लाइव टीवी

नेमत बनकर आई हैं बारिश और बर्फ़बारी... कृषि वैज्ञानिकों ने कहा किसानों को होगा फ़ायदा

Mukesh Bhatt | News18 Uttarakhand
Updated: January 9, 2020, 5:31 PM IST
नेमत बनकर आई हैं बारिश और बर्फ़बारी... कृषि वैज्ञानिकों ने कहा किसानों को होगा फ़ायदा
किसानों के लिए बर्फ़बारी और बारिश नेमतें बनकर बरसी है.

इस समय हुई बर्फ़बारी से सेब के साथ अन्य पहाड़ी फलों पर अच्छा असर पड़ेगा. फलों का साइज़ बड़ा होगा और उसके अच्छे दाम बाजार में काश्तकारों को मिल सकेंगे.

  • Share this:
 

देहरादून. उत्तराखंड में इस सीज़न में बहुत अच्छी बर्फ़बारी हुई है और भले ही टीवी चैनल इससे मुसीबत की बातें लगातार कहें वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बर्फ़बारी और बारिश राज्य के लिए वरदान साबित होगी. कृषि विज्ञान केंद्र ढकरानी के वैज्ञानिकों के कहना है कि बर्फ़बारी से रबी की फसल के साथ दलहन और बागवानी को खासा फ़ायदा पहुंचेगा. किसानों के लिए बर्फ़बारी और बारिश नेमतें बनकर बरसी है.

इन फ़लों के लिए फ़ायदेमंद

बीते 4 दिन से प्रदेश में बारिश और बर्फ़बारी का सिलसिला जारी है. प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाके बर्फ़बारी से लकदक दिखाई दे रहे हैं तो मैदानी क्षेत्र बारिश से पूरी तरह तर हो चुके हैं. ऐसे में भले ही जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ हो,  लेकिन कृषि वैज्ञानिक बर्फ़बारी और बारिश से उत्साहित हैं.

कृषि विज्ञान केंद्र ढकरानी के वैज्ञानिक डॉक्टर एके सिंह का कहना है कि प्रदेश की अधिकांश खेती बारिश पर आधारित है. ऐसे में यह बर्फ़बारी और बारिश बागवानी के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगी. राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में सेब, खुमानी, आडू, चुलू और आलूबुखारे की व्यवसायिक खेती की जाती है. इसके लिए दिसंबर अंत और जनवरी के पहले हफ़्ते में बर्फ़बारी और बारिश बेहद ज़रूरी होती है.

किसानों को होगा फ़ायदा

डॉक्टर एके सिंह बताते हैं कि इस समय हुई बर्फ़बारी से सेब के साथ अन्य पहाड़ी फलों पर अच्छा असर पड़ेगा. इससे फ्लोरिंग अच्छी होगी तो नमी होने के कारण फलों में गूदा भी अच्छा विकसित होगा. इससे फलों का साइज़ बड़ा होगा और उसके अच्छे दाम बाजार में काश्तकारों को मिल सकेंगे.इसी तरह इन दिनों रबी की फसल के साथ दलहन की बुवाई की जा चुकी है. नकदी फसलों में आलू और प्याज की बुवाई हो चुकी है. इस वक्त हुई बारिश से रबी के साथ साथ दलहन और अन्य नगदी फसल भी अच्छी होगी. बारिश और बर्फ़बारी से अनुमानतः इनमें 30% तक की बढ़ोत्तरी हो सकती है.

खुशी लेकर आई बर्फ़बारी

जहां बर्फ़बारी और बारिश फसलों के लिए लाभदायक है. वही इसके अन्य दूरगामी परिणाम भी दिखाई देंगे. काश्तकार मनोहर सिंह चौहान, रमेश आदि कहते हैं कि समय पर हुई बारिश और बर्फ़बारी के चलते वाटर रिसोर्स रिचार्ज होंगे. इसके साथ ही भूजल स्तर बढ़ने से पेयजल की किल्लत भी आने वाले दिनों में कम रहेगी.

ये भी देखें: 

उत्तराखंड में बर्फ से लदे पहाड़, स्नो एरिया 16 फीसदी तक बढ़ा, होंगे ये फायदे

चमोली के निचले इलाक़ों में खिली धूप... ऊंचाई में लगे रहे कोहरा और बादल 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देहरादून से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 9, 2020, 5:31 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर