साफ़ होगी रिस्पना.... कूड़ा जलाने वाली मशीन ने काम करना शुरू किया

ETV UP/Uttarakhand
Updated: January 12, 2018, 4:12 PM IST
साफ़ होगी रिस्पना.... कूड़ा जलाने वाली मशीन ने काम करना शुरू किया
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Updated: January 12, 2018, 4:12 PM IST
रिस्पना नदी को एक बार फिर पुनर्जीवित करने की कवायद तेज़ हो गई है. राजधानी के बीचों-बीच बहने वाली रिस्पना उद्गम से तो साफ-सुथरी है, लेकिन शहर में आते ही एक गंदे नाले में तब्दील हो जाती है. इसे अब इसके मूल स्वरूप में लौटाने की कवायद शुरू कर दी गई है.

अपने उद्गम स्थल शिखर फॉल पर निर्मल रहने वाली रिस्पना नदी अब राजधानी दून में भी अपने पुराने स्वरूप में लौट सके इसके लिए उत्तराखण्ड सरकार जोर-शोर से जुट गई है. रिस्पना नदी की हालत बद से बदतर हो चुकी है.

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत कहते हैं कि नदी का पुराना सौन्दर्य लौटाकर इसे फिर से ‘ऋषिपर्णा’ में तब्दील करने का संकल्प है.

कहना भले ही आसान हो लेकिन दून की रिस्पना और अल्मोड़ा की कोसी को पुनर्जीवन देने का ‘संकल्प’ कोई मामूली संकल्प नहीं.

दून में रिस्पना को पुनर्जीवित करने से रिस्पना के साथ-साथ बिंदाल, सुसवा, सौंग, तमसा, टौंस, दुल्हनी, चंद्रभागा को भी जीवन मिलेगा. नदी को साफ़ करने के लिए बंगलुरू से लाई गई किल वेस्ट मशीन मददगार साबित होगी.

इस मशीन से कूड़े को ख़त्म किया जा सकेगा. रिस्पना नदी पुनर्जीवी ऐप की मदद से भी रिस्पना को पुराने स्वरूप में भी लौटाने में मदद मिलेगी. लेकिन नदी के आसपास की गंदगी ही नहीं अतिक्रमण को हटाना भी सरकार के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकेगा.

(देहरादून से भारती सकलानी की रिपोर्ट)
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