रिस्पना में वृक्षारोपण के लिए शनिवार को खोदे जाएंगे गड्ढे, जुलाई में रोपे जाएंगे पौधे

लंढौर से लेकर शिखर फॉल तक और मोथोरावाला के पास संगम क्षेत्र- जहां रिस्पना और बिंदाल का संगम होता है, में लगभग दो लाख पेड़ लगाए जाएंगे.

News18 Uttarakhand
Updated: May 17, 2018, 8:18 PM IST
रिस्पना में वृक्षारोपण के लिए शनिवार को खोदे जाएंगे गड्ढे, जुलाई में रोपे जाएंगे पौधे
फ़ाइल फ़ोटोः रिस्पना नदी, देहरादून
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Updated: May 17, 2018, 8:18 PM IST
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की पहल पर रिस्पना नदी के पुनर्जीविकरण के लिए एक दिन में ही उद्गम से संगम तक वृक्षारोपण और साफ-सफाई का यह अभियान शनिवार 19 मई से आरम्भ होने जा रहा है. देहरादून के जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने मिशन रिस्पना की विस्तृत कार्ययोजना के बारे में बताया कि अभियान के शुरुआती दौर में नदी के उद्गम क्षेत्र में वृह्द वृक्षारोपण किया जाएगा. इसमें लंढौर से लेकर शिखर फॉल तक और मोथोरावाला के पास संगम क्षेत्र- जहां रिस्पना और बिंदाल का संगम होता है, में लगभग दो लाख पेड़ लगाए जाएंगे.

ज़िलाधिकारी ने बताया कि पौधरोपण क्षेत्र को छोटे- छोटे ब्लॉक में बांटा गया है. हर ब्लॉक 2500 वर्ग मीटर का है जिसमें 250 पौधे लगाए जाएंगे, यह दो चरणों में किया जाएगा. पहले चरण में शनिवार 19 मई, 2018 को गढ्ढे खोदे जाएंगे फिर दूसरे चरण में जुलाई 2018 के दूसरे हफ्ते में पौधे रोपे जाएंगे. मिशन रिस्पना पूरी तरह से वॉलियन्टर्स द्वारा श्रमदान से चलाया जाएगा.

ज़िलाधिकारी ने बताया कि उत्तराखण्ड विज्ञान शिक्षा अनुसन्धान केन्द्र रिस्पना की थ्री डी मॉडलिंग पर कार्य कर रहा है. उत्तराखण्ड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड भी मिशन रिस्पना का निरन्तर फॉलोअप किया जा रहा है. प्रदूषण बोर्ड सिविक बॉडी के साथ मिलकर नालियों की ब्लॉकिंग कर रहा है ताकि नदी में गन्दगी का बहाव का कम किया जा सके. उत्तराखण्ड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड द्वारा बड़ी सॉफ्ट ड्रिंक कम्पनियों से बात की जा रही है ताकि बेकार प्लास्टिक बोतलों का निपटान किया जा सके.
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