डिस्चार्ज होने के चंद घंटों बाद AIIMS ऋषिकेश में फिर भर्ती हुए सतपाल महाराज के परिजन
Dehradun News in Hindi

डिस्चार्ज होने के चंद घंटों बाद AIIMS ऋषिकेश में फिर भर्ती हुए सतपाल महाराज के परिजन
सतपाल महाराज के घर के बाहर खड़ी एंबुलेंस. कोरोना पॉज़िटिव पाए जाने पर उन्हें और उनके परिजनों को एम्स ऋषिकेश में भर्ती करवाया गया था.

यह उत्तराखंड का अकेला मामला है जिसमें कोरोना (COVID-19) पॉज़िटिव पाए जाने के बाद किसी को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया हो.

  • Share this:
  • fb
  • twitter
  • linkedin
ऋषिकेश. उत्तराखंड के धर्मस्व और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज (Satpal Maharaj) के परिजनों को फिर से एम्स ऋषिकेश (AIIMS Rishikesh) में एडमिट कर दिया गया है. इससे पहले सोमवार शाम को कैबिनेट मंत्री के परिवार के पांच सदस्यों को होम क्वारंटाइन होने की शर्त पर एम्स से डिस्चार्ज कर दिया गया था. यह उत्तराखंड का अकेला मामला है जिसमें कोरोना (COVID-19) पॉज़िटिव पाए जाने के बाद किसी को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया हो. इस पर सोशल मीडिया में बवाल होने और विपक्ष के हमलावर होने के बाद चंद घंटों में ही इन सभी को वापस एम्स में एडमिट कर दिया गया. एम्स प्रशासन इस बारे में सही से स्पष्टीकरण भी नहीं दे रहा है.

मंत्री समेत 22 सेल्फ क्वारंटाइन

सतपाल महाराज की पत्नी को कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई तो उनके क्लोज़ कॉंटेक्ट्स के टेस्ट करवाए गए. इसके बाद पता चला कि सतपाल महाराज समेत उनके स्टाफ़ और परिजनों को मिलाकर कुल 22 लोग कोरोना पॉज़िटिव हैं. इसके बाद मुख्यमंत्री समेत कैबिनेट के सदस्यों तक को सेल्फ क्वारंटाइन करना पड़ा तो लापरवाही के लिए सतपाल महाराज विपक्ष के निशाने पर आ गए.



सतपाल महाराज, उनकी पत्नी अमृता रावत समेत परिवार को एम्स ऋषिकेश में भर्ती करवाया गया था. सोमवार शाम एम्स प्रशासन ने उनके परिवार के 5 सदस्यों को होम क्वारंटाइन करने की बात कहकर डिस्चार्ज कर दिया. एम्स प्रशासन ने कहा कि ये सभी सदस्य एसिम्प्टमैटिक (ऐसा व्यक्ति जिसमें रोग के लक्षण न दिखाई दे रहे हों) थे. एम्स की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन में कहा गया किकेंद्र सरकार की गाइडलाइन्स के आधार पर इन लोगों को अस्पताल से छुट्टी दी गई है.



बदहाल क्वारंटाइन सेंटर्स

उत्तराखंड में क्वारंटाइन सेंटर्स की खस्ता हालत और  बदइंतज़ामी की ख़बरें लगातार आ रही हैं. क्वारंटाइन सेंटर्स में सांप निकल रहे हैं, गुलदार धमक रहे हैं और तो और एक बच्ची की सांप के डसने से मौत तक हो गई है. अन्य राज्यों से आए प्रवासियों और हवाई सेवा से यात्रा कर रहे लोगों को 14 दिनों के लिए क्वॉरंटीइन रहना पड़ रहा है. ऐसे में कैबिनेट मंत्री पर यह मेहरबानी किसी के गले नहीं उतरी.

सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठाने लगे. पहले ही सतपाल महाराज के इस मामले पर व्यवहार को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे. आरोग्य सेतु ऐप का प्रचार करने वाले सतपाल महाराज अगर खुद ही उसका ईमानदारी से इस्तेमाल करते तो पूरे परिवार को संक्रमण नहीं होता और सीएम, कैबिनेट मंत्रियों को क्वारंटाइन किए जाने की नौबत नहीं आती.

खुद ही गए, खुद ही आए 

बहरहाल सोमवार रात को ही यह खबर आने लगी थी कि ऋषिकेश एम्स ने अपने फैसले को वापस लेते हुए सतपाल महाराज के परिवार को वापस ऋषिकेश एम्स में एडमिट कर लिया है. देर रात तक ऋषिकेश एम्स इस खबर पर पर्दा डालने की कोशिश करता रहा और कोई भी ज़िम्मेदार अधिकारी इसकी पुष्टि करने को तैयार नहीं हुआ.

सुबह एम्स प्रशासन ने कहा कि मंत्री की फैमिली वापस कैसे आई है इसके बारे में उनको भी जानकारी नहीं है. लेकिन उनके आग्रह पर पांचों सदस्यों को फिर से एम्स में भर्ती कर लिया गया है. एम्स की इस कार्यप्रणाली पर और वीवीआईपी कल्चर पर उत्तराखंड की सियासत धीरे-धीरे गर्म होने लगी है आम लोगों सहित विपक्ष भी डिस्चार्ज करने को लेकर मुद्दा बना रहा है.

ये भी देखें: 
First published: June 2, 2020, 12:03 PM IST
अगली ख़बर

फोटो

corona virus btn
corona virus btn
Loading