उत्तराखंड के विधायक मांगें मोर

उत्तराखंड में डबल इंजन की सरकार बनने के बाद कैबिनेट विस्तार नहीं हुआ है. नया साल शुरू होते ही मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें तेज़ हो गयी हैं. कई नेता उम्मीद लगाए बैठे हैं कि नया साल उन्हें नयी ज़िम्मेदारी देगा. कुछ विधायक तो दबी ज़ुबान से कहने लगे हैं कि जल्दी ही कैबिनेट विस्तार होना चाहिए.

Mukesh Kumar | ETV UP/Uttarakhand
Updated: January 16, 2018, 9:57 AM IST
उत्तराखंड के विधायक मांगें मोर
त्रिवेंद्र कैबिनेट के विस्तार की अटकलें तेज़
Mukesh Kumar | ETV UP/Uttarakhand
Updated: January 16, 2018, 9:57 AM IST
उत्तराखंड में डबल इंजन की सरकार बनने के बाद कैबिनेट विस्तार नहीं हुआ है. नया साल शुरू होते ही मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें तेज़ हो गयी हैं. कई नेता उम्मीद लगाए बैठे हैं कि नया साल उन्हें नयी ज़िम्मेदारी देगा. कुछ विधायक तो दबी ज़ुबान से कहने लगे हैं कि जल्दी ही कैबिनेट विस्तार होना चाहिए.
नया साल शुरू होते ही कैबिनेट विस्तार की अटकलें तेज़ हो गयी हैं. त्रिवेन्द्र कैबिनेट में सिर्फ 2 मंत्री नये बनने की गुंजाइश है, लेकिन दावेदार 48 हैं.18 मार्च 2017 को त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. उनके साथ 7 कैबिनेट और 2 स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्रियों ने ने भी शपथ ली थी. लेकिन उसके बाद से अब करीब 10 महीने से कैबिनेट में 2 पद खाली पड़े हैं. पड़ोसी राज्य हिमाचल में नयी सरकार बनते ही वहां सभी मंत्री पद भर दिए गए. इसके बाद से त्रिवेन्द्र सरकार पर भी मंत्री पद भरने का दबाव बढ़ गया है. 57 विधायकों वाली डबल इंजन सरकार में अब विधायकों का सब्र जवाब देने लगा है, वो भी कहने लगे हैं कि देर हो रही है.

पिछले कई हफ्तों से दायित्व बंटवारे की चर्चाएं देहरादून से लेकर दिल्ली तक आम हैं. लेकिन खुद मुख्यमंत्री इन अटकलों पर कुछ नहीं बोल रहे. दरअसल उन्हें भी दिल्ली से मुहर लगने का इंतज़ार होगा.
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