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टीएचडीसी विनिवेश पर सरकार का वादा... प्रदेश के हितों का ध्यान रखा जाएगा

Deepankar Bhatt | News18 Uttarakhand
Updated: December 10, 2019, 3:00 PM IST
टीएचडीसी विनिवेश पर सरकार का वादा... प्रदेश के हितों का ध्यान रखा जाएगा
टीएचडीसी के विनिवेश का मुद्दा मंगलवार को सदन में उठा. (फ़ाइल फ़ोटो- टिहरी बांध)

टीएचडीसी में केंद्र की 75 और उत्तर प्रदेश की 25 फ़ीसदी हिस्सेदारी है. केंद्र ने अपनी सारी हिस्सेदारी एनटीपीसी को बेचने का फ़ैसला किया है.

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देहारदून. टीएचडीसी के विनिवेश का मुद्दा आज सदन में उठा. हालांकि कांग्रेस ने शीतकालीन सत्र के चौथे दिन यानी सोमवार को ही नियम 310 में टीएचडीसी का मुद्दा उठाने की बात कही थी लेकिन बीते रोज़ चार धाम श्राइन बोर्ड के मामले पर ही चर्चा और हंगामा होता रहा. आज विधानसभा अध्यक्ष ने यह मामला नियम 58 में उठाने की अनुमति दी. चर्चा के बाद राज्य सरकार की ओर से संसदीय कार्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि इस मुद्दे पर केंद्र से बात की जाएगी.

फ़ायदे वाली संस्था को क्यों बेचना? 

बता दें कि पिछले महीने ही केंद्र सरकार की आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने टीएचडीसी समेत सार्वजनिक क्षेत्र के 5 उपक्रमों में अपनी हिस्सेदारी बेचने का फ़ैसला किया था. टीएचडीसी में केंद्र की 75 और उत्तर प्रदेश की 25 फ़ीसदी हिस्सेदारी है. केंद्र ने अपनी सारी हिस्सेदारी एनटीपीसी को बेचने का फ़ैसला किया है. यह फ़ैसला आने से पहले ही कांग्रेस ने इस विनिवेश का विरोध शुरु कर दिया था.

आज सदन में नियम 58 के तहत इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने कहा कि टिहरी बांध देश की धरोहर है. इससे लाखों लोगों की रोज़ी-रोटी जुड़ी हुई है. केंद्र के इस फ़ैसले से टिहरी की जनता और कर्मचारी गुस्से में हैं. इंदिरा हृदयेश ने पूछा कि आखिर फ़ायदे में काम कर रही संस्था को क्यों बेचा जा रहा है?

हिमाचल ने बचा ली थी सतलुज जल-विद्युत परियोजना 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और चकराता विधायक प्रीतम सिंह ने कहा कि राज्य सरकार को टीएचडीसी से कोई सरोकार नहीं है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को यह मुद्दा उठाना चाहिए था. टिहरी के कई गांवों का अभी तक विस्थापन नहीं हुआ है. एनटीपीसी आने से लोग परेशान होंगे. प्रीतम सिंह ने कहा कि हिमाचल की सरकार ने सतलुज जल-विद्युत परियोजना का मामला उठाया तो वह बच गई.

टीएचडीसी निजीकरण के मुद्दे पर सरकार का पक्ष रखते हुए संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने कहा कि टीएचडीसी को लेकर कोई शंका नहीं होनी चाहिए. टीएचडीसी राज्य और देश का गौरव है. उन्होंने कहा कि अभी तक विलय का कोई पत्र राज्य सरकार के पास नहीं आया है.कौशिक ने कहा कि जब भी राज्य सरकार के सामने मामला आएगा, सरकार, भारत सरकार के सामने अपना पक्ष रखेगी. उन्होंने कहा कि प्रदेश का हित आगे रहेगा, राज्य का कोई नुकसान नहीं होने देंगे.

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First published: December 10, 2019, 2:56 PM IST
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