सामूहिक अवकाश पर रहे राज्य के कर्मचारी, प्रदर्शन में 10 लाख के शामिल होने का दावा

मोर्चा के संयोजक संतोष रावत ने कहा कि वह सरकार से गुहार लगाकर थक गए हैं और इसीलिए सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करना पड़ रहा है.

Sunil Navprabhat | News18 Uttarakhand
Updated: May 18, 2018, 5:35 PM IST
सामूहिक अवकाश पर रहे राज्य के कर्मचारी, प्रदर्शन में 10 लाख के शामिल होने का दावा
उत्तराखंड कार्मिक, शिक्षक, आउटसोर्स संयुक्त मोर्चा के बैनर तले प्रदेश भर में करीब 10 लाख कार्मिक आज सामूहिक अवकाश लेकर प्रदेश भर में प्रदर्शन कर किया.
Sunil Navprabhat | News18 Uttarakhand
Updated: May 18, 2018, 5:35 PM IST
चौदह सूत्रीय मांगों को लेकर उत्तराखंड कार्मिक, शिक्षक, आउटसोर्स संयुक्त मोर्चा के बैनर तले प्रदेश भर में करीब 10 लाख कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर किया. कर्मचारियों के इस आंदोलन के चलते बड़े पैमाने पर कामकाज प्रभावित होने की आशंका है.

राजधानी देहरादून के परेड ग्राउंड में हजारों की संख्या में विभिन्न विभागों के कर्मचारी जुटे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया. मोर्चे के बैनर तले 23 महासंघ इस आंदोलन में हिस्सेदारी कर रहे हैं.

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वह सरकार से कोई नई मांग नहीं कर रहे हैं, सिर्फ़ इतना चाहते हैं कि सरकारों ने समय-समय पर कर्मचारी आंदोलनों के बाद जो शासनादेश जारी किए हैं, उन्हें लागू किया जाए. उन्होंने वित्त विभाग पर कर्मचारी विरोधी नीतियां लागू करने का आरोप भी लगाया.

मोर्चा के मुख्य संयोजक ठाकुर प्रहलाद सिंह ने दावा किया कि पूरे राज्य में दस लाख कर्मचारी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. राजधानी में हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए.

मोर्चा के संयोजक संतोष रावत ने कहा कि वह सरकार से गुहार लगाकर थक गए हैं और इसीलिए सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करना पड़ रहा है. रावत के अऩुसार मोर्चे की इन मांगों पर मुख्य सचिव से बात भी हुई थी लेकिन अभी तक शासन ने उनकी मांगों पर कोई फ़ैसला करने के संकेत नहीं दिए हैं. रावत ने कहा कि अगर सरकार फ़ैसला करने में देरी करेगी तो कर्मचारियों का विरोध और बढ़ेगा.

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मोर्चे की प्रमुख मांगें हैं:-

  • कार्मिक विभाग द्वारा जारी सेवा नियमावली के अंतर्गत 03 पदोन्नति स्वीकृति की जाए अथवा 03 एसीपी का लाभ कर्मचारियों को दिया जाए.

  • शासन ने एक जनवरी 2017 से एसीपी की नई व्यवस्था लागू की है. इसके तहत 10,16 और 30 साल में कर्मचारियों को एसीपी का लाभ दिया जाएगा. मोर्चे की मांग है कि एसीपी की व्यवस्था पहले की तरह 10, 16, 26 साल लागू की जाए.

  • सातवें वेतनमान की संस्तुतियों को लागू किया जाए. इसके अंतर्गत कार्मिकों को समस्त भत्तों का लाभ दिया जाए.

  • उपनल, आउटसोर्स से लगे कार्मिकों को नियमित किया जाए या उन्हें समान कार्य का समान वेतन दिया जाए.

  • बावन वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके पुरुष कार्मिकों और 50 वर्ष की आयु सीमा पूर्ण कर चुकी महिला कर्मचारियों को ट्रांस्फ़र एक्ट से मुक्त रखा जाए.

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