मार्च से बंद है गंगा में रिवर राफ्टिंग, अब इस व्यवसाय से जुड़े लोगों के सामने रोजी- रोटी का संकट

कौड़ियाला से ऋषिकेश तक का 35 किलोमीटर का व्हाइट रिवर राफ्टिंग का ट्रैक बेहद ही रोमांच भरा है.
कौड़ियाला से ऋषिकेश तक का 35 किलोमीटर का व्हाइट रिवर राफ्टिंग का ट्रैक बेहद ही रोमांच भरा है.

राफ्टिंग समिति के अध्यक्ष दिनेश भट्ट (Dinesh Bhatt) का कहना है कि कोरोना वायरस ने ऋषिकेश के एडवेंचर टूरिज्म को तगड़ा नुकसान पहुंचाया है. इस व्यवसाय से जुड़े लोगों के सामने रोजी- रोटी का संकट आ गया है.

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ऋषिकेश. उत्तराखंड (Uttarakhand) में पलायन और रोजगार को लेकर हमेशा आवाज उठती रहती है .ऋषिकेश (Rishikesh) में एक ऐसा रोजगार है जिसे स्थानीय युवाओं ने अपने दम पर खड़ा करके करोड़ों रुपए के टर्नओवर की इंडस्ट्री बना दिया है. देशी- विदेशी पर्यटक इस इंडस्ट्री का मजा लेने खींचे चले आते हैं. स्थानीय युवाओं द्वारा डेवलेप किया गया ऐसा रोज़गार जिसकी देश-विदेश में अलग पहचान है. इस व्यवसाय से प्रत्यक्ष तौर पर 50 हजार परिवार जुड़े हैं. चाहे वह परिवर राफ्टिंग गाइड (Rafting Guide) हो या परिवहन कंपनी के मालिक हो या फिर होटल व्यवसाई हो. सभी की रोजी रोटी इस व्यवसाय से जुड़ी हुई है.

ऐसे में 22 मार्च से लगे लॉकडाउन ने इस व्यवसाय के साथ- साथ इससे जुड़े सभी लोगों के रोजी-रोटी पर गहरा असर डाला है. क्योंकि देश- विदेश के पर्यटक ऋषिकेश के राफ्टिंग जोन में मस्ती करने आते हैं. आपको बता दें कौड़ियाला से ऋषिकेश तक का 35 किलोमीटर का व्हाइट रिवर राफ्टिंग का ट्रैक बेहद ही रोमांच भरा है, जिसमें वर्ल्ड क्लास 8 रैपिड आते हैं. लगभग 250 से ज्यादा रजिस्टर्ड रिवर राफ्टिंग कंपनियां गंगा में रोमांच के इस खेल को कराती हैं. शिवपुरी से कोड़ियाला और ब्रह्मपुरी से ऋषीकेश तक वर्ड फेमस राफ्टिंग जोन है, जहां 8 ऐसे रैपिड है जो पर्यटकों को जीवन में रोमांच से रूबरू करा देते है.

कोरोना वायरस ऋषिकेश के एडवेंचर टूरिज्म को तगड़ा नुकसान पहुंचाया है
राफ्टिंग समिति के अध्यक्ष दिनेश भट्ट का कहना है कि कोरोना वायरस ने ऋषिकेश के एडवेंचर टूरिज्म को तगड़ा नुकसान पहुंचाया है. इस व्यवसाय से जुड़े लोगों के सामने रोजी- रोटी का संकट आ गया है जो लगभग एक साल तक बना रहेगा. जब तक नया सीजन शुरू नहीं होता. साथी उत्तराखंड के टूरिज्म की रीढ़ माने जाने वाले राफ्टिंग व्यवसाय पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जाएगा. ऐसे में सरकार को चाहिए कि एडवेंचर टूरिज्म को एक आर्थिक पैकेज दे, जिससे इस उद्योग को राहत मिल सके और दोबारा गंगा नदी में रिवर राफ्टिंग पहले की तरह शुरू हो सके.
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