जल्द पेपरलेस हो जाएंगी मंत्रिमंडल की बैठकें... सचिवालय में लगी मंत्रियों की क्लास
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जल्द पेपरलेस हो जाएंगी मंत्रिमंडल की बैठकें... सचिवालय में लगी मंत्रियों की क्लास
सोमवार को सचिवालय में ई-मंत्रिमंडल से सम्बन्धित जानकारी सभी मंत्रियों को उपलब्ध कराने के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

मुख्यमंत्री (CM Trivendra Singh Rawat) ने कहा कि हम ग्रीन कैबिनेट (Green Cabinet) की ओर बढ़ रहे हैं. यह ई-गवर्नेंस (E-Governance) की दिशा में बढ़ाया गया एक बेहतर कदम है.

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देहरादून. राज्य सरकार ने ई-गवर्नेंस (E-Governance) की दिशा में प्रभावी पहल करते हुए मंत्रिमंडल (Cabinet) की बैठकों को धीरे-धीरे पेपरलेस (Paperless) किए जाने का निर्णय लिया गया है. इसके लिए सोमवार को सचिवालय में ई-मंत्रिमंडल (E-Cabinet) से सम्बन्धित जानकारी सभी मंत्रियों को उपलब्ध कराने के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस प्रशिक्षण में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत (CM Trivendra Singh Rawat) के साथ छह और मंत्री शामिल हुए. कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज (Satpal Maharaj) और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल (Subodh Uniyal) इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल नहीं थे. बता दें कि सतपाल महाराज के बेटे की आज शादी है.

ग्रीन कैबिनेट की ओर एक कदम 

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि नवम्बर माह में आयोजित होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक को ई-मंत्रिमंडल के रूप में आयोजित किया जाएगा. इसके साथ ही ई-मंत्रिमंडल पोर्टल पर अब तक हुई मंत्रिमंडल की बैठकों में लिए गए निर्णयों को भी अपलोड किया जाएगा.



मुख्यमंत्री ने कहा कि हम ग्रीन कैबिनेट की ओर बढ़ रहे हैं. यह ई-गवर्नेंस की दिशा में बढ़ाया गया एक बेहतर कदम है. इससे पेपर की बचत होगी और कम से कम पेपर के उपयोग से पर्यावरण को भी बचाने में सहायता मिलेगी. इसके साथ ही साथ ही निर्णयों के क्रियान्वयन में तेजी लाने के साथ ही पारदर्शिता भी आएगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे शासन की योजनाओं की जानकारी भी त्वरित रूप से आम जनता को उपलब्ध करायी जा सकेगी. उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की यह पहल अन्य राज्यों को भी पेपरलेस गवर्नेंस के लिए प्रेरित करेगी.

प्रशिक्षण और परीक्षण 

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने बताया कि ई-मंत्रिमंडल की शुरुआत होने के उपरान्त मंत्रिमंडल के कार्यों के लिए गोपन विभाग का पूरी तरह कम्पयूटराइज़ेशन किया जाना है. इससे सभी विभाग, मंत्रिमंडल की बैठक सम्बन्धित कार्यों के लिए गोपन विभाग से सीधे जुड़ जाएंगे. साथ ही इससे मंत्रिमंडल के निर्णयों के कार्यान्वयन के बारे में क़ागज़ों के बिना भी जाना जा सकेगा और समीक्षा की जा सकेगी.

ई-मंत्रिमण्डल को एनआईसी ने तैयार किया है. एनआईसी के अरुण शर्मा ने बताया कि गोपन विभाग ने प्रणाली का परीक्षण कर लिया है और सचिवालय के अपर सचिव, संयुक्त सचिव, उपसचिव, अनुसचिव एवं 110 अनुभाग अधिकारियों को इसके लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है.

प्रशिक्षण कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत, मदन कौशिक, यशपाल आर्य, अरविन्द पाण्डेय, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रेखा आर्या और राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धनसिंह रावत उपस्थित थे.

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