना.

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देहरादून. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिये केंद्रीय एविएशन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ मंगलवार को बातचीत की. इस मीटिंग में दोनों नेताओं ने कई अहम प्रोजेक्ट को लेकर बात की. इस बातचीत के दौरान यह तय हुआ कि सिंधिया 7 अक्टूबर को मुख्यमंत्री धामी के साथ देहरादून के जौलीग्रांट में बने नये टर्मिनल का लोकार्पण करेंगे. हेली समिट के दौरान देहरादून-पंतनगर-पिथौरागढ़-पंतनगर-देहरादून हवाई सेवा का फ्लैग ऑफ भी किया जाएगा. यह सेवा पवनहंस द्वारा दी जाएगी तो देहरादून-पिथौरागढ़ हेली सेवा को भी जल्द मंज़ूरी दिए जाने की बात कही गई.

सिंधिया ने कहा कि उत्तराखंड में उड़ानों के तहत देहरादून-श्रीनगर-देहरादून, देहरादून-गौचर-देहरादून, हल्द्वानी-हरिद्वार-हल्द्वानी, पंतनगर-पिथौरागढ़-पंतनगर, चिन्यालीसौड़-सहस्त्रधारा-चिन्यालीयौड़, गौचर-सहस्त्रधारा-गौचर, हल्द्वानी-धारचूला-हल्द्वानी तथा गौचर-सहस्त्रधारा-गौचर हेली सेवाओं को स्वीकृति प्रदान की गई. उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के लिए जो 13 हेलीपोर्ट चिह्नित किए गए हैं, उनमें से 11 की डीपीआर तैयार हो चुकी है. मसूरी हेलीपोर्ट की डीपीआर भी जल्द तैयार होगी.

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सीएम धामी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिये केंद्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बातचीत की.

सिंधिया ने कहा, वैट घटाया जाए
जौलीग्रांट एयरपोर्ट से शहरों की कनेक्टिविटी और बढ़ाई जाएगी, वहीं पंतनगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की कार्यवाही में और तेजी लाए जाने की बात भी हुई. सिंधिया ने सुझाव दिया कि उत्तराखंड में वैट के चार्जेज़ एटीएफ पर अधिक हैं, इन्हें कम किया जाए तो राज्य में एयर कनेक्टिविटी और तेज़ी से बढ़ेगी. राजस्व में भी वृद्धि होगी. सीएम धामी ने इन सौगातों के लिए सिंधिया का आभार माना.

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सीएम ने हेली सेवा को बताया मील का पत्थर
सीएम धामी ने देहरादून-पिथौरागढ़ हेली सेवा की स्वीकृति पर कहा कि यह सेवा सीमान्त क्षेत्र पिथौरागढ़ के विकास के लिए यह मील का पत्थर साबित होगी. इस हेली सेवा की मांग मुख्यमंत्री ने केन्द्र सरकार से पहले भी की थी. धामी ने बताया कि राज्य में चिह्नित 13 हेलीपोर्ट में से 8 के लिए टेंडर प्रक्रिया गतिमान है, जो 20 अक्टूबर तक पूरी हो जाएगी.

Char Dham Yatra : क्यों लौटाये जा रहे हैं कुछ श्रद्धालु? क्या किसी फर्जीवाड़े की चल रही है कोशिश?

उत्तराखंड स्थित चार धाम.

चार धाम यात्रा के संचालन को लेकर हुई पुलिस विभाग की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में एसएसपी देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, उत्तरकाशी, चमोली मौजूद रहे. इसमें श्रद्धालुओं को मैनेज करने के बारे में चर्चा हुई.

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देहरादून. राज्य में चार धाम यात्रा शुरू हो चुकी है और मंगलवार तक करीब साढ़े 5 हजार श्रद्धालुओं ने चार धामों के दर्शन किए. आंकड़ों की मानें तो सबसे ज्यादा यात्री बद्रीनाथ धाम पहुंचे हैं. दूसरी तरफ, चार धाम यात्रा में कई ऐसे भी श्रद्धालु हैं, जिनको उत्तराखंड पुलिस बिना दर्शन के बैरंग वापस लौटा रही है. अस्ल में, चार धाम यात्रा सुचारू ढंग से और नियमों के हिसाब से चल सके, इसके लिए उत्तराखंड सरकार ने भारी पुलिस बल तैनात किया है. चाक चौबंद व्यवस्था का आलम यह है कि सिर्फ केदारनाथ धाम पर ही सेक्टर अधिकारियों के साथ ही पुलिस विभाग ने 450 कर्मचारियों को यात्रा पड़ावों पर तैनात किया है.

क्यों लौटाए जा रहे हैं श्रद्धालु?
बड़ा कारण ये है कि चार धाम में आने वाले कुछ श्रद्धालु अपना रजिस्ट्रेशन स्मार्ट सिटी पोर्टल पर कर रहे हैं, जबकि सभी चार धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को देवस्थानम बोर्ड के पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है. जिन यात्रियों ने ठीक ढंग से रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है, उन्हें पुलिस और प्रशासन की टीम लौटा रही है. वहीं, कुछ श्रद्धालुओं के पास फर्ज़ी रजिस्ट्रेशन होना भी पाया गया. एक खबर के मुताबिक केदारनाथ से 24 किमी दूर सोनप्रयाग के एक चेकपोस्ट पर 18 लोगों को फर्ज़ी रजिस्ट्रेशन पास के साथ पकड़ा गया और उन्हें धाम में एंट्री नहीं दी गई.

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गढ़वाल अंचल की डीआईजी नीरू गर्ग ने कहा कि यात्रा के दौरान कई श्रद्धालु भूलवश स्मार्ट सिटी के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाकर आ रहे हैं. यह अब मान्य नहीं है और जो यात्री देवस्थानम बोर्ड के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नही कर रहा है उसको लौटाया जा रहा है. साथ ही, फर्जी rtpcr रिपोर्ट वाले लोगों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है.

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चार धाम यात्रा संचालन के संबंध में न्यूज़18 से डीआईजी गढ़वाल नीरू गर्ग ने बातचीत की.

यात्रा के लिए खास नियम लागू हैं
रजिस्ट्रेशन के अलावा और भी नियम हाई कोर्ट की गाइडलाइन के तहत लागू किए गए हैं. 18 सितम्बर से शुरू हुई चारधाम यात्रा में सभी धामों में दर्शन के लिए सीमित संख्या रखी गई है. प्रति दिन बद्रीनाथ में 1200, केदारनाथ में 800, गंगोत्री में 600 और यमुनोत्री धाम में 400 यात्रियों को ही दर्शन की परमिशन है. रजिस्ट्रेशन के लिए सरकार ने देवस्थानम बोर्ड के पोर्टल से ई पास अनिवार्य किया है. श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन के साथ ही rtpcr की नेगेटिव रिपोर्ट या फिर कोविड की डबल डोज वैक्सीन का प्रमाण पत्र भी रखना हेागा.

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डीआईजी ने कहा कि निर्धारित संख्या से अधिक यात्रियों को चार धाम यात्रा में अनुमति न दी जाए. यात्रियों को जागरूक करने के लिए उन्होंने हरिद्वार, ऋषिकेश, मुनि की रेती, लक्ष्मणझूला आदि स्थानों पर फ्लेक्स आदि के ज़रिये व्यापक प्रचार-प्रसार करने की बात भी कही. टिहरी में भद्रकाली, तपोवन, सुवाखोली, केम्पटी, पौ​ड़ी कोटद्वार, श्रीनगर में सघन चेकिंग की जा रही है. उन्होंने जनपद उत्तरकाशी के यमुनोत्री में सीओ बड़कोट, गंगोत्री में सीओ उत्तरकाशी, केदारनाथ में सीओ गुप्तकाशी व बद्रीनाथ में सीओ चमोली को नोडल अधिकारी नियुक्त किया.

Uttarakhand Election 2022 का मैदान: PM मोदी, अमित शाह व राजनाथ सिंह संभालेंगे मोर्चा, जानिए पूरा शेड्यूल

पीएम मोदी, अमित शाह और राजनाथ सिंह. (File Photo)

Assembly Election 2022 : भाजपा को उम्मीद है कि राष्ट्रीय स्तर के इन नेताओं के राज्य में जनसभा और दौरों से उसे विधानसभा चुनाव में खासा माइलेज मिलेगा जैसा कि 2017 में मिला था. वहीं, कांग्रेस ने इस बार नतीजे पलटने का दावा किया है.

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देहरादून. उत्तराखंड में 2022 के विधानसभा चुनाव का मैदान अक्टूबर के महीने में राष्ट्रीय स्तर का हो जाएगा क्योंकि केंद्र सरकार के दिग्गज राज्य में चुनावी मोर्चा संभालेंगे. अक्टूबर से भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं के दौरों का दौर शुरू होगा, जिसके तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी उत्तराखंड आकर चुनाव प्रचार करेंगे. फिलहाल प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री के दौरे तय किए जा रहे हैं. इनके चुनाव प्रचार कार्यक्रम को लेकर स्थान, दिन और समय के बारे में अंतिम रूपरेखा बनाई जा रही है.

बताया जा रहा है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का 1 अक्टूबर को उत्तराखंड आने का प्रोग्राम है, तो 16-17 अक्टूबर को अमित शाह के देहरादून और हरिद्वार के दौरे की तैयारी है. वहीं अक्टूबर में केदारनाथ के दौरे के साथ ही पीएम के चुनावी दौरे की भी चर्चा है. प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, गृह मंत्री के दौरे में सबसे अहम गृह मंत्री अमित शाह का दौरा माना जा रहा है, जो हरिद्वार में संतों से मुलाकात के साथ चुनावी मूड भी भांपकर जाएंगे.

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अक्टूबर महीने में भाजपा के शीर्ष राष्ट्रीय नेता उत्तराखंड दौरे पर आएंगे.

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हालांकि कांग्रेस का कहना है कि ‘काठ की हांडी’ बार बार नहीं चढ़ती और 2017 जैसी बात इस बार नहीं होने वाली. वहीं, बीजेपी को यकीन है कि राष्ट्रीय नेताओं की रैली, जनसभा और मौजूदगी 2022 से पहले माहौल बनाने में मददगार होगी. साल 2017 में प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड में जनसभा की थी, जिसका फायदा बीजेपी को कई सीटों पर मिलने का दावा किया जाता है. इसी तरह के समीकरण भाजपा दोहरा सकेगी, ऐसी भाजपा को उम्मीद है.

हरीश रावत का दावा- CM केजरीवाल ने दिल्ली में साढ़े 7 साल में सिर्फ 6 हजार ही नौकरियां दीं

रविवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कहा था कि उत्तराखंड में अगर आप की सरकार बनती है, तो सभी बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिया जाएगा. (फाइल फोटो)

हरीश रावत (Harish Rawat) ने आम आदमी पार्टी के नेता पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘उत्तराखंड का बजट छोटा, वादा बड़ा. न नौ मन तेल होगा, न राधा नाचेगी.''

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 22, 2021, 06:10 IST
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नई दिल्ली. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत (Harish Rawat) ने उत्तराखंड में छह महीने में एक लाख लोगों को नौकरी देने की घोषणा करने को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) पर मंगलवार को निशाना साधा.  उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में केजरीवाल ने साढ़े सात वर्षों के दौरान सिर्फ छह हजार लोगों को नौकरियां दी हैं. उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘बड़ा दावा किया गया कि 1 साल में एक लाख नौकरियां दी जाएंगी. सवाल है साढ़े सात साल इनको दिल्ली में सरकार चलाते हो गये हैं. साढे़ सात साल में केवल 6 हजार से कुछ ज्यादा पदों पर सरकारी नौकरियां (Jobs) निकाली व भर्तियां की हैं, जबकि दिल्ली का बजट उत्तराखंड से तीन गुना ज्यादा है.’’

उन्होंने आम आदमी पार्टी के नेता पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘उत्तराखंड का बजट छोटा, वादा बड़ा. न नौ मन तेल होगा, न राधा नाचेगी. केवल चुनाव में बने रहने के लिए बड़ी-बड़ी बातें की जा रही हैं.’’ पिछले दिनों केजरीवाल ने कहा था कि उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर छह माह में एक लाख नौकरी दी जाएंगी और सरकारी एवं निजी क्षेत्र में 80 प्रतिशत नौकरियां उत्तराखंड के युवाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी.

अजय कोठियाल भी मौजूद थे
बता दें कि रविवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कहा था कि उत्तराखंड में अगर आप की सरकार बनती है, तो सभी बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिया जाएगा. जब तक रोजगार नहीं मिलता, तब तक उन्हें सरकार की तरफ से 5000 रुपए महीने दिया जाएगा. AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत करते हुए कहा कि पहाड़ में स्थानीय लोगों के लिए रोजगार बड़ा मुद्दा है, जिसकी तलाश में उन्हें मैदानी इलाकों में आना पड़ता है. उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी ने फ्री बिजली देने का वादा किया, 24 घंटे बिजली का वादा किया तो उसे करके दिखाएंगे. हमारी पार्टी ने दिल्ली में यह करके दिखाया है, इसलिए हम उत्तराखंड में भी यूं ही घोषणा नहीं कर रहे हैं. केजरीवाल के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान AAP के सीएम पद के उम्मीदवार अजय कोठियाल भी मौजूद थे.

 80 प्रतिशत नौकरियां स्थानीय युवाओं को मिलेंगी
केजरीवाल ने उत्तराखंड में छायी बेरोजगारी को लेकर भी बड़ा ऐलान किया था. उन्होंने कहा कि बेरोजगारी के कारण ही पलायन यहां की समस्या बन गई है. उन्होंने कहा कि इसके मद्देनजर ही उनकी पार्टी ने इस पर विचार मंथन किया. इसलिए मैं आज 6 घोषणाएं कर रहा हूं. उन्होंने कहा कि पहली घोषणा यह कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनेगी तो उत्तराखंड के सभी बेरोजगार युवा को रोजगार मुहैया कराया जाएगा. दूसरी यह कि जब तक उस युवा को रोजगार नहीं मिल जाता, तब तक उस परिवार के एक युवा को हर महीने 5000 रुपए दिए जाएंगे. तीसरा ऐलान यह है कि सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में 80 प्रतिशत नौकरियां स्थानीय युवाओं को मिलेंगी.

(इनपुट- भाषा)

Teachers Jobs : उत्तराखंड हाईकोर्ट ने एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती पर लगाई रोक

उत्तराखंड सरकार ने कला वर्ग के  लिए बीएड की अनिवार्यता समाप्त कर दी थी.

Teachers Jobs : उत्तराखंड सरकार ने 13 अक्टूबर 2020 को 1431 एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती निकाली थी. इसके विज्ञापन में 25 फरवरी 2021 को बदलाव कर दिया था. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान माना कि इस तरह भर्ती प्रक्रिया के बीच में बदलाव गलत है.

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नैनीताल. UKSSSC LT Grade Teacher Recruitment : उत्तराखंड में चल रही एलटी ग्रेड टीचर्स की भर्ती पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है. अदालत ने यह रोक कला वर्ग की भर्ती प्रक्रिया पर लगाई है. जस्टिस रविन्द्र मैठाणी की कोर्ट ने सरकार और उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने पूछा कि क्यों भर्ती के दौरान नियमों में बदलाव किया और ऐसा करने वाले आयोग के सचिव पर क्या कार्रवाई होगी, रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करें.
दरअसल प्रकाश गौड़ समेत अन्य ने हाई कोर्ट में याचिका दायर किया है.

याचिकर्ताओं की ओर से कहा गया है कि राज्य सरकार ने एलटी वर्ग में 1431 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन 13 अक्टूबर 2020 को निकाला था. जिसमें बीएड की डिग्री अनिवार्य की गई थी. सरकार ने 25 फरवरी 2021 को नियमों में बदलाव कर आर्ट्स यानी कला वर्ग में बीएड की बाध्यता को खत्म कर दिया. याचिका में कहा गया है कि बिना बीएड के अभ्यर्थियों को भर्ती में शामिल करना गलत है. इस पर रोक लगाई जाए.

भर्ती के बीच में नियम बदलना गलत

याचिका में कहा है कि जिन नियमावली के आधार पर भर्ती शुरू की उसी आधार पर हो. बीच मे भर्ती को बदलना गलत है. लिहाजा, 12 मार्च 2021 का आदेश निरस्त किया जाए. हाई कोर्ट में केस लड़ रहे वकील अभिलाष नैनवाल ने बताया कि जो भी नियमावली में बदलाव सरकर ने किया है वह असंवैधानिक है क्योंकि भर्ती के दौरान नियमों में बदलाव नहीं किया जा सकता है इस बात को कोर्ट ने माना. जिसके बाद कोर्ट ने भर्ती पर रोक लगाई है. अब सरकार के जवाब का इंतजार है.

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उत्तराखंड चुनावः AAP के वादों पर पूर्व CM के सलाहकार ने केजरीवाल से पूछा- क्या है आपका इकोनॉमिक प्लान

Uttarakhand Election: दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल ने आप की सरकार बनने पर फ्री बिजली, सबको रोजगार देने का वादा किया है. (फाइल फोटो.)

Uttarakhand Politics: इस बार उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी की ओर से की जाने वाली तमाम घोषणाओं ने यहां का सियासी मिजाज गर्मा दिया है. पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के मीडिया सलाहकार रहे रमेश भट्ट ने दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल को घोषणाओं पर इंटरव्यू की चुनौती दी है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 18:18 IST
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देहरादून. उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 (Uttarakhand Assembly Election 2022) को लेकर सियासी बिसात बिछनी शुरू हो गई है. उत्तराखंड की सियासी पिच पर अभी तक भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा चुनावी घमासान होता रहा है, लेकिन इस बार आम आदमी पार्टी की ओर से की जाने वाली तमाम घोषणाओं ने यहां का माहौल गर्माना शुरू किया है. इसका असर ये है कि पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के मीडिया सलाहकार रहे रमेश भट्ट ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को उनकी ही घोषणाओं पर चुनौती दे दी है. उन्होंने कहा है कि वह अरविंद केजरीवाल का साक्षात्कार कर यह जानना चाहते हैं कि जनता को फ्री सुविधाएं देने के पीछे केजरीवाल का इकोनॉमिक प्लान क्या है?

रमेश भट्ट पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के मीडिया सलाहकार रहे हैं. हाल ही में आप की ओर से उत्तराखंड में चुनाव के पहले कई वादे कर जनता को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है. इसी को लेकर रमेश भट्ट ने दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को खुला पत्र भेजकर चुनौती दी है. उन्होंने केजरीवाल से साक्षात्कार के लिए समय देने का आग्रह किया है.

हिंदुस्तान अखबार में प्रकाशित एक खबर के मुताबिक भट्ट ने केजरीवाल को भेजे पत्र में लिखा कि आपने उत्तराखंड के युवाओं के लिए कई घोषणाओं के साथ तमाम चुनावी वादे किए हैं. रमेश भट्ट ने लिखा- राज्य का निवासी होने के नाते मैं जानना चाहता हूं कि उत्तराखंड के लिए केजरीवाल का इकोनॉमिक प्लान क्या है? अपनी घोषणाओं को पूरा करने के लिए वे बजट की व्यवस्था कहां से करेंगे? एक आम उत्तराखंडी होने के नाते यह जानना मेरा हक है कि प्रदेश से किए जा रहे वादों के बारे में जानकारी लूं.

उन्होंने कहा कि केजरीवाल समय और स्थान तय करें ताकि मैं इन वादों पर उनका साक्षात्कार कर सकूं. आप की ओर से फिलहाल इस पत्र पर कोई जवाब तो नहीं आया है, लेकिन इसना तो तय है कि आम आदमी पार्टी की ओर से किए जाने वाले वादे यहां के जमे जमाए नेताओं को परेशान करने लगे हैं.

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