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Rising Uttarakhand में बड़े बयान: दलबदल पर हरक सिंह बोले 'हम साधु नहीं हैं', देवस्थानम बोर्ड मुद्दा भी गूंजा

Rising Uttarakhand में बड़े बयान: दलबदल पर हरक सिंह बोले 'हम साधु नहीं हैं', देवस्थानम बोर्ड मुद्दा भी गूंजा

राइज़िंग उत्तराखंड में प्रीतम सिंह और हरक सिंह रावत के बीच हुई बड़ी बहस.

राइज़िंग उत्तराखंड में प्रीतम सिंह और हरक सिंह रावत के बीच हुई बड़ी बहस.

न्यूज़18 EXLUSIVE : उत्तराखंड चुनाव (Uttarakhand Election) और राजनीति से जुड़े तमाम सवालों और मुद्दों पर बहस के दौरान देवस्थानम बोर्ड (Devsthanam Board) पर बड़े बयान आए. महामंडलेश्वर कैलाशानंद ने तो घोषणा कर दी कि धामी सरकार (Dhami Govt) बोर्ड भंग कर रही है. वहीं अजय भट्ट ने भी कहा कि उनकी अंतरात्मा कहती है कि इस पर जल्द ही कोई सुखद घोषणा होगी. वहीं, सलमान खुर्शीद (Salman Khurshid) की किताब के दावों को भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के नेताओं ने खारिज किया. हरक सिंह रावत और प्रीतम सिंह (Pritam Singh) के बीच बड़ी बहस हुई. राजनीति से लेकर धर्म के प्रतिनिधियों के सभी बड़े बयान यहां पढ़ें.

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    देहरादून. उत्तराखंड चुनाव पर सबसे बड़ी चर्चा राइज़िंग उत्तराखंड में हरक सिंह रावत और नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह के बीच ज़ोरदार बहस हुई, जिसमें हरक सिंह ने राहुल गांधी को नापसंद करने की बात कही और दलबदल को जायज़ ठहराया, तो प्रीतम सिंह ने भाजपा के वादों की चर्चा करते हुए वादाखिलाफ़ी के आरोप लगाए. इससे पहले महिला नेताओं की चर्चा में कांग्रेस की गरिमा दसौनी और आम आदमी पार्टी की उमा सिसौदिया के बीच कड़ी बहस हुई. ‘पावर गेम’ टाइटल बहस में सुबोध उनियाल कांग्रेस समर्थक दर्शकों पर भड़क उठे, तो संत समाज का प्रतिनिधित्व करने आए स्वामी चिदानंद ने राम मंदिर को राष्ट्र निर्माण का मुद्दा माना.

    ‘देवस्थानम बोर्ड पर फैसला ले लिया गया है’
    राइज़िंग उत्तराखंड के ‘अध्यात्म का अखाड़ा’ सत्र में महामंडलेश्वर कैलाशानन्द गिरि ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवस्थानम बोर्ड भंग करने का निर्णय ले लिया है. संत समाज उत्तराखंड चुनाव में किस पार्टी का साथ देगा? इस सवाल पर उन्होंने कहा, गंगा, गाय, संस्कृति और मानवता के रक्षक को आशीर्वाद मिलेगा. वहीं, स्वामी चिदानंद ने राम मंदिर के मुद्दे को राष्ट्र निर्माण का विषय बताया. उन्होंने कहा, सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला था, जिसने सारे फासले मिटा दिए.

    मुझे राहुल गांधी की बॉडी लैंग्वेज पसंद नहीं रही : हरक सिंह
    ‘किसमें कितना है दम’ चर्चा सत्र में कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने बड़े बयान देते हुए कहा कि राजनीति तो राजनीति की तरह होती है. हम साधु संन्यासी नहीं हैं कि दलबदल न करें. चुनाव के समय यह सामान्य प्रक्रिया है. लेकिन सरकार बनाने के लिए किसी को गिरना नहीं चाहिए. हरक सिंह रावत ने यह भी कहा कि उन्हें पीएम नरेंद्र मोदी के मुकाबले राहुल गांधी का व्यक्तित्व पसंद नहीं रहा. वह सोनिया गांधी को ज़्यादा रिस्पेक्ट देते थे.

    इसी बहस में प्रीतम सिंह ने कहा कि जब तक हरक सिंह कांग्रेस में विधायक और मंत्री रहे, तब तक उन्हें राहुल जी अच्छे लगते थे. अब इनका हृदय परिवर्तन हुआ है, तो ऐसा कहना उनकी मजबूरी है. वहीं, सिंह ने भी राजनीति में दरवाज़े खुले रहने की बात दोहराई. साथ ही, प्रीतम सिंह ने अच्छे दिन आए? दो करोड़ लोगों को रोज़गार मिला? क्या लोगों के खाते में 15 लाख रुपया जमा हुआ? काला धन वापस आया? 2019 में जो कहा, क्या वो वादे निभाए? जैसे सवाल उठाकर भाजपा को आड़े हाथों लिया. महंगाई और कृषि कानून पर भी उन्होंने भाजपा की आलोचना की.

    ‘नटवरलाल कौन है, हरीश रावत जानते हैं’
    इससे पहले केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि हरीश रावत पर हमला बोलते हुए कहा, वह जानते हैं कि असली नटवरलाल कौन है. यह टिप्पणी भट्ट ने इसलिए की क्योंकि पहले सत्र में रावत भाजपा की सरकारों पर ठगी का आरोप लगाकर नेतृत्व को नटवरलाल की मिसाल दे गए थे.

    कांग्रेस और आप के बीच घमासान
    ‘पहाड़ की नारी सब पर भारी’ सत्र में कांग्रेस की दसौनी ने कहा, उत्तराखंड में आप अपना खाता खोलने के लिए भी तरस जाएगी. वहीं, आप की उमा सिसोदिया ने कहा कि कांग्रेस इस बार में 10 सीट भी नहीं जीतेगी. इससे पहले दोनों नेताओं ने घोषणाओं और मुद्दों पर बहस की.

    राइज़िंग उत्तराखंड से जुड़े तमाम अपडेट्स के लिए और बड़े बयानों के लिए लगातार न्यूज़18 के साथ जुड़े रहिए.

    Tags: News18 UP Uttarakhand, Uttarakhand Assembly Election 2022, Uttarakhand news, Uttarakhand politics

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