लॉकडाउन खुलने का सहायता अभियान पर असर... खाना लेने वाले होने लगे कम
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लॉकडाउन खुलने का सहायता अभियान पर असर... खाना लेने वाले होने लगे कम
मोदी किचन देहरादून के वॉर्ड 65 के पार्षद के नेतृत्व में चल रहा है जहां से ज़रूरतमंदों को पका हुआ खाना दिया जा रहा है.

कई लोग को खाना देने के अपने रुकने के स्थान पर समय मिले ही नहीं क्योंकि वह काम पर निकल गए थे. कुछ ने मना कर दिया कि अब उन्हें इसकी ज़रूरत नहीं है.

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देहरादून. लॉकडाउन-3 में देहरादून समेत उत्तराखंड के ज़्यादातर ज़िले खुल गए हैं. दरअसर हरिद्वार को छोड़कर बाकी 12 ज़िले ऑरेंज या ग्रीन ज़ोन में हैं इसलिए सुबह 7 से चार बजे तक सीमित छूट के साथ बहुत सारे काम शुरु हो गए हैं. इसके साथ ही प्रवासी उत्तराखंडियों का वापस आना भी शुरु हो गया है और उत्तराखंड में फंसे अन्य राज्यों के प्रवासी भी वापसी की तैयारी करने लगे हैं. इस सबके बीच ज़रूरतमंदों तक खाना पहुंचाने में जुटे लोग सेवाभाव से इस काम में जुटे हुए हैं. यह राहत की बात है कि दो दिन में ही अब खाना लेने वाले ज़रूरतमंद कम होने लगे हैं.

ज़रूरतमंदों के लिए चल रहे किचन

लॉकडाउन की अवधि में ज़िला प्रशासन विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से ज़रूरतमंदों तक राशन और पका हुआ खाना पहुंचा रहा है. बीजेपी मोदी किचन और कांग्रेस सोनिया किचन के माध्यम से पका हुआ खाना उन लोगों तक पहुंचा रही हैं जिनके पास खाना बनाने की सुविधा नहीं है. ऐसा ही एक मोदी किचन देहरादून के वॉर्ड 65 के पार्षद के नेतृत्व में चल रहा है.



relief to needy in lockdown, लॉकडाउन के दौरान ऐसे युवाओं ने भी राहत कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया जो ऑफ़िस या काम पर नहीं जा पा रहे थे.
लॉकडाउन के दौरान ऐसे युवाओं ने भी राहत कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया जो ऑफ़िस या काम पर नहीं जा पा रहे थे.

मंगलवार को इस किचन का सोलहवां दिन था. नरेश रावत बताते हैं कि लॉकडाउन खुलने के दूसरे दिन ही 60-70 खाने के पैकेट कम इस्तेमाल हुए. कई लोग को खाना देने के अपने रुकने के स्थान पर समय मिले ही नहीं क्योंकि वह काम पर निकल गए थे. कुछ ऐसे भी मिले जिन्होंने धन्यवाद कहकर मना कर दिया कि अब उन्हें इसकी ज़रूरत नहीं है.

ऐसे में यह किचन कितने दिन चलेंगे?

रावत कहते हैं कि जब तक आवश्यकता होगी तब तक चलाए जाएंगे. अभी तक प्रशासन की ओर से भी ऐसा कोई निर्देश या अपील नहीं आई है और अभी ज़रूरतमंद तो हैं ही जिन्हें खाने की ज़रूरत है. स्थिति सामान्य होने के बाद देखा जाएगा.
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