उत्तराखंड से MBBS नहीं करते ऑल इंडिया कोटे के छात्र, ये है वजह

इस साल ऑल इंडिया कोटे की 64 में से 54 सीटें खाली रहीं, ऑल इंडिया कोटे के छात्रों को उत्तराखंड में MBBS बहुत महंगा पड़ता है. जानकार इसके लिए राज्य के कमज़ोर रवैये को जिम्मेदार बताते हैं.

Deepankar Bhatt | News18 Uttarakhand
Updated: August 5, 2019, 3:04 PM IST
उत्तराखंड से MBBS नहीं करते ऑल इंडिया कोटे के छात्र, ये है वजह
उत्तराखंड में MBBS नहीं करते ऑल इंडिया कोटे के छात्र
Deepankar Bhatt
Deepankar Bhatt | News18 Uttarakhand
Updated: August 5, 2019, 3:04 PM IST
एमबीबीएस कोर्स के बाद डॉक्टर बनना हर किसी का सपना होता है और कोई भी इस मौके को छोड़ना नहीं चाहता. पर उत्तराखंड में ऑल इंडिया कोटे की सीट पर ऑल इंडिया रैंकिंग के स्टूडेंट्स एडमिशन नहीं लेना चाहते. इस साल भी 2019-20 बैच के एडमिशन में ये बात देखने को मिली है. केवल 10 छात्रों ने इस साल इस कोटे में एडमिशन लिया है. हालांकि इसका फायदा राज्य के छात्रों को मिला है. 64 में से 54 सीटें इस साल राज्य कोटे में आ गईं हैं.

आल इंडिया कोटे की 64 में से 54 सीटें खाली
उत्तराखंड में 3 सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं जिनमें श्रीनगर में 125, हल्द्वानी में 125 और दून मेडिकल कॉलेज की 175 सीटें, कुल मिलाकर राज्य की 425 एमबीबीएस सीटों में से 15 परसेंट सीटें यानी 64 सीटें ऑल इंडिया कोटे के लिए रिजर्व हैं. लेकिन इस बार ऑल इंडिया कोटे के स्टूडेंट्स ने उत्तराखंड के सरकारी मेडिकल कॉलेजों से कन्नी काट ली है. 64 सीटों में से सिर्फ 10 सीटों पर एडमिशन हुए. जबकि 54 सीटें खाली रह गईं.जब ऑल इंडिया कोटे में स्टूडेंट नहीं आए तो मेडिकल यूनिवर्सिटी ने ऑल इंडिया कोटे की खाली पड़ी 54 सीटें को स्टेट कोटे में चेंज कर दिया.

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हर साल फीस को लेकर होते हैं विवाद


हर साल फीस को लेकर होते हैं विवाद
उत्तराखंड में MBBS की ज्यादा फीस हमेशा से विवादों में रही है. तकरीबन हर साल मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा. हेमवती नंदन बहुगुणा मेडिकल यूनिवर्सिटी ने इस बार सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों के लिए जो फीस तय की है वो है स्टेट कोटे के लिए फीस सालाना 4 लाख रुपए जबकि ऑल इंडिया कोटे के लिए 9 लाख रुपए. प्राइवेट कॉलेजों के एमबीबीएस स्टूडेंट्स की पैरेटेंस एसोसिएशन हर साल इस मामले पर सवाल उठाती हैं. साल 2018 में जब विवाद ज्यादा बढ़ा तो सरकार ने फीस पर नियंत्रण के लिए एंब्रैला एक्ट की बात कही थी, लेकिन आज तक ये एक्ट तैयार नहीं हो पाया है.

सरकार का कमज़ोर रवैया ज़िम्मेदार
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उत्तराखंड में सरकारी मेडिकल कॉलेजों में ऑल इंडिया कोटे की सीटें खाली रहने पर मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट के अफसर चुप्पी साधे हुए है. सवाल पूछने पर भी कोई अफसर इस मसले पर बात नहीं करना चाहता, हालांकि नाम कोट ना करने की शर्त पर अफसर इसके लिए सरकारों के कमजोर रवैये को जिम्मेदार मानते हैं. हालांकि इस बार 54 ऑल इंडिया कोटे की सीटें स्टेट कोटे में कन्वर्ट होने से राज्य के छात्रों के लिए सीटें जरूर बढ़ गई हैं.

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First published: August 5, 2019, 3:02 PM IST
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