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घर-घर तक पाइपलाइन से पहुंची गैस, रुद्रपुर बना राज्य का पहला शहर

घर-घर तक पाइपलाइन से पहुंची गैस, रुद्रपुर बना राज्य का पहला शहर

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को ओएनजीसी सभागार से उत्तराखण्ड के प्रथम सीजीडी (सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन) रुद्रपुर का शुभारम्भ किया.

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को ओएनजीसी सभागार से उत्तराखण्ड के प्रथम सीजीडी (सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन) रुद्रपुर का शुभारम्भ किया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि दून वैली को भी सीएनजी, पीएनजी पर निर्भर बनाएंगे. आज हम इस दिशा में आगे बढे हैं.

    मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को ओएनजीसी सभागार से उत्तराखण्ड के प्रथम सीजीडी (सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन) रुद्रपुर का शुभारम्भ किया. यह उत्तराखण्ड का पहला तथा देश का आठवां सीजीडी है. 500 किलोमीटर की यह पाइप लाइन 2020 तक पूरी हो जाएगी. इसके ज़रिए 2000 लोगों को रोज़गार मिलेगा.

    इस पाइप लाइन के अन्तर्गत जसपुर में एक, काशीपुर में दो, बाजपुर में एक, रूद्रपुर में तीन, किच्छा में एक, खटीमा में एक तथा कुल मिलाकर 10 स्थानों को सीएनजी स्टेशन के लिए चिन्हित किया गया है. लगभग 250 करोड़ रुपये की इस परियोजना से उत्तराखण्ड में काशीपुर से रूद्रपुर/पन्तनगर तक क्षेत्र   आच्छादित करेगा. इसके साथ ही मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र पेट्रोलियम और नेचुरल रेग्यूलेट्री बोर्ड द्वारा आयोजित 9वें सीजीडी बिडिंग राउन्ड रोड शो में शामिल हुआ.

    मुख्यमंत्री ने रुद्रपुर वासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पेट्रोलियम और नेचुरल रेग्यूलेट्री बोर्ड और अदानी ग्रुप के संयुक्त प्रयासों से आज रुद्रपुर में घरेलू गैस की आपूर्ति गैस पाइप लाइन द्वारा आरम्भ हो गई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के छह माह पूरे होने पर हमने वादा किया था कि दून वैली को भी सीएनजी, पीएनजी पर निर्भर बनाएंगे. आज हम इस दिशा में आगे बढे हैं, आशा है कि 2019 तक देहरादून में भी सीएनजी, पीएनजी की सुविधा उपलब्ध होगी.

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    देहरादून एवं दून वैली पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील है. उत्तराखण्ड पुरे देश को प्राणवायु देता है. यह महत्वपूर्ण पहल है. हिमालय और उत्तराखण्ड के जंगल, नदियां तथा पर्यावरण देश के लिए वरदान है. राज्य सरकार द्वारा पिरूल से बिजली बनाने का निर्णय लिया है. हमारे जंगलों में लगभग लाख मीट्रिक टन है. पिरूल को आय का ज़रिया बनाया जाएगा, तारपीन बायोफ़्यूल आदि का उत्पादन किया जाएगा. इस योजना से 60000 लोगों को रोजगार मिलेगा तथा 150 मेगावॉट बिजली पैदा होगी. बायोफ़्यूल उत्पादन के लिए देहरादून के भूमि आवंटित की जा रही है. राज्य सरकार का प्रयास है कि पर्यावरण संरक्षण के साथ ही पलायन पर प्रभावी अकुंश लगाया जा सके.

    पेट्रोलियम एवं नेचुरल रेग्यूलेट्री बोर्ड के अध्यक्ष जीके श्रॉफ ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सीजीडी के लिए अच्छा सहयोग दिया जा रहा है. उत्तराखण्ड में हरिद्वार तथा उधम सिंह नगर इस पर कार्य किया जा रहा है. देहरादून के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया जा रहा है. गेल द्वारा 2019 तक हरिद्वार में गैस पाइप लाइन पर कार्य पूरा कर लिया जाएगा. राज्य सरकार द्वारा हर संभव सहयोग दिया जा रहा है. इस सम्बन्ध में सभी प्रकार के अनुमोदन जल्द ही मिल रहे हैं देहरादून के सेलाकुई क्षेत्र, ऋषिकेश के औद्योगिक क्षेत्र में जल्द ही सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन आरम्भ किया जाएगा.

    कार्यक्रम को पेट्रोलियम एवं नेचुरल रेग्यूलेट्री बोर्ड के सदस्य एस पी गर्ग, अतिरिक्त सलाहकार पीएनजीआरबी अरविन्द कुमार ने भी सम्बोधित किया. इस अवसर पर पीएनजीआरबी की अधिकारी, अदानी गु्रप के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में निवेशक भी उपस्थित थे.

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