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485 करोड़ की क्रिप्टो करेंसी के चक्कर में गई थी देहरादून में शकूर की जान... बिटकॉयन पासवर्ड के लिए किया गया था टॉर्चर

485 करोड़ की क्रिप्टो करेंसी के चक्कर में गई थी देहरादून में शकूर की जान... बिटकॉयन पासवर्ड के लिए किया गया था टॉर्चर

देहरादून के मैक्स अस्पताल में एक लाश को छोड़कर भागने के मामले में पुलिस ने 5 युवकों को गिरफ़्तार कर लिया है. यह मामला क्रिप्टो करेंसी बिटकॉयन से जुड़ा है. (प्रतीकात्मक फ़ोटो)

देहरादून के मैक्स अस्पताल में एक लाश को छोड़कर भागने के मामले में पुलिस ने 5 युवकों को गिरफ़्तार कर लिया है. यह मामला क्रिप्टो करेंसी बिटकॉयन से जुड़ा है. (प्रतीकात्मक फ़ोटो)

शकूर की मौत से करीब 500 करोड़ रुपये धुआं हो जाने थे इसलिए ये लोग उसकी लाश लेकर एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल दौड़े लेकिन कोई फ़ायदा नहीं हुआ.

देहरादून (Dehradun) के मैक्स अस्पताल (Max Hospital) में एक लाश (Dead Body) को छोड़कर भागने के मामले में पुलिस ने 5 युवकों को गिरफ़्तार (Arrest) कर लिया है और 4 अन्य आरोपी फ़रार (absconding) भी बताए जा रहे हैं. देहरादून पुलिस (Dehradun Police) ने इसका ख़ुलासा किया तो चौंकाने वाली बात बताई. शुरुआत में जो सामान्य मारपीट का मामला लग रहा था वह अरबों (Billions) का खेल निकला. क्रिप्टो करेंसी (Crypto Currency) बिटकॉयन (Bitcoin) के इस मामले के तार केरल (Kerala) से जुड़े हुए हैं और मारे गए अब्दुल शकूर (Abdul Shakur) के साथ ही करीब 485 करोड़ रुपये हवा हो गए हैं.

सबसे करीबी की साज़िश 

देहरादून के एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि अब्दुल शकूर अपनी दो कंपनियों के ज़रिए बिटकॉयन में इनवेस्ट करवाया करता था. कुछ समय पहले बिटकॉयन के बिज़नेस में नुक़सान हो गया था और इन्वेस्टर्स उससे पैसा मांग रहे थे. इस वजह से तीन-चार महीने से केरल छोड़कर इधर-उधर रह रहा था.

एसएसपी के अनुसार यह चार लोगों की अपनी कोर टीम के साथ इधर-उधर रह रहा था. शकूर के सबसे पुराने और करीबी साथी आशिक ने उससे बिटकॉयन का पैसा छीनने का प्लान बनाया. उसने अपने 5 एजेंट्स के साथ मिलकर साज़िश रची कि शकूर को किसी ऐसी जगह ले जाया जाए जहां उससे बिटकॉयन के पासवर्ड निकलवाए जा सकें. इससे उन्हें कई सौ करोड़ रुपये मिलने की गुंजाइश दिख रही थी.

मर गया, पासवर्ड नहीं बताया 

आशिक ने बीएफ़आईटी में एमबीए कर रहे यासीन नाम के युवक को भी इस साज़िश में शामिल कर लिया. इन लोगों ने शकूर की कोर टीम के बाकी तीन लोगों को भी अपने साथ आने के लिए मना लिया. फिर इन्होंने मांडूवाला में एक घर किराए पर लिया और वहां इस साज़िश को अंजाम दिया.

मांडूवाला में अब्दुल शकूर से बिटकॉयन अकाउंट का पासवर्ड निकलवाने के लिए इन लोगों ने उसे टॉर्चर किया लेकिन शकूर इनके अनुमान से ज़्यादा मजबूत निकला. इनके टॉर्चर से वह बेहोश हो गया तो ये लोग उसे लेकर सिनर्जी हॉस्पिटल दौड़े. वहां डॉक्टरों ने बताया कि उसकी मौत हो चुकी है.

मुख्य साज़िशकर्ता फ़रार  

चूंकि शकूर की मौत से करीब 500 करोड़ रुपये धुआं हो जाने थे इसलिए ये लोग उसकी लाश लेकर बड़े अस्पताल की तलाश में मैक्स पहुंचे. वहां भी इन्हें किसी चमत्कार का सहारा नहीं मिला. जब डॉक्टरों ने बताया कि शकूर की मौत हो चुकी है और उसके ज़िंदा होने की कोई संभावना नहीं है तो ये लोग उसकी लाश छोड़कर भाग निकले.

एसएसपी ने बताया कि इस मामले में 5 युवकों को गिरफ़्तार कर लिया है और बाकी की तलाश जारी है. मुख्य साज़िशकर्ता आशिक और उसका साथी यासीन भी अभी फ़रार है. आशिक के कब्ज़े में आने के बाद कुछ और महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है.

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Tags: Bitcoin, Uttarakhand Crime, Uttarakhand news, Uttarakhand Police

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